Hathras: अलीगढ़ रोड पर सड़क तक फैला अतिक्रमण का जाल, कब्जे में फुटपाथ, दिन भर गुजरते अफसर, नहीं देते ध्यान
हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर पुलिस स्टेशन भी स्थित है। पुलिस की पीआरवी और गश्ती दल दिन भर यहां चक्कर काटते हैं, लेकिन सड़क की पटरियों को निगल चुके दुकानदारों और बेतरतीब खड़े वाहनों को टोकने वाला कोई नहीं है।
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हाथरस शहर की लाइफलाइन कही जाने वाला अलीगढ़ रोड इन दिनों अतिक्रमण की गिरफ्त में है। विडंबना यह है कि इसी सड़क से जिले के आला अफसरों का काफिला गुजरता है, पास ही पुलिस थाना है और पुलिस की गश्त भी 24 घंटे रहती है। बावजूद इसके सड़क तक फैल चुके बाजार और अवैध कब्जों पर प्रशासन की मूक सहमति आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।
अलीगढ़ रोड शहर की सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। जिला अस्पताल से लेकर तहसील परिसर तक पहुंचने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का इसी मार्ग से आना-जाना लगा रहता है। जिला अस्पताल होने के कारण एंबुलेंस की आवाजाही भी यहां सबसे अधिक रहती है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण के कारण चंद मिनटों का सफर आधे घंटे में तब्दील हो जाता है। रेल ओवरब्रिज के पास जिला अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस फंस जाती हैं।
फुटपाथ घिरे होने के कारण चलने की जगह नहीं बचती। सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं। इससे हादसे का डर बना रहता है।-दीपक शर्मा, राहगीर
अलीगढ़ रोड पर भारी संख्या में वाहन चलते हैं। रोडवेज बस व अन्य बड़े वाहन भी गुजरते हैं। पैदल चलने वालों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है।-महेश शर्मा, राहगीर
जिला अस्पताल, प्रमुख सरकारी दफ्तर व पुलिस स्टेशन होने के बावजूद इस रोड का हाल सबसे खराब है। 20-20 फीट चौड़े फुटपाथों पर दुकानें बना ली गई हैं। अस्पतालों के बाहर पार्किंग की जा रही है।-योगेश वार्ष्णेय, राहगीर
केवल एक दिन की कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को लगातार सख्ती दिखानी होगी। तभी कुछ हो सकता है। पार्किंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध करानी चाहिए।-राजीव चौधरी, राहगीर
फुटपाथ व नालों से अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को चेतावनी दे दी गई है। अतिक्रमण हटाने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
सड़क की पटरियों को निगल गया अतिक्रमण
हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर पुलिस स्टेशन भी स्थित है। पुलिस की पीआरवी और गश्ती दल दिन भर यहां चक्कर काटते हैं, लेकिन सड़क की पटरियों को निगल चुके दुकानदारों और बेतरतीब खड़े वाहनों को टोकने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और नगर पालिका की इस सुस्ती ने अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं।
प्रमुख समस्याएं, जो बन रहीं मुसीबत
- संकुचित होतीं सड़क : दुकानदारों ने अपना सामान दुकानों से बाहर सड़क तक सजा रखा है।
- अवैध पार्किंग : तहसील और अस्पताल आने वाले लोग सड़कों पर ही वाहन खड़े कर देते हैं।
- जाम का झाम : व्यस्त समय में यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे मरीजों को ले जा रहीं एंबुलेंस अक्सर फंसी रहती हैं।