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Hardoi News: वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने किया प्रदर्शन
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हरदोई। निबंधन विभाग के निजीकरण और ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। जिलेभर के रजिस्ट्री कार्यालयों पर प्रदर्शन हुए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे गए। प्रदर्शनकारियों ने इसे रोजगार और अधिकारों पर सीधा हमला बताया। सवायजपुर में उप निबंधक से वकीलों की नोकझोंक भी हुई।
हड़ताल के कारण बैनामा और दस्तावेज लिखने का काम पूरी तरह ठप रहा। रजिस्ट्री कार्यालयों में दस्तावेज लेखकों के तखत खाली पड़े रहे। कलक्ट्रेट स्थित निबंधक कार्यालय पर वकील, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर एकत्र हुए। उन्होंने तहसीलों में मार्च भी निकाला। इस दौरान रवींद्र श्रीवास्तव, सतेंद्र कुमार और राजीव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आगामी रणनीति जल्द ही तय की जाएगी। निजीकरण और ई-रजिस्ट्री को प्रभावी करने के सरकारी निर्णय का व्यापक विरोध देखा गया। वकीलों ने इस कदम को अपने रोजगार और आमजन के लिए परेशानी का कारण बताया।
संडीला में अधिवक्ताओं ने सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने निजीकरण को रोजगार और अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की। सवायजपुर में दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप-निबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राम बिहारी मिश्रा ने ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे आमजन और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों को परेशानी होगी।
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शाहाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन का प्रयास किया। इसकी भनक लगने पर तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी आलोक राज नारायण और एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश लोधी, बलराम दीक्षित और घनश्याम द्विवेदी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
हड़ताल के कारण बैनामा और दस्तावेज लिखने का काम पूरी तरह ठप रहा। रजिस्ट्री कार्यालयों में दस्तावेज लेखकों के तखत खाली पड़े रहे। कलक्ट्रेट स्थित निबंधक कार्यालय पर वकील, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर एकत्र हुए। उन्होंने तहसीलों में मार्च भी निकाला। इस दौरान रवींद्र श्रीवास्तव, सतेंद्र कुमार और राजीव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आगामी रणनीति जल्द ही तय की जाएगी। निजीकरण और ई-रजिस्ट्री को प्रभावी करने के सरकारी निर्णय का व्यापक विरोध देखा गया। वकीलों ने इस कदम को अपने रोजगार और आमजन के लिए परेशानी का कारण बताया।
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संडीला में अधिवक्ताओं ने सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने निजीकरण को रोजगार और अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की। सवायजपुर में दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप-निबंधक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राम बिहारी मिश्रा ने ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे आमजन और रजिस्ट्री कार्य से जुड़े लोगों को परेशानी होगी।
शाहाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन का प्रयास किया। इसकी भनक लगने पर तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी आलोक राज नारायण और एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा को चार सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश लोधी, बलराम दीक्षित और घनश्याम द्विवेदी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।