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Hardoi News: साल 2029 तक रखरखाव की जिम्मेदारी फिर भी राहगीर खा रहे गड्ढों में हिचकोले
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हरदोई/टड़ियावां। टड़ियावां से दधनामऊ तक 15.600 किलोमीटर लंबाई वाली सड़क पर सफर गड्ढों से होकर ही पूरा होता है। यह सड़क साल 2024 में बनवाई गई थी। सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी संबंधित फर्म को 2029 तक दी गई है। सड़क पर रखरखाव का लगा बोर्ड भी राहगीरों को चिढ़ा रहा है।
गड्ढामुक्त सड़कों की सरकार की प्राथमिकता पर ठेकेदार की मनमानी भारी पड़ती दिखाई दे रही है। टड़ियावां से दधनामऊ सड़क पर टड़ियावां चौराहे से ही राहगीरों को गड्ढों से होकर सफर शुरू करना होता है। इसके बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और पूरी सड़क में कट जैसे बने हुए हैं। इससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों के साथ ही हादसों की भी आशंका रहती है। सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए शासन से रुपये लेने की भी जरूरत नहीं है। बावजूद इसके सड़क गड्ढों में तब्दील होती जा रही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में टड़ियावां से दधनामऊ तक डामरीकृत और आरसीसी सड़क बनवाई गई है। कुल 15.600 किलोमीटर लंबी सड़क में से 1.160 किलोमीटर सड़क आरसीसी बनवाई गई है जबकि शेष भाग 14.440 किलोमीटर लंबाई में सड़क डामरीकृत बनवाई गई है। सड़क बनवाए जाने पर 1946.41 लाख रुपये खर्च किए गए हैं जबकि 22 फरवरी 2029 तक सड़क के रखरखाव के लिए 1.43 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएमजीएसवाई में बनवाई गई इस सड़क के काम की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली थी।
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इसी निविदा प्रक्रिया में काम कराने के लिए ठेका मेसर्स एलएसआर इंफ्राकाॅन प्राइवेट लि. को मिला। ठेकेदार ने साल 2024 में सड़क बनाते हुए रखरखाव का भी बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। इससे इस सड़क पर पड़ने वाले गांवाें के लोगों के साथ ही अन्य राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। दो पहिया, चार पहिया वाहन के साथ ही ई-रिक्शा चालकों को हादसों की आशंका रहती है।
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सड़क पर इन गांवों के लोगों को आवागमन में होती परेशानी
टड़ियावां से दधनामऊ सड़क पर टड़ियावां कस्बे के साथ ही रसूलापुर, दलौली, खेरवा, निबुआई, सैंती, बरौली, महमदापुर, पनिहैया, भैसरी, मामपुर, आदमपुर, फुकहा, महुआचाचर, हरिहरपुर, दुबघटिया, सैचामऊ, शाहपुर, सिहौना, बौठा, अजीजपुर, तौकलपुर, सेखौरा, अमेठिया, जराजपुर और बर्रा सराय आदि गांव पड़ते हैं। इन गांवों के करीब 20 हजार से अधिक लोगों को प्रतिदिन सफर में दिक्कतें होती हैं।
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सड़क बनवाने वाली फर्म मेसर्स एचएसआर इंफ्राकॉन प्राइवेट लि. की पार्टनरों का विवाद निपट गया है। संचालक काम पर वापस आ गए हैं और काम कराने को भी तैयार हैं। पांच साल के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इससे सड़क की पूरी तरह से मरम्मत कराई जाएगी। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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गड्ढामुक्त सड़कों की सरकार की प्राथमिकता पर ठेकेदार की मनमानी भारी पड़ती दिखाई दे रही है। टड़ियावां से दधनामऊ सड़क पर टड़ियावां चौराहे से ही राहगीरों को गड्ढों से होकर सफर शुरू करना होता है। इसके बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और पूरी सड़क में कट जैसे बने हुए हैं। इससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों के साथ ही हादसों की भी आशंका रहती है। सड़क को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए शासन से रुपये लेने की भी जरूरत नहीं है। बावजूद इसके सड़क गड्ढों में तब्दील होती जा रही है।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में टड़ियावां से दधनामऊ तक डामरीकृत और आरसीसी सड़क बनवाई गई है। कुल 15.600 किलोमीटर लंबी सड़क में से 1.160 किलोमीटर सड़क आरसीसी बनवाई गई है जबकि शेष भाग 14.440 किलोमीटर लंबाई में सड़क डामरीकृत बनवाई गई है। सड़क बनवाए जाने पर 1946.41 लाख रुपये खर्च किए गए हैं जबकि 22 फरवरी 2029 तक सड़क के रखरखाव के लिए 1.43 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएमजीएसवाई में बनवाई गई इस सड़क के काम की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली थी।
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इसी निविदा प्रक्रिया में काम कराने के लिए ठेका मेसर्स एलएसआर इंफ्राकाॅन प्राइवेट लि. को मिला। ठेकेदार ने साल 2024 में सड़क बनाते हुए रखरखाव का भी बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। इससे इस सड़क पर पड़ने वाले गांवाें के लोगों के साथ ही अन्य राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। दो पहिया, चार पहिया वाहन के साथ ही ई-रिक्शा चालकों को हादसों की आशंका रहती है।
सड़क पर इन गांवों के लोगों को आवागमन में होती परेशानी
टड़ियावां से दधनामऊ सड़क पर टड़ियावां कस्बे के साथ ही रसूलापुर, दलौली, खेरवा, निबुआई, सैंती, बरौली, महमदापुर, पनिहैया, भैसरी, मामपुर, आदमपुर, फुकहा, महुआचाचर, हरिहरपुर, दुबघटिया, सैचामऊ, शाहपुर, सिहौना, बौठा, अजीजपुर, तौकलपुर, सेखौरा, अमेठिया, जराजपुर और बर्रा सराय आदि गांव पड़ते हैं। इन गांवों के करीब 20 हजार से अधिक लोगों को प्रतिदिन सफर में दिक्कतें होती हैं।
सड़क बनवाने वाली फर्म मेसर्स एचएसआर इंफ्राकॉन प्राइवेट लि. की पार्टनरों का विवाद निपट गया है। संचालक काम पर वापस आ गए हैं और काम कराने को भी तैयार हैं। पांच साल के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इससे सड़क की पूरी तरह से मरम्मत कराई जाएगी। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग