Hathras: नगर पालिका अध्यक्ष को चेतावनी, मांगा स्पष्टीकरण, जवाब न देने पर लटकी तलवार, इन आरोपों की हुई पुष्टि
पहला नोटिस जारी कर अध्यक्ष को स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी जवाब नहीं मिला। शासन ने दूसरा नोटिस जारी कर अब सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
विस्तार
प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग-दो ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों पर हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें साफ कहा गया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार मामला डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के टेंडर से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पालिका परिषद हाथरस के 35 वार्डों में बिना तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के ही फर्म का चयन कर लिया गया था। इस प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। सभासद मनीष अग्रवाल की शिकायत के बाद डीएम ने प्रकरण की जांच कराई। आठ जनवरी 2025 को जारी जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध पाए गए थे।
मामले में शिकायतकर्ता मनीष अग्रवाल ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में एक रिट याचिका दाखिल की थी। प्रकरण को न्यायालय ने नौ दिसंबर 2025 को शीघ्र निस्तारित करने के आदेश दिए थे। इसके बाद अब 19 जनवरी को फिर से शासन ने पत्र जारी किया है।
विशेष सचिव नगर विकास सत्यप्रकाश पटेल ने 22 अगस्त 2025 को पहला नोटिस जारी कर अध्यक्ष को स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीत जाने पर भी जवाब नहीं मिला। शासन ने इसे अत्यंत खेदजनक और नगर पालिका के हितों के विपरीत मानते हुए 19 जनवरी को दूसरा नोटिस जारी कर अब सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
इन आरोपों की हुई थी पुष्टि
1- डोर-टू-डोर कूड़ा संकलन कराए जाने के लिए 26 नवंबर 2024 में नगर पालिका परिषद द्वारा स्थानीय समाचार पत्र के माध्यम से निविदा आमंत्रित की गईं, जनरल फाइनेंशियल रूल 2017 में निहित प्रावधानों एवं शासन के निर्देशों के अनुसार ई-निविदा आमंत्रित नहीं की गईं।
2- निविदा का तकनीकी मूल्यांकन किए बिना सीधे वित्तीय मूल्यांकन के लिए तुलनात्मक चार्ट बनाकर एल-1 फर्म को चयनित कर लिया गया, यहां वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया है।
3- फर्मों द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए ऑफर की गईं दरों से संबंधित तीनों प्रतिभागी फर्म तकनीकी मूल्यांकन में अनर्ह हैं, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा अपर्याप्त प्रपत्र उपलब्ध कराए जाने पर भी तीनों फर्मोंं को वित्तीय मूल्यांकन के लिए सफल घोषित किया गया।
4. नगर पालिका परिषद द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराए जाने के लिए मैसर्स ब्लैक इन्फ्राटेक, निवासी थलूगढ़ी, कुरसंडा, सादाबाद को 22,45,810 का भुगतान किया गया, जोकि नियमों के विपरीत होने के साथ ही गंभीर वित्तीय अनियमितता को भी परिलक्षित करता है।
5- नगर पालिका परिषद द्वारा वित्तीय नियमों में निहित प्रावधानों के अनुसार निविदा का तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन किए बिना एल-1 फर्म को चयनित कर कार्यादेश जारी किया गया। उप्र नगर पालिका अधिनियम-1916 में विहित प्राविधानों को दरकिनार करते हुए अनियमितता की गई।
