{"_id":"69b1a2f3c9b33293300ff9a3","slug":"dna-test-of-newborn-girl-will-be-done-family-met-dm-hapur-news-c-135-1-hpr1002-138252-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: नवजात बच्ची का होगा डीएनए टेस्ट, डीएम से मिले परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: नवजात बच्ची का होगा डीएनए टेस्ट, डीएम से मिले परिजन
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित अखिल मेमोरियल हॉस्पिटल में नवजात बच्चे को बदलने का आरोप लगा रहे परिजन बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम के समक्ष उन्होंने अस्पताल के उस रिकॉर्ड को रखा, जिसमें फेरबदल किया गया। परिजनों ने बच्ची के डीएनए टेस्ट की मांग की। डीएम ने भी मामले की स्पष्ट जांच कराने का आश्वासन दिया।
नगर के शिवलोक कॉलोनी निवासी सोनू गर्ग ने बताया कि रात में सोमवार रात पत्नी का सिजेरियन प्रसव हुआ। तब चिकित्सक और स्टाफ ने बेटा होने की जानकारी दी थी। रिकॉर्ड में भी बेटा होना ही लिखा गया, लेकिन मंगलवार सुबह जब नवजात के कपड़े बदले तब वह बेटी थी। उन्होंने कहा कि हमें बेटा या बेटी को लेकर कोई समस्या नहीं है। सिर्फ चिकित्सक की दी जानकारी और रिकॉर्ड में लिखे शब्द से उनके मन में शक पैदा हो गया है।
मंगलवार की रात भी अस्पताल में काफी हंगामा हुआ था। बुधवार की सुबह सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव और परिजन डीएम से मिलने पहुंचे। परिजनों ने कहा कि बेटी का डीएनए टेस्ट होना चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस पर डीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि पूरा प्रकरण संज्ञान में है। डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
डीएम से आश्वासन मिलने के बाद परिजन वापस लौट आए। सोनू गर्ग का कहना है कि नवजात शिशु को जो भी देखता है वह यही कहता है कि बच्चा दो से तीन दिन पहले जन्म लेने वाला है। अस्पताल की ओर से रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना, अधिक शक पैदा करता है। इसी का परिजन ज्यादा विरोध कर रहे हैं।
-- --
-- --
कोट
परिजनों ने डीएनए टेस्ट की स्वीकृति दी है, प्रक्रिया के तहत बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसमें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।-- -वरूण मिश्रा, सीओ।
-- -
जतिन त्यागी
Trending Videos
नगर के शिवलोक कॉलोनी निवासी सोनू गर्ग ने बताया कि रात में सोमवार रात पत्नी का सिजेरियन प्रसव हुआ। तब चिकित्सक और स्टाफ ने बेटा होने की जानकारी दी थी। रिकॉर्ड में भी बेटा होना ही लिखा गया, लेकिन मंगलवार सुबह जब नवजात के कपड़े बदले तब वह बेटी थी। उन्होंने कहा कि हमें बेटा या बेटी को लेकर कोई समस्या नहीं है। सिर्फ चिकित्सक की दी जानकारी और रिकॉर्ड में लिखे शब्द से उनके मन में शक पैदा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार की रात भी अस्पताल में काफी हंगामा हुआ था। बुधवार की सुबह सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव और परिजन डीएम से मिलने पहुंचे। परिजनों ने कहा कि बेटी का डीएनए टेस्ट होना चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस पर डीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि पूरा प्रकरण संज्ञान में है। डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
डीएम से आश्वासन मिलने के बाद परिजन वापस लौट आए। सोनू गर्ग का कहना है कि नवजात शिशु को जो भी देखता है वह यही कहता है कि बच्चा दो से तीन दिन पहले जन्म लेने वाला है। अस्पताल की ओर से रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करना, अधिक शक पैदा करता है। इसी का परिजन ज्यादा विरोध कर रहे हैं।
कोट
परिजनों ने डीएनए टेस्ट की स्वीकृति दी है, प्रक्रिया के तहत बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसमें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
जतिन त्यागी