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Hapur News: फैक्टरियों में बन रहे बोतल बंद मिनरल वाटर के नमूने फेल, पानी में मिला हानिकारक बैक्टीरिया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:28 AM IST
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Bottled mineral water samples produced in factories fail, harmful bacteria found in the water
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हापुड़। खाद्य पदार्थों के बाद अब बोतलबंद पानी भी पीने योग्य नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा जनवरी में अलग-अलग प्लांट से लिए गए बोतलबंद पानी के पांच नमूने फेल आए हैं। इनमें हानिकारक बैक्टीरिया पाया गया है। नमूने फेल आने पर विभाग ने चार कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, जबकि पांचवीं एक अन्य कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए केंद्र से संस्तुति की है। सभी कंपनियां धौलाना स्थित यूपीएसआईडीसी क्षेत्र से संबंधित हैं।
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मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद प्रदेशभर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्टरियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। हापुड़ में भी लखनऊ और विभिन्न जनपदों के 18 सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने धौलाना के यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में 9 और 10 जनवरी को अभियान चलाया था। इसमें 12 कंपनियों से 16 नमूने लिए गए थे जिसकी रिपोर्ट अब जारी हुई है। इनमें से पांच नमूने फेल हुए हैं, इनमें दो एक ही कंपनी के हैं।
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खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन आयुक्त द्वितीय सुनील सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए नमूनों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर कंपनी ऐलिन, सिग्नेचर, विरगो और टॉनिक के पांच नमूने अधोमानक पाए गए हैं। इनमें ऐलिन के दो नमूने शामिल हैं। इसके आधार पर इन कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जबकि एक कंपनी का लाइसेंस केंद्र से जारी होने के कारण केंद्र को इसकी संस्तुति की गई है। बोतल बंद इस पानी में हानिकारक ई कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है। बड़ी बात यह है कि इन फैक्टरियों का पानी स्थानीय स्तर के साथ अन्य प्रदेशों में भी सप्लाई हो रहा था।

क्या है ई कोलाई बैक्टीरिया
यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से पानी में मानव या पशु मल के संपर्क से आता है। यह सीवेज के पानी, खेताें से निकले पानी या गंदे पानी के रिसाव के माध्यम से पीने के पानी के स्रोतों तक पहुंचता है। मुख्य रूप से यह कुओं या बोरवेलों के पास कीचड़, गंदा पानी या जानवरों के अवशेष रहने से पानी के स्रोतों तक पहुंचता है। ऐसे में बोतल बंद पानी में इसके पहुंचने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन फैक्टरियों की ओर से घोर लापरवाही बरती गई है।

बाजारों में खपाया जा रहा लाखों लीटर दूषित पानी

यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की कुल 16 फैक्टरियां मौजूद हैं। इनमें सभी फैक्टरियों से टीम ने पानी के नमूने लिए थे। इनमें से 14 फैक्टरियों में पैक्ड पानी मिला था। जबकि दो फैक्टरियां बंद थीं और दो में पानी पैक होने की प्रक्रिया बंद थी। कुल मिलाकर चल रही फैक्टरियां बाजारों में लाखों लीटर पानी खपा रही थीं और लोग रुपये खर्च करने के बावजूद दूषित पानी पी रहे थे।

जनरल फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि इस प्रकार के बैक्टीरिया से लैस दूषित पानी बीमार कर देगा। पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, लिवर में इंफेक्शन जैसी बीमारियां पैदा करती है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका असर और भी खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक यह पानी पीने से यह कैंसर जैसे गंभीर रोग का कारण भी बन सकता है।
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