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Hapur News: भुगतान में पिछड़ी चीनी मिल, संचालन पर खतरा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:40 AM IST
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Sugar mill lags in payments; operations at risk.
हापुड़। गन्ना भुगतान में सिंभावली चीनी मिल लगातार पिछड़ रही है। पांच साल के आंकड़ों में देखें तो पिछले दो वर्षों से बकायेदारी नए सत्र तक भी खत्म नहीं हो रही। पेराई का क्षेत्र घटने के बावजूद देनदारी कम नहीं हो रही है।
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इसका असर आगामी पेराई सत्र पर पड़ सकता है, क्योंकि किसानों ने इस मिल के केंद्र विभिन्न गांवों से हटाने की मांग उठानी शुरू कर दी है।
जिले में मुख्यत गन्ने की खेती होती है, लेकिन भुगतान में बदहाली के चलते किसान आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से भुगतान की स्थिति बेहद खराब है। आलम यह है कि पिछले साल ही गन्ना विभाग की रिपोर्ट पर शासन ने सिंभावली चीनी मिल से करीब 50 लाख क्विंटल गन्ना हटाकर दूसरे जिलों के चीनी मिलों को दे दिया था।
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इस समूह की चिलवारिया चीनी मिल पिछले सत्र में संचालित ही नहीं हो सकी थी। जिस तरह भुगतान के हालात यहां बने हुए हैं उससे संभावना है कि हापुड़ की स्थिति भी चिलवारिया जैसी ही न हो जाए।
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पिछले पांच साल के जनवरी तक के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2021-22 के बाद 2024 तक लगातार देनदारी का ग्राफ कम हुआ है लेकिन इसके बाद फिर से देनदारी बढ़ी है, आलम यह है कि पुराने सत्र का भुगतान करने के लिए बड़ी मात्रा में नए सत्र की चीनी बिक्री करनी पड़ रही है।

सिंभावली चीनी मिल पर अभी भी किसानों का 170 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि मिल को बंद हुए करीब पांच महीने हो चुके हैं। आगे भी भुगतान में तेजी आए, इसकी संभावना भी कम ही दिख रही है।
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