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Hardoi News: साहब की गोद में विद्यालय, बीएसए नहीं बना पाए माॅडल
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फोटो 07: माधौगंज का हीरापुर प्राथमिक विद्यालय। संवाद
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हरदोई। वैसे तो जिले भर के स्कूलों में पढ़ाई का वातावरण, विद्यार्थियों-शिक्षकों के लिए मूलभूत सुविधा-सहूलियत उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है लेकिन अपनी ही गोद में लिए गए स्कूल को बीएसए मॉडल नहीं बना पाए हैं। स्कूल को मॉडल बनाने के लिए अभी तक काम ही शुरू नहीं हुआ है। निवर्तमान बीएसए की तरफ से स्मार्ट क्लास और दीवारों पर पुट्टी लगवाई गई थी, बस इतना ही काम होकर रह गया है।
परिषदीय स्कूलों को मॉडल बनाए जाने की मुहिम में बीएसए सहित 64 जिला स्तरीय अधिकारियों ने स्कूलों को गोद लिया है। इन स्कूलों का अधिकारी कायाकल्प कराते हुए पढ़ाई के वातावरण के साथ ही संसाधन संपन्न बनाने का काम करा रहे हैं। कई अधिकारियों के स्कूल मॉडल बन चुके हैं। कुछ स्कूलों में सीसी कैमरे तक लग गए हैं। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले बीएसए ने विकास खंड माधौगंज के हाजीपुर प्राथमिक स्कूल को गोद लिया है। अभी तक स्कूल मॉडल बनाया जाना तो दूर वहां पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है।
पड़ताल में स्कूल में अन्य कामों की तो बात दूर, रंगाई-पुताई तक नहीं हुई है। स्कूल परिसर के बाद चारदीवारी से सटे हुए ही कूड़ा पड़ा है। स्कूल की दीवारों पर बारिश का पानी जमने और काई के निशान हैं। निवर्तमान बीएसए की तरफ से कराए गए काम के बाद काम न होने से रैंप पर लगाई गई ग्रिल के कारण बने सीमेंट के निशान तक पुट्टी से सही नहीं कराए गए हैं। ऐसे में कक्षा कक्षों में आंतरिक साज-सज्जा, खिड़की और दरवाजों का भी काम नहीं हुआ है। इससे विभाग के मुखिया की गोद में ही विद्यालय मॉडल बनने की आस में दम तोड़ रहा है।
परिषदीय स्कूलों को निजी कॉन्वेंट स्कूल की भांति मॉडल बनाए जाने के लिए हमारे साथ ही एक-एक स्कूल को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन स्कूलों में मूलभूत सुविधा-सहूलियत के साथ ही गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के लिए वातावरण सृजन का काम भी कराया जाना है। इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकांश अधिकारियों ने गोद लिए विद्यालय को मॉडल बना लिया है। जल्द ही इसकी अधिकारियों के साथ समीक्षा की जाएगी। स्कूल को मॉडल बनाने में रुचि न लेने वाले अधिकारियों से इसके कारणों की भी जानकारी ली जाएगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
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परिषदीय स्कूलों को मॉडल बनाए जाने की मुहिम में बीएसए सहित 64 जिला स्तरीय अधिकारियों ने स्कूलों को गोद लिया है। इन स्कूलों का अधिकारी कायाकल्प कराते हुए पढ़ाई के वातावरण के साथ ही संसाधन संपन्न बनाने का काम करा रहे हैं। कई अधिकारियों के स्कूल मॉडल बन चुके हैं। कुछ स्कूलों में सीसी कैमरे तक लग गए हैं। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले बीएसए ने विकास खंड माधौगंज के हाजीपुर प्राथमिक स्कूल को गोद लिया है। अभी तक स्कूल मॉडल बनाया जाना तो दूर वहां पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है।
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पड़ताल में स्कूल में अन्य कामों की तो बात दूर, रंगाई-पुताई तक नहीं हुई है। स्कूल परिसर के बाद चारदीवारी से सटे हुए ही कूड़ा पड़ा है। स्कूल की दीवारों पर बारिश का पानी जमने और काई के निशान हैं। निवर्तमान बीएसए की तरफ से कराए गए काम के बाद काम न होने से रैंप पर लगाई गई ग्रिल के कारण बने सीमेंट के निशान तक पुट्टी से सही नहीं कराए गए हैं। ऐसे में कक्षा कक्षों में आंतरिक साज-सज्जा, खिड़की और दरवाजों का भी काम नहीं हुआ है। इससे विभाग के मुखिया की गोद में ही विद्यालय मॉडल बनने की आस में दम तोड़ रहा है।
परिषदीय स्कूलों को निजी कॉन्वेंट स्कूल की भांति मॉडल बनाए जाने के लिए हमारे साथ ही एक-एक स्कूल को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन स्कूलों में मूलभूत सुविधा-सहूलियत के साथ ही गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के लिए वातावरण सृजन का काम भी कराया जाना है। इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकांश अधिकारियों ने गोद लिए विद्यालय को मॉडल बना लिया है। जल्द ही इसकी अधिकारियों के साथ समीक्षा की जाएगी। स्कूल को मॉडल बनाने में रुचि न लेने वाले अधिकारियों से इसके कारणों की भी जानकारी ली जाएगी। -अनुनय झा, जिलाधिकारी

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