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Hardoi News: प्रतिमा विसर्जन के दौरान गोमती में डूबने से किसान की मौत
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भरावन। अतरौली थाना क्षेत्र के चमका गांव में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर एक युवक की गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई। 35 वर्षीय बबलू प्रतिमा विसर्जन के बाद स्नान करने नदी में उतरा था। नदी में उगी जलीय घास में पैर फंसने के कारण वह गहरे पानी में समा गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला।
चमका गांव के लालपुर खाले स्थित सिद्धनाथ बाबा मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा चल रही थी। बुधवार को कथा के समापन पर श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए ढोल नगाड़ों के साथ गोमती नदी तट पर गए थे। बबलू भी अन्य श्रद्धालुओं के साथ विसर्जन के बाद नदी में स्नान करने उतरा था।
नदी में स्नान करते समय बबलू का पैर भीतर उगी जलीय घास में फंस गया। वह खुद को संभाल नहीं पाया और गहरे पानी में डूबने लगा। बबलू को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। गांव के अनिल ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह गहरे पानी में समा गया।
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सूचना मिलने पर दीवान वीरेंद्र कुमार और मोतीलाल कुशवाहा ने स्थानीय गोताखोरों को मौके पर बुलाया। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने घटनास्थल से 500 मीटर दूर नदी से बबलू का शव ढूंढ़ निकाला। ग्रामीण उसे भरावन सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अतरौली थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दो दिन बाद चचेरे भाई की बेटी की है शादी
बबलू के बड़े भाई रामू ने बताया कि बबलू खेती किसानी के साथ मकानों की छतों पर लोहे का जाल बांधने की मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी रजनी, बेटे विकास (18), विवेक (12) और बेटियों पूजा (17) व आरती (10) है। बताया कि 19 जून को चचेरे भाई रामोध की बेटी की शादी है, जिसकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। हादसे के बाद मांगलिक परिवार के घर में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
चमका गांव के लालपुर खाले स्थित सिद्धनाथ बाबा मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा चल रही थी। बुधवार को कथा के समापन पर श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए ढोल नगाड़ों के साथ गोमती नदी तट पर गए थे। बबलू भी अन्य श्रद्धालुओं के साथ विसर्जन के बाद नदी में स्नान करने उतरा था।
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नदी में स्नान करते समय बबलू का पैर भीतर उगी जलीय घास में फंस गया। वह खुद को संभाल नहीं पाया और गहरे पानी में डूबने लगा। बबलू को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। गांव के अनिल ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह गहरे पानी में समा गया।
सूचना मिलने पर दीवान वीरेंद्र कुमार और मोतीलाल कुशवाहा ने स्थानीय गोताखोरों को मौके पर बुलाया। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने घटनास्थल से 500 मीटर दूर नदी से बबलू का शव ढूंढ़ निकाला। ग्रामीण उसे भरावन सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अतरौली थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दो दिन बाद चचेरे भाई की बेटी की है शादी
बबलू के बड़े भाई रामू ने बताया कि बबलू खेती किसानी के साथ मकानों की छतों पर लोहे का जाल बांधने की मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी रजनी, बेटे विकास (18), विवेक (12) और बेटियों पूजा (17) व आरती (10) है। बताया कि 19 जून को चचेरे भाई रामोध की बेटी की शादी है, जिसकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। हादसे के बाद मांगलिक परिवार के घर में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।