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Hathras News: गर्मी और शादियों ने चढ़ाए फूलों के भाव
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फूल माला तैयार करते कारीगर।
- फोटो : samvad
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शादी-विवाह के सीजन और भीषण गर्मी के चलते इन दिनों फूलों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। गर्म मौसम के कारण फूलों की आवक कम हो गई है, जबकि विवाह समारोह, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रमों में मांग बढ़ने से फूलों की खुशबू लोगों को महंगी पड़ रही है। इसका सीधा असर सजावट, माला, बुके और अन्य फूलों से जुड़े कारोबार पर दिखाई दे रहा है।
शहर के फूल बाजार में देसी गुलाब के दामों में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुलाब अब 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह बेला के फूल 250 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 550 रुपये प्रति किलो में बिक रहे हैं। गेंदा भी 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सजावट में इस्तेमाल होने वाली पत्तों की लड़ी के दाम 40 रुपये दर्जन से बढ़कर 70 रुपये दर्जन हो गए हैं।
फूल कारोबारियों के अनुसार रजनीगंधा और जिप्सी के दामों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। रजनीगंधा का एक बंडल, जो पहले 50 रुपये में उपलब्ध था, अब 250 रुपये तक बिक रहा है। इसी तरह जिप्सी का बंडल 150 रुपये से बढ़कर 600 रुपये तक पहुंच गया है।
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फूलों की बढ़ी कीमतों का असर शादी-विवाह की सजावट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां कम खर्च में मंच, प्रवेश द्वार और विवाह स्थल की आकर्षक सजावट हो जाती थी, वहीं अब आयोजकों को इसके लिए अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है।
गर्मी के कारण फूलों की पैदावार प्रभावित हुई है। स्थानीय स्तर पर फूल कम आ रहे हैं और बाहर से आने वाली खेप भी सीमित है। वहीं शादियों का सीजन शुरू होने से मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि लगभग सभी फूलों के दाम बढ़ गए हैं।
-मनीष सैनी, फूल कारोबारी
इस समय सबसे ज्यादा मांग गुलाब, रजनीगंधा और जिप्सी की है। शादी समारोहों में सजावट के लिए इनका उपयोग अधिक होता है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल नहीं रहा तो दाम और बढ़ सकते हैं।
-गुड्डू पंडित, फूल कारोबारी
शहर के फूल बाजार में देसी गुलाब के दामों में चार गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुलाब अब 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह बेला के फूल 250 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 550 रुपये प्रति किलो में बिक रहे हैं। गेंदा भी 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सजावट में इस्तेमाल होने वाली पत्तों की लड़ी के दाम 40 रुपये दर्जन से बढ़कर 70 रुपये दर्जन हो गए हैं।
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फूल कारोबारियों के अनुसार रजनीगंधा और जिप्सी के दामों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। रजनीगंधा का एक बंडल, जो पहले 50 रुपये में उपलब्ध था, अब 250 रुपये तक बिक रहा है। इसी तरह जिप्सी का बंडल 150 रुपये से बढ़कर 600 रुपये तक पहुंच गया है।
फूलों की बढ़ी कीमतों का असर शादी-विवाह की सजावट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां कम खर्च में मंच, प्रवेश द्वार और विवाह स्थल की आकर्षक सजावट हो जाती थी, वहीं अब आयोजकों को इसके लिए अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ रहा है।
गर्मी के कारण फूलों की पैदावार प्रभावित हुई है। स्थानीय स्तर पर फूल कम आ रहे हैं और बाहर से आने वाली खेप भी सीमित है। वहीं शादियों का सीजन शुरू होने से मांग काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि लगभग सभी फूलों के दाम बढ़ गए हैं।
-मनीष सैनी, फूल कारोबारी
इस समय सबसे ज्यादा मांग गुलाब, रजनीगंधा और जिप्सी की है। शादी समारोहों में सजावट के लिए इनका उपयोग अधिक होता है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल नहीं रहा तो दाम और बढ़ सकते हैं।
-गुड्डू पंडित, फूल कारोबारी