Hathras: ड्यूटी पर नगर पालिका कर्मी को सीने में उठा दर्द, इमरजेंसी के गेट पर तोड़ा दम, हार्ट अटैक से मौत
निजी वाहन न होने के कारण परिजनों ने शव वाहन से शव को ले जाने की बात कही। शव वाहन में रख भी दिया गया। कर्मचारियों के फोन करने के बाद भी 45 मिनट तक कोई चालक नहीं आया। जैसे-तैसे दूसरे वाहन का चालक भेजा गया, लेकिन वाहन कंडम होने के कारण स्टार्ट ही नहीं हुआ।
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हाथरस नगर पालिका परिषद के कर्मचारी शिवकुमार भारद्वाज (53) की 7 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। वह ड्यूटी पर आए थे और तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, लेकिन गेट पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
नगला भुस निवासी शिवकुमार भारद्वाज नगर पालिका में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे और परसेवक के पद पर तैनात थे। पालिका कर्मियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह बीमार थे। उन्हें ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। शनिवार को भी उन्हें घबराहट व सीने में दर्द की शिकायत उठी थी। इस पर सुबह सात बजे वह इमरजेंसी पहुंचे थे।
यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें आठ बजे जिला अस्पताल आकर जांच कराने के लिए कहा गया। इसके बाद वह घर चले गए थे। सुबह वह तैयार होकर कार्यालय पहुंच गए। यहां सीढि़यां चढ़ते ही वह असहज महसूस करने लगे। थोड़ी देर कार्यालय में बैठने के बाद खुद ही एक साथी को लेकर पैदल सामने जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां इमरजेंसी के गेट पर पहुंचते ही निढाल होकर गिर पड़े। आनन-फानन उन्हें इमरजेंसी में अंदर लाया गया। ईसीजी व अन्य जांच करने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। नगर पालिका के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए।
एंबुलेंस चालक की लापरवाही सामने आई है। उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। वाहन काफी पुराना हो चुका है, इसलिए बार-बार समस्या आ रही हैं। एंबुलेंस की मरम्मत कराने की कार्यवाही कराई जा रही है। जल्द ही नया शव वाहन भी अस्पताल में उपलब्ध होने वाला है।-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
नहीं स्टार्ट हुई सरकारी एंबुलेंस, प्राइवेट से शव ले गए परिजन
निजी वाहन न होने के कारण परिजनों ने शव वाहन से शव को ले जाने की बात कही। शव वाहन में रख भी दिया गया। कर्मचारियों के फोन करने के बाद भी 45 मिनट तक कोई चालक नहीं आया। यहां भीड़ लगी रही। इस संबंध में अधिकारियों को भी फोन किया गया। जैसे-तैसे दूसरे वाहन का चालक भेजा गया, लेकिन वाहन कंडम होने के कारण स्टार्ट ही नहीं हुआ। परेशान परिजन बिलखते हुए निजी एंबुलेंस से शव को लेकर गए।