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Hathras News: प्रमुख चौराहों पर नहीं पेयजल के इंतजाम, प्यासे भटकते हैं राहगीर
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:46 AM IST
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अलीगढ़ रोड गांधी पार्क तिराहे के पास कोतवाली हाथरस गेट के सामने बंद पड़ी प्याऊ। संवाद
- फोटो : Samvad
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सूरज के तीखे तेवरों के साथ ही शहर की सड़कों पर दोपहर के वक्त निकलने वाले लोगों को प्यास सताने लगी है, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर पानी के इंतजाम कागजी साबित हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर पेयजल के मुकम्मल इंतजाम न होने से लोगों को पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
पड़ताल में सामने आया कि डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहा, सासनी गेट चौराहा और चामड़ गेट जैसे अति व्यस्त इलाकों में पेयजल आपूर्ति के इंतजाम पूरी तरह नाकाफी हैं। यहां शीतल जल तो दूर, साधारण नल भी चालू हालत में नहीं मिले। यही हाल सासनी गेट और चामड़ गेट चौराहे का है, जहां दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण और राहगीर पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकते नजर आए।
चिलचिलाती धूप में प्यास से व्याकुल लोग मजबूरन बाजार से 20 रुपये की पानी की बोतल को मजबूर हैं। रेहड़ी-पटरी वालों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह खर्च काफी भारी पड़ रहा है। शहर के इन छह प्रमुख स्थानों पर प्रतिदिन सात हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है, जिन्हें पीने के पानी के लिए या तो रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं या प्यासा रहना पड़ रहा है।
केस-1: सासनी गेट चौराहा
शहर के प्रमुख सासनी गेट चौराहे पर भीषण गर्मी में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस चौराहे से होकर बाजार में मेंडू, हाथरस जंक्शन, सिकंदराराऊ और हसायन के अलावा सोखना, बोझिया, नगला अलिया, रम नगला, महौ और रतनगढ़ी आदि गांवों के लगभग 1500 लोग रोज खरीदारी करने आते हैं। हैरानी की बात यह है कि सासनी गेट चौराहे पर पानी पीने के लिए न तो कोई हैंडपंप है और न ही प्याऊ की कोई व्यवस्था की गई है। ऐसे में लोग बोतल खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं और गर्मी में गला तर करने के लिए उन्हें अपनी जेब से 15 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
केस-2: डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहा (आगरा रोड)
आगरा रोड स्थित डीआरबी इंटर कॉलेज के तिराहे पर भी भीषण गर्मी में पेयजल का बुरा हाल है। इस तिराहे पर सादाबाद, आगरा, चंदपा, सहपऊ और मानिकपुर कस्बों से लोग रोजाना शहर पहुंचते हैं। इसके अलावा मांगरु, हसनपुर बारु, झींगुरा, परसौली, बिसाना, अर्जुनपुर, रोहई और महमूदपुर आदि गांवों के करीब 1600 लोग रोज बाजार करने इसी रास्ते से आते हैं। विडंबना यह है कि डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहे पर लगा हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है और यहां पानी की कोई टंकी भी नहीं है। इस कारण लोग दुकानों से पानी खरीदने को विवश हैं।
केस-3: मोहनगंज तिराहा
शहर के मोहनगंज तिराहे से होकर घंटाघर, बांस मंडी, नजिहाई बाजार, बैनीगंज, मोती बाजार, रुई की मंडी और हलवाई खाना में खरीदारी करने के लिए सिकंदराराऊ, इगलास, गोंडा, मुरसान और सोनई आदि कस्बों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस व्यस्त तिराहे से रोजाना 1200 से 1500 लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन यहाँ लगा हैंडपंप पिछले छह माह से खराब पड़ा है। वहीं कोतवाली सदर के बाहर बनी पानी की टंकी भी अभी तक अधूरी पड़ी है, जिससे यहां पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
