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Hathras News: बेकाबू ट्रक दीवार तोड़कर रेलवे लाइन के पास पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:31 AM IST
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मुरसान में सुरक्षा गार्डर को तोड़ने के बाद रेलवे लाइन के सहारे खड़ा ट्रक। संवाद
- फोटो : Samvad
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कस्बे के रेलवे फाटक संख्या 324-सी के पास बुधवार की देर रात करीब एक बजे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। तेज रफ्तार ट्रक रेलवे सुरक्षा गार्डर, पेड़-पौधों और एक दीवार को तोड़ता हुआ रेलवे लाइन के बेहद करीब पहुंच गया। जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रक लगभग 30 मीटर और आगे बढ़ जाता तो जानमाल का नुकसान हो सकता था।
ट्रक चालक रविंद्र पुत्र राधेश्याम निवासी नगला टीका हाथरस ने बताया कि वह प्रयागराज से भूसी भरकर कोसीकलां मथुरा जा रहे थे। हाथरस के पास एक ढाबे पर भोजन के लिए ठहरे थे। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, लेकिन भोजन पसंद न आने के कारण दोनों वहां नहीं रुके। उन्हें सुबह 9 बजे तक कोसी पहुंचना था, इसलिए वह आगे बढ़ गए। मुरसान पहुंचने पर नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर रेलवे फाटक संख्या 324-सी के पास सुरक्षा गार्डर, पेड़-पौधों और दीवार को तोड़ता हुआ रेलवे लाइन की ओर घुस गया। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक घटना हो चुकी थी। सूचना पर ट्रक मालिक मौके पर पहुंच गए। रेलवे पुलिस भी पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। रेलवे संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
तो कई लोगों की जा सकती थी जान
घटनास्थल से करीब 30 मीटर दूर 35 वर्षों से लोहार समाज के लोग सड़क किनारे तंबू लगाकर रह रहे हैं। यहां करीब 15 सदस्यीय परिवार निवास करता है, जो दिन में मजदूरी कर जीवनयापन करता है और रात में अपने डेरे पर लौट आता है। यहां रहने वाली रनिया ने बताया कि हादसे के बाद से उनके परिवार में भय का माहौल है। उन्होंने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके परिवार के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराई जाए। वे पिछले 35 वर्षों से सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, हर समय दुर्घटना का खतरा रहता है।
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ट्रक चालक रविंद्र पुत्र राधेश्याम निवासी नगला टीका हाथरस ने बताया कि वह प्रयागराज से भूसी भरकर कोसीकलां मथुरा जा रहे थे। हाथरस के पास एक ढाबे पर भोजन के लिए ठहरे थे। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, लेकिन भोजन पसंद न आने के कारण दोनों वहां नहीं रुके। उन्हें सुबह 9 बजे तक कोसी पहुंचना था, इसलिए वह आगे बढ़ गए। मुरसान पहुंचने पर नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर रेलवे फाटक संख्या 324-सी के पास सुरक्षा गार्डर, पेड़-पौधों और दीवार को तोड़ता हुआ रेलवे लाइन की ओर घुस गया। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक घटना हो चुकी थी। सूचना पर ट्रक मालिक मौके पर पहुंच गए। रेलवे पुलिस भी पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। रेलवे संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
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तो कई लोगों की जा सकती थी जान
घटनास्थल से करीब 30 मीटर दूर 35 वर्षों से लोहार समाज के लोग सड़क किनारे तंबू लगाकर रह रहे हैं। यहां करीब 15 सदस्यीय परिवार निवास करता है, जो दिन में मजदूरी कर जीवनयापन करता है और रात में अपने डेरे पर लौट आता है। यहां रहने वाली रनिया ने बताया कि हादसे के बाद से उनके परिवार में भय का माहौल है। उन्होंने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके परिवार के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराई जाए। वे पिछले 35 वर्षों से सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, हर समय दुर्घटना का खतरा रहता है।