Hathras Nagar Palika: शहर के विकास में बाधा बन रहे बड़े बकायेदार, मंडी समिति पर है 1.49 करोड़ रुपये बकाया
मंडी समिति, बिजली, पुलिस, मुंशी गजाधर पॉलिटेक्निक कॉलेज, रेलवे, डीआईओएस कार्यालय आदि विभाग शामिल हैं। इन पर लगभग 3.68 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन विभागों से कर अदायगी के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
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हाथरस शहर की बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने वाले विकास कार्यों पर बड़े बकायेदारों ने ब्रेक लगा दिया है। नगर पालिका कर्मियों द्वारा तैयार की जा रही ताजा सूची के अनुसार, 150 बड़े बकायेदारों पर करीब 5.14 करोड़ रुपये का बकाया है। इसमें सरकारी विभाग और निजी संपत्ति वाले बकायेदार शामिल हैं। नगर पालिका प्रशासन अब उन रसूखदारों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है, जिन्होंने लंबे समय से टैक्स का भुगतान नहीं किया है।
शहर के विकास के लिए राजस्व का होना अनिवार्य है। बड़े बकायेदार काफी समय से टैक्स नहीं दे रहे हैं, जो कि जनता के साथ अन्याय है। हम सूची फाइनल कर रहे हैं और जल्द ही आरसी जारी की जाएंगी। इनके अतिरिक्त सरकारी विभागों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका हाथरस।
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स्कूल, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रडार पर
नगर पालिका द्वारा तैयार की गई सूची में कर भुगतान न करने वालों में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूल, बड़े होटल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। बार-बार चेतावनी के बावजूद इन्होंने टैक्स जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है, जिससे पालिका की आय प्रभावित हो रही है। कई विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों पर लगभग 1.46 करोड़ रुपये बकाया हैं।
सरकारी विभागों पर भी करोड़ों का बकाया
नगर पालिका की सीमा में आने वाले सरकारी विभागों के कार्यालयों पर भी करोड़ों रुपये का बकाया है। इनमें प्रमुख रूप से मंडी समिति, बिजली, पुलिस, मुंशी गजाधर पॉलिटेक्निक कॉलेज, रेलवे, डीआईओएस कार्यालय आदि विभाग शामिल हैं। इन पर लगभग 3.68 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन विभागों से कर अदायगी के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
डिमांड नोटिस के बाद जारी होंगी आरसी
सभी चिह्नित बड़े बकायेदारों को अंतिम डिमांड नोटिस भेजा जा रहा है। नगर पालिका की टीम अब तक 25 बकायेदारों को नोटिस दे चुकी है। डिमांड नोटिस में इन्हें एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। इसके बाद रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किए जाएंगे।
विकास कार्यों पर पड़ रहा असर
लगभग पांच करोड़ रुपये की भारीभरकम धनराशि बकाया होने के कारण शहर की सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं। पालिका के टैक्स कलेक्टर सेल की कई टीमें इस समय वार्डवार डेटा मिलान और सूची को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
नगर पालिका के बड़े बकायेदार (सरकारी विभाग )
बकायेदार बकाया
मंडी समिति 1.49 करोड़ रुपये
विद्युत विभाग 81.74 लाख रुपये
रेलवे 88 लाख रुपये
एमजी पॉलिटेक्निक 44 लाख रुपये
नगर पालिका के बड़े बकायेदार (निजी संपत्ति)
वार्ड बकायेदार धनराशि
07 कैलाशचंद्र 10,90,377 रुपये
01 ग्लैक्सी होटल 10,73,157 रुपये
25 हरचरनदास ट्रस्ट 9,69,604 रुपये
05 शांति मंदिर धर्मशाला 6,65,782 रुपये
03 दीनदयाल गुप्ता 6,07,565 रुपये
25 जसपाल कौर 5,21,546 रुपये
21 बाबा फूड प्रोडक्ट 5,17,703 रुपये
15 कांति लाल, राजकुमार 3,51,544 रुपये
05 अक्रूर इंटर कॉलेज 3,13,298 रुपये