केस-4: मेंडू गेट चौराहा
शहर के मेंडू गेट चौराहे पर लगा हैंडपंप पिछले एक साल से खराब पड़ा है और यहां पानी की टंकी या अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। इस रास्ते से वाटर वर्क्स, ढकपुरा, दादनपुर और नयाबांस आदि क्षेत्रों के लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना सर्कुलर रोड, चक्की बाजार, नयागंज और पत्थर बाजार में खरीदारी करने या अन्य कार्यों से आते हैं। पेयजल की कोई सुविधा न होने के कारण इन राहगीरों को इस चिलचिलाती धूप में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केस-5: गांधी पार्क तिराहा
शहर के गांधी पार्क तिराहे के आसपास कोतवाली हाथरस गेट के सामने जो पानी की टंकी लगी है, वह बंद पड़ी है और उसकी टोंटियां तक चोरी हो चुकी हैं। इस रास्ते से होकर सासनी, विजयगढ़, ऊतरा, बबूल गांव, रुहेरी, जगीपुर, तमनागढ़ी, लहरा और एहवरनपुर आदि गांवों के करीब 700 से 900 लोग रोज टेंपो और ई-रिक्शा से शहर आते हैं, लेकिन पेयजल कोई उचित व्यवस्था न होने से इन यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है।
केस-6: सासनी गेट चौराहा
शहर का व्यस्ततम इलाका होने के बावजूद सासनी गेट चौराहे पर न तो कोई हैंडपंप लगा है और न ही प्रशासन की ओर से कोई प्याऊ लगवाई गई है। यहां से कोमल कॉम्प्लेक्स, रामलीला ग्राउंड, गुड़हाई बाजार और कमला बाजार की ओर रोजाना 1000 से 1200 लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पेयजल सुविधाओं के शून्य होने से स्थानीय दुकानदारों और बाहर से आने वाले लोगों को इस गर्मी में बेहद तकलीफ हो रही है।
शहर के सासनी गेट चौराहे पर भीषण गर्मी में पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस चौराहे पर न तो कोई हैंडपंप है और न ही कोई प्याऊ। ग्रामीण जब बाजार आते हैं, तो उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। मजबूरी में 15 से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।
चोब सिंह निवासी ग्राम धौलाकुआं
आगरा रोड स्थित शहीद पार्क के सामने डीआरबी इंटर कॉलेज के तिराहे पर इस भीषण गर्मी में पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। गर्मी में गला तर करने के लिए लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा है।
-राज कुमार निवासी आवास-विकास कॉलोनी
मोहनगंज तिराहे से होकर बड़ी संख्या में लोग बाजारों में खरीदारी करने आते हैं, लेकिन यहां का हैंडपंप खराब पड़ा है। कोतवाली के सामने बनी प्याऊ भी बंद है। ऐसी स्थिति में प्यास बुझाने के लिए पानी की बोतल या पाउच खरीदना हमारी मजबूरी है।
भानू निवासी मधुगढ़ी
अलीगढ़ रोड और गांधी पार्क तिराहे के आसपास पानी पीने के लिए प्याऊ या हैंडपंप की कोई सुविधा नहीं है। कोतवाली हाथरस गेट के सामने जो प्याऊ बनी है, वह भी बंद पड़ी है और उसकी टोंटियां चोरी हो गई हैं। इस तपती गर्मी में पानी की भारी किल्लत हो रही है।
-मृगराज निवासी नगला तुंदला
पेयजल के लिए इंतजामात कराए जा रहे हैं। चौराहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर खड़े कराकर पेयजल की आपूर्ति कराई जा रही है।
-रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, हाथरस।
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पड़ताल में सामने आया कि डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहा, सासनी गेट चौराहा और चामड़ गेट जैसे अति व्यस्त इलाकों में पेयजल आपूर्ति के इंतजाम पूरी तरह नाकाफी हैं। यहां शीतल जल तो दूर, साधारण नल भी चालू हालत में नहीं मिले। यही हाल सासनी गेट और चामड़ गेट चौराहे का है, जहां दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण और राहगीर पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकते नजर आए।
