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Hapur News: डीएम और सीडीओ की बिना अनुमति के गांवों में नहीं होंगे विकास कार्य
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हापुड़। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को कराने के लिए अब डीएम और सीडीओ की अनुमति जरूर लेनी होगी। प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे ग्राम प्रधानों के लगातार दिए जा रहे प्रस्तावों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पंचायती राज विभाग से सभी प्रस्ताव डीएम को अनुमोदन के लिए भेजे जा रहे हैं।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। जिसके बाद अब ग्राम प्रधान प्रशासकों के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों में विकास से संबंधित कार्य कराने को लेकर लगातार ग्राम प्रधान प्रस्ताव दे रहे हैं। कुछ गांवों में इस प्रकार की शिकायतें हैं कि पुन: चुनाव लड़ने की इच्छा वाले प्रधान अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराना चाहते हैं और इसके लिए आवेदन दिला रहे हैं।
इस कारण पंचायती राज विभाग ने आरोपों से बचाव को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचना दी थी, इसमें तय हुआ है कि कोई भी नया काम शुरू करने से पहले डीएम का अनुमोदन लेना होगा। गांव में बिना किसी राजनीति के साधारण रूप से कार्य कराने को लेकर यह कदम उठाया गया है।
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बता दें कि शासन के आदेश हैं कि अभी पूर्व के कार्यकाल के बकाया कार्यों को ही पहले पूरा कराया जाए, इसके बाद ग्रामीणों की सहूलियत को देखते हुए अन्य कार्य लिए जाए।
मामले में सीडीओ श्रुति शर्मा का कहना है कि गांवों में सड़क निर्माण से लेकर दूसरे विकास कार्य शुरू कराने से पहले अब जिलाधिकारी से अनुमोदन लेना होगा। इसके लिए फाइल बनकर पहले पंचायती राज विभाग में जाएगी। बिना स्वीकृति के कोई भी काम शुरू करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। जिसके बाद अब ग्राम प्रधान प्रशासकों के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों में विकास से संबंधित कार्य कराने को लेकर लगातार ग्राम प्रधान प्रस्ताव दे रहे हैं। कुछ गांवों में इस प्रकार की शिकायतें हैं कि पुन: चुनाव लड़ने की इच्छा वाले प्रधान अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराना चाहते हैं और इसके लिए आवेदन दिला रहे हैं।
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इस कारण पंचायती राज विभाग ने आरोपों से बचाव को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचना दी थी, इसमें तय हुआ है कि कोई भी नया काम शुरू करने से पहले डीएम का अनुमोदन लेना होगा। गांव में बिना किसी राजनीति के साधारण रूप से कार्य कराने को लेकर यह कदम उठाया गया है।
बता दें कि शासन के आदेश हैं कि अभी पूर्व के कार्यकाल के बकाया कार्यों को ही पहले पूरा कराया जाए, इसके बाद ग्रामीणों की सहूलियत को देखते हुए अन्य कार्य लिए जाए।
मामले में सीडीओ श्रुति शर्मा का कहना है कि गांवों में सड़क निर्माण से लेकर दूसरे विकास कार्य शुरू कराने से पहले अब जिलाधिकारी से अनुमोदन लेना होगा। इसके लिए फाइल बनकर पहले पंचायती राज विभाग में जाएगी। बिना स्वीकृति के कोई भी काम शुरू करने पर सख्त कार्रवाई होगी।