Hathras: डॉ. अविन को बसपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बढ़ी सियासी हलचल, चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज
बसपा की जनसभा में डॉ. अविन शर्मा को सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद क्षेत्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बसपा की इस घोषणा के बाद अन्य राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी जनसभा की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने डॉ. अविन शर्मा को सादाबाद विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित करते हुए पुराने साथी का नारा भी दिया। बसपा के साथ बने रहने व दूसरी बार प्रत्याशी बनने पर उनकी सराहना की। साथ ही उनके पक्ष में एक होने की मतदाताओं से अपील की। दिल्ली के आंदोलन को सही ठहराते हुए आकाश आनंद ने कहा कि युवाओं ने सरकार को अपनी ताकत दिखाई। इस कारण शिक्षा मंत्री को त्याग पत्र देना पड़ा, लेकिन बदले में ऐसा मंत्री मिला जो काबिल नहीं है। उन्होंने युवाओं से कहा कि आंदोलन सड़कों पर नहीं, बल्कि मत का सही प्रयोग करके होना चाहिए।
बढ़ी सियासी हलचल
बसपा की जनसभा में डॉ. अविन शर्मा को सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद क्षेत्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बसपा की इस घोषणा के बाद अन्य राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी जनसभा की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे।
जनसभा के दौरान कई राजनीतिक दलों के स्थानीय पदाधिकारी फोन के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी लेते रहे। विशेष रूप से जनसभा में जुटी भीड़, बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के संबोधन, प्रत्याशी की घोषणा तथा कार्यक्रम में शामिल लोगों को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश की जाती रही। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि जनसभा में क्षेत्र के किन-किन गांवों से लोग पहुंचे, विभिन्न क्षेत्रों से कितनी संख्या में समर्थक आए और बसों व अन्य वाहनों से कितने लोग कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे इस पर नजर रखी गई। इसके अलावा अन्य दलों के कार्यकर्ता जनसभा के माहौल और डॉ. अविन शर्मा की दावेदारी को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया का भी आकलन करते नजर आए।
डॉ. अविन शर्मा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। बसपा की ओर से प्रत्याशी के नाम के ऐलान के बाद अन्य दलों में भी संभावित उम्मीदवारों और चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।