प्रकृति का कहर: तेज आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, मकान क्षतिग्रस्त, खंभे-तार टूटने से बिजली गुल
तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने हाथरस जिले के कई क्षेत्रों में तबाही मचाई। फसलों, पेड़ों, बिजली के खंभों और मकानों को भारी क्षति हुई। जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ और लाखों रुपये की हानि का अनुमान है। प्रशासन ने नुकसान के सर्वे के निर्देश दिए हैं।
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हाथरस जिले के सादाबाद, सहपऊ, बिसावर और चंदपा क्षेत्र में रविवार शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे टूट कर गिर गए। मकानों और टिनशेडों को नुकसान पहुंचा। खराब मौसम के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
सहपऊ क्षेत्र में आंधी और ओलावृष्टि से मक्का, बाजरा, मूंग, खरबूज, तरबूज और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा। कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं। सादाबाद-जलेसर मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। कुछ गांवों में मकान क्षतिग्रस्त होने तथा एक भैंस की मौत की भी सूचना मिली है।
सादाबाद क्षेत्र के बढ़ार स्थित राघव आइस एंड कोल्ड स्टोरेज में लगे सोलर प्लांट के अधिकांश पैनल तेज हवाओं में उखड़ गए। कई पैनल दूर खेतों तक जा गिरे। प्रबंधन के अनुसार इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बिसावर क्षेत्र के कजरौठी गांव में तूफान ने गरीब परिवारों पर सबसे अधिक असर डाला। कई मकानों की दीवारें और टिनशेड ढह गए, जिससे परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। वहीं एक पशुशाला का टिनशेड गिरने से मवेशी घायल हो गए। प्रशासन ने राजस्व टीम को नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
बिसावर, सादाबाद व सहपऊ के साथ चंदपा और बामौली विद्युत उपकेंद्रों की लाइनों पर भी आंधी का व्यापक असर पड़ा। बामौली फीडर पर 40 से अधिक तथा चंदपा क्षेत्र में करीब 10 विद्युत खंभे टूट गए। कई स्थानों पर पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरने से तार टूट गए और आपूर्ति बाधित हो गई। विद्युत विभाग की टीमें देर रात तक मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों और संपत्तियों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इधर, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
एसडीएम सादाबाद मनीष कुमार ने बताया कि नुकसान के आंकलन को लेकर कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों को प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है।
कजरौठी के शिशुपाल के ऊपर से हटी छत
कजरौठी निवासी शिशुपाल सिंह उर्फ मोटे गांव में ही एक छोटी सी पंक्चर की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कुदरत का कहर उनके ऊपर इस तरह टूटा कि उनके मकान के ऊपर पड़ा भारी-भरकम टीनशेड पूरी दीवार को समेटते हुए सीधे छत पर आ गिरा। मकान की ईंटें भरभराकर नीचे ढह गईं। इस हादसे में उनका मुख्य कमरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
दिहाड़ी मजदूर राजन का परिवार हुआ बेघर
बिसावर के कजरौठी गांव के निवासी दिहाड़ी मजदूर राजन सिंह के परिवार पर बड़ी आफत आई है। आंधी के कारण उनके मकान पर लगा 15 फुट लंबा टिनशेड और कमरा ढह गया। कमरा गिरने से लगे झटके के कारण उनके अन्य दो कमरों की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। अब पीड़ित परिवार के सामने रहने और सिर छुपाने का गंभीर संकट हो गया है। उनका बड़ा परिवार इसी घर के तीन कमरों में रहकर गुजारा कर रहा था।
बिसाना में भैंस की मौत
गांव बिसाना में आंधी और बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का तार तथा नीम का पेड़ गिरने से रवि सिंह की एक भैंस की मौत हो गई। घटना से पशुपालक को आर्थिक नुकसान हुआ है।