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समझौते में न किसी की हार न जीत, समस्या का निस्तारण हो जाता : जिला जज
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फोटो-40-लोक अदालत का निरीक्षण करती जिला जज रीता कौशिक, साथ में प्रधान न्यायाधीश महेंद्र न
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हरदोई। सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिला जज रीता कौशिक ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। परिसर में लगे विभिन्न शिविरों का भ्रमण भी उन्होंने किया। लोक अदालत के दौरान बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से किया गया।
इस दौरान जिला जज रीता कौशिक ने कहा कि संवाद से विवाद का हल सम्मानजनक ढंग से निकलता है। समझौते में कोई छोटा होता है और न बड़ा। समझौते में न तो किसी की हार होती है और न जीत, लेकिन समस्या का निस्तारण हो जाता है। लाेक अदालत में प्रमुख रूप से एडीजे प्रथम कुसुमलता, योगेंद्र चौहान, मनमोहन सिंह, यशपाल, सीजेएम रिचा वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव काव्या सिंह, बार एसोसिएशन की अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
केस-1
प्रधान न्यायाधीश ने समझाए पारिवारिक मूल्य तो एक हो गया परिवार
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी पीएचडी होल्डर शख्स ने 28 नवंबर 2022 को तलाक का मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि उनकी शादी नगर के चौहान थोक निवासी एक युवती के साथ एक फरवरी 2013 को हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद तक सब ठीक रहा। इसके बाद घरेलू कार्यो व मोबाइल को लेकर विवाद होने लगा। मामला इतना बढ़ा कि तलाक की नौबत आ गई। करीब साढ़े तीन साल से चल रहे मुकदमें में सुनवाई भी हुई। प्रधान न्यायाधीश महेंद्र नाथ ने दोनों को पारिवारिक मूल्यों को समझाया। दोनों ने न्यायालय में सहमति पत्र दाखिल किया और कहा कि आपसी झगड़े मिटाकर अब दोनों साथ में रहेंगे। अब कोई भी झगड़ा नहीं करेंगे और मामला खत्म हो गया।
केस-2
कुछ कर्जदार ने समझा, कुछ बैंक के जिम्मेदार ने तो बन गई बात
हरियावां के सत्यदेव ने बैंक ऑफ इंडिया से 25 अक्तूबर 2019 को क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 3.28 लाख रुपये उन्होंने खेती के कार्याें के लिए निकाले थे। परिस्थितियों के कारण वह रुपये जमा नहीं कर पाए। बैंक ने कई नोटिसें जारी कर दीं और फिर ब्याज भी बढ़ गया। लोक अदालत में उन्होंने एलडीएम अरविंद रंजन से काफी देर तक चर्चा की। चर्चा के बाद 1.25 लाख रुपये कम कर जमा करने पर सहमति बनी।
केस-3
दोनों की दौड़ बची, मुकदमे से बचा ट्रैक्टर मालिक, महिला को दिया सहारा
कासिमपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी क्षमता पत्नी सुनील ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि उनके पति सुनील साइकिल से 27 अप्रैल 2014 को घर आ रहे थे। संडीला कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनको टक्कर मार दी थी। मौके पर ही सुनील की मौत हो गई थी। ट्रैक्टर संडीला कोतवाली क्षेत्र के बेसरिया गांव निवासी सर्वेश का था। सुनील के परिवार में दो पुत्री व एक पुत्र और माता-पिता थे। लोक अदालत से पहले अध्यक्ष विशंभर प्रसाद ने दोनों पक्षों में वार्ता कराई। सर्वेश क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपये क्षमता को देने का सहमत हो गए और मामला निस्तारित हो गया।
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इस दौरान जिला जज रीता कौशिक ने कहा कि संवाद से विवाद का हल सम्मानजनक ढंग से निकलता है। समझौते में कोई छोटा होता है और न बड़ा। समझौते में न तो किसी की हार होती है और न जीत, लेकिन समस्या का निस्तारण हो जाता है। लाेक अदालत में प्रमुख रूप से एडीजे प्रथम कुसुमलता, योगेंद्र चौहान, मनमोहन सिंह, यशपाल, सीजेएम रिचा वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव काव्या सिंह, बार एसोसिएशन की अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
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केस-1
प्रधान न्यायाधीश ने समझाए पारिवारिक मूल्य तो एक हो गया परिवार
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी पीएचडी होल्डर शख्स ने 28 नवंबर 2022 को तलाक का मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि उनकी शादी नगर के चौहान थोक निवासी एक युवती के साथ एक फरवरी 2013 को हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद तक सब ठीक रहा। इसके बाद घरेलू कार्यो व मोबाइल को लेकर विवाद होने लगा। मामला इतना बढ़ा कि तलाक की नौबत आ गई। करीब साढ़े तीन साल से चल रहे मुकदमें में सुनवाई भी हुई। प्रधान न्यायाधीश महेंद्र नाथ ने दोनों को पारिवारिक मूल्यों को समझाया। दोनों ने न्यायालय में सहमति पत्र दाखिल किया और कहा कि आपसी झगड़े मिटाकर अब दोनों साथ में रहेंगे। अब कोई भी झगड़ा नहीं करेंगे और मामला खत्म हो गया।
केस-2
कुछ कर्जदार ने समझा, कुछ बैंक के जिम्मेदार ने तो बन गई बात
हरियावां के सत्यदेव ने बैंक ऑफ इंडिया से 25 अक्तूबर 2019 को क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 3.28 लाख रुपये उन्होंने खेती के कार्याें के लिए निकाले थे। परिस्थितियों के कारण वह रुपये जमा नहीं कर पाए। बैंक ने कई नोटिसें जारी कर दीं और फिर ब्याज भी बढ़ गया। लोक अदालत में उन्होंने एलडीएम अरविंद रंजन से काफी देर तक चर्चा की। चर्चा के बाद 1.25 लाख रुपये कम कर जमा करने पर सहमति बनी।
केस-3
दोनों की दौड़ बची, मुकदमे से बचा ट्रैक्टर मालिक, महिला को दिया सहारा
कासिमपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी क्षमता पत्नी सुनील ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया था कि उनके पति सुनील साइकिल से 27 अप्रैल 2014 को घर आ रहे थे। संडीला कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनको टक्कर मार दी थी। मौके पर ही सुनील की मौत हो गई थी। ट्रैक्टर संडीला कोतवाली क्षेत्र के बेसरिया गांव निवासी सर्वेश का था। सुनील के परिवार में दो पुत्री व एक पुत्र और माता-पिता थे। लोक अदालत से पहले अध्यक्ष विशंभर प्रसाद ने दोनों पक्षों में वार्ता कराई। सर्वेश क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपये क्षमता को देने का सहमत हो गए और मामला निस्तारित हो गया।