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Hapur News: बेमौसम बारिश फसल क्षति का अटका मुआवजा, बीमा कंपनी ने नहीं किया सर्वे, नोटिस जारी
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हापुड़। बेमौसम बारिश में बर्बाद फसलों का किसानों को मुआवजा मिलना आसान नहीं हैं, क्योंकि अभी तक बीमा कंपनी ने सर्वे ही नहीं किया है। सर्वे रिपोर्ट न आने के कारण कृषि विभाग फाइल आगे नहीं बढ़ा पा रहा। इस समस्या पर जिला कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किया है।
पिछले दिनों बरसात में आलू की खोदाई रूक गई थी। आलू की गुणवत्ता को काफी नुकसान हुआ। बाजार में अभी भी आलू बहुत कम दाम पर बिक्री हो रहा है। इसी के साथ गेहूं और सरसों को भी काफी नुकसान हुआ है। रबी सीजन में 1380 किसानों ने गेहूं, सरसों, आलू की फसल का बीमा कराया था।
नुकसान का आकलन करने के लिए किसानों ने सूचना भी दे दी लेकिन इन कंपनी प्रतिनिधियों ने अभी तक सर्वे कर कृषि अधिकारी को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। कालंद निवासी किसानों ने इस प्रकरण में शासन में शिकायत की, जिसका जवाब हापुड़ के अधिकारियों से मांगा गया।
इस प्रकरण में जिला कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इनके द्वारा अभी तक सर्वे भी नहीं किया गया है। जबकि बारिश करीब दस दिन पहले हुई थी। इसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार भी हो जानी चाहिए थी। सोमवार को कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक सूचना मांगी है।
-डेढ़ फीसदी प्रीमियम पर होता है फसल बीमा-
गेहूं की बात करें तो एक हेक्टेयर की फसल का बीमा 1381.50 रुपये में होता है। इसमें 92100 रुपये तक का नुकसान कवर हो जाता है। कुल कवर राशि का डेढ़ फीसदी प्रीमियम किसानों से लिया जाता है। हालांकि जिले में बीमा कंपनियों का कहना है कि जहां नुकसान 20 फीसदी से अधिक होता है, वहां बीमा का लाभ किसानों को दिया जाता है।
-जिले में फसलों का रकबा-
फसल रकबा बीमित किसान
गेहूं 40357 हेक्टेयर 1375
सरसों 3947 हेक्टेयर-- -
आलू 4500 हेक्टेयर 05
मसूर 406 हेक्टेयर-- --
-सोमवार को खराब मौसम से बढ़ी मुश्किलें-
गेहूं की फसल पक रही है। सरसों की निकासी भी चल रही है। सोमवार को आसमान में घने बादल छाए रहे। शाम के समय बूंदाबांदी भी हुई। यह मौसम फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है। जिस कारण किसानों की चिंताएं बढ़ी रहीं हैं।
बीमा कंपनी को लिखा है पत्र
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि बेमौसम बारिश में फसल क्षति के सर्वे की रिपोर्ट अभी तक बीमा कंपनियों ने नहीं दी है। किसानों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इस संबंध में कंपनी को पत्र लिखा है।
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पिछले दिनों बरसात में आलू की खोदाई रूक गई थी। आलू की गुणवत्ता को काफी नुकसान हुआ। बाजार में अभी भी आलू बहुत कम दाम पर बिक्री हो रहा है। इसी के साथ गेहूं और सरसों को भी काफी नुकसान हुआ है। रबी सीजन में 1380 किसानों ने गेहूं, सरसों, आलू की फसल का बीमा कराया था।
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नुकसान का आकलन करने के लिए किसानों ने सूचना भी दे दी लेकिन इन कंपनी प्रतिनिधियों ने अभी तक सर्वे कर कृषि अधिकारी को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। कालंद निवासी किसानों ने इस प्रकरण में शासन में शिकायत की, जिसका जवाब हापुड़ के अधिकारियों से मांगा गया।
इस प्रकरण में जिला कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इनके द्वारा अभी तक सर्वे भी नहीं किया गया है। जबकि बारिश करीब दस दिन पहले हुई थी। इसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार भी हो जानी चाहिए थी। सोमवार को कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर आवश्यक सूचना मांगी है।
-डेढ़ फीसदी प्रीमियम पर होता है फसल बीमा-
गेहूं की बात करें तो एक हेक्टेयर की फसल का बीमा 1381.50 रुपये में होता है। इसमें 92100 रुपये तक का नुकसान कवर हो जाता है। कुल कवर राशि का डेढ़ फीसदी प्रीमियम किसानों से लिया जाता है। हालांकि जिले में बीमा कंपनियों का कहना है कि जहां नुकसान 20 फीसदी से अधिक होता है, वहां बीमा का लाभ किसानों को दिया जाता है।
-जिले में फसलों का रकबा-
फसल रकबा बीमित किसान
गेहूं 40357 हेक्टेयर 1375
सरसों 3947 हेक्टेयर
आलू 4500 हेक्टेयर 05
मसूर 406 हेक्टेयर
-सोमवार को खराब मौसम से बढ़ी मुश्किलें-
गेहूं की फसल पक रही है। सरसों की निकासी भी चल रही है। सोमवार को आसमान में घने बादल छाए रहे। शाम के समय बूंदाबांदी भी हुई। यह मौसम फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है। जिस कारण किसानों की चिंताएं बढ़ी रहीं हैं।
बीमा कंपनी को लिखा है पत्र
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि बेमौसम बारिश में फसल क्षति के सर्वे की रिपोर्ट अभी तक बीमा कंपनियों ने नहीं दी है। किसानों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इस संबंध में कंपनी को पत्र लिखा है।