सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Simbhawali Trauma Center Crippled by Shortage of Doctors; Multi-Crore Facilities Go to Waste

Hapur News: चिकित्सकों की कमी से बेहाल सिंभावली ट्रॉमा सेंटर, करोड़ों की सुविधाएं बेकार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
Simbhawali Trauma Center Crippled by Shortage of Doctors; Multi-Crore Facilities Go to Waste
गांव सिखैड़ा का ट्रामा सेंटर। संवाद - फोटो : 1
विज्ञापन
सिंभावली। क्षेत्र की आपात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया सिंभावली ट्रॉमा सेंटर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और पर्याप्त चिकित्सकों व स्टाफ की नियुक्ति न होने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक मशीनें धूल फांक रही हैं, जबकि मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
Trending Videos

पुराने नेशनल हाईवे पर स्थित गांव सिखैड़ा में बनाए गए इस ट्रामा सेंटर का निर्माण करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया था। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के मामलों में त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना था लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह केंद्र अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। ट्रामा सेंटर में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और लैब जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन विशेषज्ञ चिकिस्तकोंं और तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते ये सभी सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में सिर्फ दो चिकित्सक तैनात हैं, जो सीमित संसाधनों के चलते प्रभावी इलाज नहीं दे पा रहे। ऐसे में जब भी कोई गंभीर मरीज या हादसे का शिकार व्यक्ति यहां पहुंचता है, तो उसे प्राथमिक उपचार देकर मेरठ रेफर कर दिया जाता है। इससे इलाज में देरी होती है और कई बार मरीज की स्थिति और बिगड़ जाती है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा दी गईं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए आवश्यक संसाधन नहीं दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रामा सेंटर में जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि यह केंद्र पूरी क्षमता से कार्य कर सके और क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

45 की जगह सिर्फ 15 कर्मचारी
ट्रामा सेंटर में जहां 45 कर्मचारियों की जरूरत है, वहां केवल 15 ही तैनात हैं। स्टाफ की इस भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। मरीजों को जरूरी जांच व उपचार नहीं मिल पा रहा। इससे परेशानी लगातार बढ़ रही है।
करोड़ों की मशीनें बनीं शोपीस
सीटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी महंगी मशीनें ट्रामा सेंटर में मौजूद हैं, लेकिन ऑपरेटर और विशेषज्ञों के अभाव में ये बेकार पड़ी हैं। वर्षों से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा। इससे सरकारी निवेश का कोई लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।
गंभीर मरीज मेरठ रेफर
ट्रामा सेंटर में पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण गंभीर मरीजों को तुरंत मेरठ रेफर किया जाता है। इससे इलाज में देरी होती है और कई बार रास्ते में मरीज की हालत और बिगड़ जाती है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बोले अधिकारी
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने कहा कि शासन को पत्राचार किया हुआ है। जल्द समाधान होने की उम्मीद है। सभी सुविधाएं जल्द चालू कराई जाएंगी।

गांव सिखैड़ा का ट्रामा सेंटर। संवाद

गांव सिखैड़ा का ट्रामा सेंटर। संवाद- फोटो : 1

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed