{"_id":"69e67843ab40cb92d4009e79","slug":"rising-heat-is-taking-a-toll-on-blood-pressure-patients-hardoi-news-c-214-1-knj1006-147899-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: बढ़ती गर्मी ब्लड प्रेशर मरीजों पर पड़ रही भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: बढ़ती गर्मी ब्लड प्रेशर मरीजों पर पड़ रही भारी
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। लू और उमस भरी गर्मी का असर ब्लड प्रेशर (बीपी) और हृदय रोगियों पर देखने को मिल रहा है।
जिला अस्पताल सहित ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह में ओपीडी में आने वाले मरीजों में 30-40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसमें अधिकतर मरीज हाई ब्लड प्रेशर, घबराहट, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. वीके पपने ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, इससे रक्त का संचार प्रभावित होता है। बताया कि गर्मी में पसीना अधिक निकलने से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है, जो ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा या घटा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बीपी के पुराने मरीज इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि लापरवाही हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकती है।
सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि उच्च रक्तचाप को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सही समय पर दवाई न लेने मरीज को दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है। बीपी की शिकायत वाले प्रत्येक बच्चे, बुजुर्ग और वयस्क को नियमित अपने रक्तचाप की जांच करवानी चाहिए। इसके अतिरिक्त मरीजों को स्वस्थ जीवन शैली की आदतें अपनानी चाहिए। दिनचर्या में हल्का-फुल्का व्यायाम शामिल करें।
Trending Videos
जिला अस्पताल सहित ग्रामीण इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह में ओपीडी में आने वाले मरीजों में 30-40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसमें अधिकतर मरीज हाई ब्लड प्रेशर, घबराहट, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. वीके पपने ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, इससे रक्त का संचार प्रभावित होता है। बताया कि गर्मी में पसीना अधिक निकलने से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है, जो ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा या घटा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बीपी के पुराने मरीज इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि लापरवाही हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि उच्च रक्तचाप को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सही समय पर दवाई न लेने मरीज को दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है। बीपी की शिकायत वाले प्रत्येक बच्चे, बुजुर्ग और वयस्क को नियमित अपने रक्तचाप की जांच करवानी चाहिए। इसके अतिरिक्त मरीजों को स्वस्थ जीवन शैली की आदतें अपनानी चाहिए। दिनचर्या में हल्का-फुल्का व्यायाम शामिल करें।

कमेंट
कमेंट X