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Hamirpur News: भाजपा नेता प्रीतम सिंह मामले में साक्ष्य जुटा रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:13 AM IST
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राठ (हमीरपुर)। भाजपा नेता प्रीतम सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी है। यह मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह के पेट्रोल पंप पर 18 अक्तूबर की रात एक बजे विवाद हुआ था। पुलिस उन्हें कोतवाली ले गई थी। अगले दिन पुलिस ने उन्हें छोड़ा इसके बाद से वह लापता हो गए थे। भाई वीरसिंह एडवोकेट ने पुलिस पर उन्हें लापता करने की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस उन्हें खोजने में जुट गई। 55 दिन बाद 12 दिसंबर की शाम पुलिस ने लखनऊ से उन्हें खोज निकाला।
प्रीतम सिंह ने बताया कि वह 30 साल से वह राजनीति में हैं। उनपर आज तक एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने 12 घंटे कोतवाली में बैठाकर उनका अपमान किया। इससे आहत होकर वह चले गए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस के खिलाफ उनके भाई हाईकोर्ट गए थे। वहीं पंप पर हुई मारपीट मामले में दूसरे पक्ष से पनवाड़ी के बुड़ौरा निवासी नरेश कुमार ने मारपीट का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर प्रीतम सिंह किसान, उनके बेटे सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। सीओ राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि मामले में विवेचना व साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। बुधवार को प्रीतम सिंह किसान के आवास पर मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। यहां पर भी पुलिस की नजर रही।
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प्रीतम सिंह ने बताया कि वह 30 साल से वह राजनीति में हैं। उनपर आज तक एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने 12 घंटे कोतवाली में बैठाकर उनका अपमान किया। इससे आहत होकर वह चले गए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस के खिलाफ उनके भाई हाईकोर्ट गए थे। वहीं पंप पर हुई मारपीट मामले में दूसरे पक्ष से पनवाड़ी के बुड़ौरा निवासी नरेश कुमार ने मारपीट का आरोप लगाया था। कोर्ट के आदेश पर प्रीतम सिंह किसान, उनके बेटे सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। सीओ राजीव प्रताप सिंह ने कहा कि मामले में विवेचना व साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। बुधवार को प्रीतम सिंह किसान के आवास पर मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। यहां पर भी पुलिस की नजर रही।
