{"_id":"69d2cdceea1c08cdab07c5fe","slug":"doctors-are-missing-pharmacists-are-treating-patients-patients-have-also-stopped-coming-hathras-news-c-56-1-hts1004-146799-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: डॉक्टर गायब, फार्मासिस्ट कर रहे इलाज.. मरीजों ने भी आना बंद किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: डॉक्टर गायब, फार्मासिस्ट कर रहे इलाज.. मरीजों ने भी आना बंद किया
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
जनआरोग्य मेले में जांच करते चिकित्सक। संवाद
विज्ञापन
कागजों में जन आरोग्य मेला भले चल रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत में यह योजना दम तोड़ती दिख रही है। डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट और एएनएम ही इलाज संभाल रहे हैं, जिससे मरीजों ने भी इन मेलों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
रविवार को जब जिले के 33 में से सात केंद्रों पर आरोग्य मेला की पड़ताल की गई तो कई जगह डॉक्टर महीनों से गायब मिले तो कहीं मरीजों ने बुखार, बीपी जैसी सामान्य दवाएं भी नहीं मिलने की जानकारी दी। सादाबाद में हालात ऐसे मिले कि निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को भी डॉक्टर दिखाई नहीं दिए। इसका बड़ा असर यह है कि लोगों ने भी अब इस मेले में आना कम करना शुरू कर दिया है। कहीं 10 तो कहीं 15 से ज्यादा मरीज भी नहीं दिखे।
हसायन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला वीरसहाय पर डॉक्टर उपस्थित नहीं मिले। जानकारी पर पता चला कि वे दो माह की छुट्टी पर हैं। उनकी जगह किसी और डॉक्टर को ड्यूटी पर नहीं लगाया गया। पड़ताल के दौरान यहां एएनएम मरीजों का इलाज कर रही थीं। यहां मरीजों की कुल संख्या 22 रही।
सादाबाद ब्लॉक : सादाबाद ब्लॉक में खुद सीएमओ का स्टॉफ अनुपस्थित मिला। यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट द्वारा ही मरीजों को देखा जा रहा था। डॉक्टर एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं है। जन आरोग्य मेला में यहां केवल 19 मरीज ही परामर्श के लिए आए।
मरीजों ने बताया कि डॉक्टर आते हैं, इसलिए मरीज यहां इलाज मिलने की उम्मीद नहीं करते। यहां पर्याप्त दवाएं भी नहीं मिली। इसी तरह की हालत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारा में देखने को मिली। यहां भी फार्मासिस्ट ही मरीज देख रहे थे। वे 31 मरीजों को परामर्श दे चुके थे। यहां तैनात चिकित्साधिकारी डा. एके वर्मा बिना स्पष्ट कारण के केंद्र से लापता थे।
सासनी ब्लॉक : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसईकाजी में केवल 15 मरीज आए। इनमें बुखार व सर्दी-जुखाम वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इसी तरह जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकारी की स्थिति देखी तो पाया कि यहां दिनभर में 29 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सहपऊ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ 17 और रानी का नगला स्वास्थ्य केंद्र पर 18 मरीज मिले। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाड़पुर में 12 और करील में केवल 11 मरीज ही आ सके।
सिस्टम फेल: पोर्टल भी बैठा, निगरानी भी ढीली
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में आने वाले मरीजों की जानकारी डीजी हेल्थ पोर्टल पर अपलोड की जाती है। ब्लॉक स्तर पर अपने लॉग इन आईडी से चिकित्साधिकारी डिटेल अपलोड करते हैं, लेकिन रविवार को यह पोर्टल तकनीकी दिक्कत के कारण नहीं खुला। पोर्टल धराशायी होने के कारण रात तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डाटा एकत्रित नहीं कर सके।
- जन आरोग्य मेला को लेकर विभाग गंभीर है। सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और प्रचार-प्रसार बढ़ाया जा रहा है। - डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ
Trending Videos
रविवार को जब जिले के 33 में से सात केंद्रों पर आरोग्य मेला की पड़ताल की गई तो कई जगह डॉक्टर महीनों से गायब मिले तो कहीं मरीजों ने बुखार, बीपी जैसी सामान्य दवाएं भी नहीं मिलने की जानकारी दी। सादाबाद में हालात ऐसे मिले कि निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को भी डॉक्टर दिखाई नहीं दिए। इसका बड़ा असर यह है कि लोगों ने भी अब इस मेले में आना कम करना शुरू कर दिया है। कहीं 10 तो कहीं 15 से ज्यादा मरीज भी नहीं दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हसायन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला वीरसहाय पर डॉक्टर उपस्थित नहीं मिले। जानकारी पर पता चला कि वे दो माह की छुट्टी पर हैं। उनकी जगह किसी और डॉक्टर को ड्यूटी पर नहीं लगाया गया। पड़ताल के दौरान यहां एएनएम मरीजों का इलाज कर रही थीं। यहां मरीजों की कुल संख्या 22 रही।
सादाबाद ब्लॉक : सादाबाद ब्लॉक में खुद सीएमओ का स्टॉफ अनुपस्थित मिला। यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट द्वारा ही मरीजों को देखा जा रहा था। डॉक्टर एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं है। जन आरोग्य मेला में यहां केवल 19 मरीज ही परामर्श के लिए आए।
मरीजों ने बताया कि डॉक्टर आते हैं, इसलिए मरीज यहां इलाज मिलने की उम्मीद नहीं करते। यहां पर्याप्त दवाएं भी नहीं मिली। इसी तरह की हालत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारा में देखने को मिली। यहां भी फार्मासिस्ट ही मरीज देख रहे थे। वे 31 मरीजों को परामर्श दे चुके थे। यहां तैनात चिकित्साधिकारी डा. एके वर्मा बिना स्पष्ट कारण के केंद्र से लापता थे।
सासनी ब्लॉक : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसईकाजी में केवल 15 मरीज आए। इनमें बुखार व सर्दी-जुखाम वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इसी तरह जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकारी की स्थिति देखी तो पाया कि यहां दिनभर में 29 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सहपऊ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सिर्फ 17 और रानी का नगला स्वास्थ्य केंद्र पर 18 मरीज मिले। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाड़पुर में 12 और करील में केवल 11 मरीज ही आ सके।
सिस्टम फेल: पोर्टल भी बैठा, निगरानी भी ढीली
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में आने वाले मरीजों की जानकारी डीजी हेल्थ पोर्टल पर अपलोड की जाती है। ब्लॉक स्तर पर अपने लॉग इन आईडी से चिकित्साधिकारी डिटेल अपलोड करते हैं, लेकिन रविवार को यह पोर्टल तकनीकी दिक्कत के कारण नहीं खुला। पोर्टल धराशायी होने के कारण रात तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डाटा एकत्रित नहीं कर सके।
- जन आरोग्य मेला को लेकर विभाग गंभीर है। सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और प्रचार-प्रसार बढ़ाया जा रहा है। - डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ

जनआरोग्य मेले में जांच करते चिकित्सक। संवाद