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Hardoi News: निकाय सफाई व्यवस्था और आमजन फीडबैक में सुस्त, सड़क और नाले गंदगी से पटे

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 10:43 PM IST
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The civic body is sluggish in its sanitation system and public feedback, with roads and drains filled with filth.
फोटो-14- सर्कुलर रोड पर नाले में भरा कूड़ा। संवाद
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हरदोई। शहर को साफ-सुथरा बनाए जाने के साथ ही आमजन की सुविधा-सहूलियत के प्रति निकाय के साथ ही आमजन में भी सुस्ती दिखाई दे रही है। साफ-सफाई व्यवस्था के प्रति जहां निकाय पूरी तरह से जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा है वहीं स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में फीडबैक दिए जाने में आमजन की भी संख्या कम दिख रही है। वजह यही है कि सड़क और नाले-नालियां गंदगी से पटे पड़े हैं। रविवार को हल्की बरसात में ही पानी निकासी न होने से शहर के मुख्य सदर बाजार में बड़ा चौराहे से रामदत्त चौराहे के बीच पानी सड़क तक भर गया है। लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।




शहर को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही नाला-नालियों की साफ-सफाई भी नियमित कराए जाने की व्यवस्था है। निकाय की तरफ से इस पर काम भी कराए जा रहे हैं लेकिन मोहल्लों में तैनात सफाई कर्मी और सफाई नायक पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। गलियों और सड़क पर सफाई के बाद कूड़ा उठाने की औपचारिकता निभाई जा रही है। ढेर में लगे कूड़ा उठाने के नाम पर काफी मात्रा में नीचे का कूड़ा पड़ा ही रह जाता है। इससे गंदगी बनी रहती है।
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वहीं सड़क और गली-मोहल्लों में झाड़ू लगाने के नाम पर अधिकांश स्थानों पर कूड़ा झाड़ू से ही नाला-नालियों में गिरा दिया जाता है। इससे चोक होते रहते हैं। पानी निकासी की भी सुचारू व्यवस्था नहीं हो पा रही है। हल्की बरसात में ही गली-मोहल्ले में ही नहीं मुख्य मार्गों पर भी बरसात का पानी भर जाता है। इससे लोगों को जलभराव से होकर आवागमन करना पड़ता है। कई बार जलभराव में क्षतिग्रस्त सड़क के कारण लोग गिर भी जाते हैं। पानी निकासी के लिए बने नालों में कूड़ा-करकट भरा होने से नालियों का पानी भी नहीं निकल पाता है। सड़क और प्लॉटों पर कूड़ा जमा होने से लोगों को गंदगी से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 प्रतिशत लोग भी नहीं आए आगे
स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में साफ-सफाई के प्रति आमजन से ऑनलाइन मोबाइल के माध्यम से फीडबैक लिया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से आबादी के कम से कम 10 प्रतिशत लोगों को फीडबैक की अनिवार्यता दी गई है। शहर में फीडबैक देने के लिए भी 10 प्रतिशत लोग सामने नहीं आए हैं। इससे शहर की वास्तविकता से शासन में बैठे लोग वाकिफ नहीं हो पाते हैं।



शहर में आबादी बढ़ी है, संसाधनों और सफाई कर्मियों की संख्या अनुपात में कम हैं। ऐसे में भी नियमित साफ-सफाई कराई जा रही है। सफाई नायकों और सफाई कर्मियों की तरफ से की जा रही लापरवाही की जांच कराएंगे। झाड़ू लगाते समय कूड़ा नालियों में गिरा देने की भी लोगों से जानकारी ली जाएगी, जांच भी कराई जाएगी। ऐसे सफाईकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -रामेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका

फोटो-14- सर्कुलर रोड पर नाले में भरा कूड़ा। संवाद

फोटो-14- सर्कुलर रोड पर नाले में भरा कूड़ा। संवाद

फोटो-14- सर्कुलर रोड पर नाले में भरा कूड़ा। संवाद

फोटो-14- सर्कुलर रोड पर नाले में भरा कूड़ा। संवाद

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