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Hathras News: स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के नाम पर हाथरस खाली हाथ

Sun, 28 Jun 2026 01:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 28 Jun 2026 01:30 AM IST
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Hathras left empty-handed regarding health, education, and employment.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : Archive
हाथरस को जिला बने 29 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन तीन सबसे बुनियादी जरूरतों, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के नाम पर हाथरस आज भी खाली हाथ है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले इस मुद्दे पर जिलेवासियों की उम्मीदें फिर जवां हो गई हैं।
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जिले में स्वास्थ्य सेवाएं इस कदर बदहाल हैं कि शाम को सात बजे के बाद यदि कोई गंभीर आपातकालीन स्थिति (इमरजेंसी) आ जाए, तो तीमारदारों के पास मरीज को सीधे आगरा या अलीगढ़ ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। दिन के समय भी जिला अस्पताल केवल रेफरल सेंटर की भूमिका निभाता है। यहां गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर तक की बुनियादी व्यवस्था नहीं है।
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कहने को सासनी में पराग डेयरी की जमीन पर मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। लंबे इंतजार के बाद इसकी जमीन तो स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हो गई है, लेकिन यह कब तक आकार लेगा, इसका सटीक जवाब किसी के पास नहीं हैं। चिकित्सकों की बात करें तो यहां स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 40 फीसदी ही चिकित्सक हैं।
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बेहतर भविष्य के लिए पलायन को मजबूर युवा

पूरे जिले में उच्च शिक्षा के नाम पर उंगलियों पर गिनने लायक संस्थान हैं, जैसे पीसी बागला डिग्री कॉलेज, आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज और सरस्वती डिग्री कॉलेज। इन कॉलेजों में भी आज के आधुनिक दौर के प्रोफेशनल या तकनीकी कोर्सेज गायब हैं। यहां केवल गिने-चुने पारंपरिक कोर्स ही संचालित हो रहे हैं। नतीजा यह है कि बेहतर और आधुनिक शिक्षा की चाह रखने वाले युवाओं को मजबूरन दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।




धूल फांक रही ट्रांसपोर्ट नगर की फाइल



व्यापारी वर्ग सालों से जिले में ट्रांसपोर्ट नगर की मांग करता आ रहा है। इसके लिए कई मांग पत्र शासन से लेकर प्रशासन के अफसरों की चौखट तक भेजे जा चुके हैं, लेकिन हर बार अफसरों की तरफ से एक ही जवाब मिलता है कि जमीन उपलब्ध नहीं है।
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