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चिलचिलाती धूप में प्यास से व्याकुल लोग मजबूरन बाजार से 20 रुपये की पानी की बोतल को मजबूर हैं। रेहड़ी-पटरी वालों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह खर्च काफी भारी पड़ रहा है। शहर के इन छह प्रमुख स्थानों पर प्रतिदिन सात हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है, जिन्हें पीने के पानी के लिए या तो रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं या प्यासा रहना पड़ रहा है।
केस-1: सासनी गेट चौराहा
शहर के प्रमुख सासनी गेट चौराहे पर भीषण गर्मी में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस चौराहे से होकर बाजार में मेंडू, हाथरस जंक्शन, सिकंदराराऊ और हसायन के अलावा सोखना, बोझिया, नगला अलिया, रम नगला, महौ और रतनगढ़ी आदि गांवों के लगभग 1500 लोग रोज खरीदारी करने आते हैं। हैरानी की बात यह है कि सासनी गेट चौराहे पर पानी पीने के लिए न तो कोई हैंडपंप है और न ही प्याऊ की कोई व्यवस्था की गई है। ऐसे में लोग बोतल खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं और गर्मी में गला तर करने के लिए उन्हें अपनी जेब से 15 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
केस-2: डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहा (आगरा रोड)
आगरा रोड स्थित डीआरबी इंटर कॉलेज के तिराहे पर भी भीषण गर्मी में पेयजल का बुरा हाल है। इस तिराहे पर सादाबाद, आगरा, चंदपा, सहपऊ और मानिकपुर कस्बों से लोग रोजाना शहर पहुंचते हैं। इसके अलावा मांगरु, हसनपुर बारु, झींगुरा, परसौली, बिसाना, अर्जुनपुर, रोहई और महमूदपुर आदि गांवों के करीब 1600 लोग रोज बाजार करने इसी रास्ते से आते हैं। विडंबना यह है कि डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहे पर लगा हैंडपंप पिछले दो साल से खराब पड़ा है और यहां पानी की कोई टंकी भी नहीं है। इस कारण लोग दुकानों से पानी खरीदने को विवश हैं।
केस-3: मोहनगंज तिराहा
शहर के मोहनगंज तिराहे से होकर घंटाघर, बांस मंडी, नजिहाई बाजार, बैनीगंज, मोती बाजार, रुई की मंडी और हलवाई खाना में खरीदारी करने के लिए सिकंदराराऊ, इगलास, गोंडा, मुरसान और सोनई आदि कस्बों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस व्यस्त तिराहे से रोजाना 1200 से 1500 लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन यहाँ लगा हैंडपंप पिछले छह माह से खराब पड़ा है। वहीं कोतवाली सदर के बाहर बनी पानी की टंकी भी अभी तक अधूरी पड़ी है, जिससे यहां पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
केस-4: मेंडू गेट चौराहा
शहर के मेंडू गेट चौराहे पर लगा हैंडपंप पिछले एक साल से खराब पड़ा है और यहां पानी की टंकी या अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। इस रास्ते से वाटर वर्क्स, ढकपुरा, दादनपुर और नयाबांस आदि क्षेत्रों के लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना सर्कुलर रोड, चक्की बाजार, नयागंज और पत्थर बाजार में खरीदारी करने या अन्य कार्यों से आते हैं। पेयजल की कोई सुविधा न होने के कारण इन राहगीरों को इस चिलचिलाती धूप में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केस-5: गांधी पार्क तिराहा
शहर के गांधी पार्क तिराहे के आसपास कोतवाली हाथरस गेट के सामने जो पानी की टंकी लगी है, वह बंद पड़ी है और उसकी टोंटियां तक चोरी हो चुकी हैं। इस रास्ते से होकर सासनी, विजयगढ़, ऊतरा, बबूल गांव, रुहेरी, जगीपुर, तमनागढ़ी, लहरा और एहवरनपुर आदि गांवों के करीब 700 से 900 लोग रोज टेंपो और ई-रिक्शा से शहर आते हैं, लेकिन पेयजल कोई उचित व्यवस्था न होने से इन यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है।
केस-6: सासनी गेट चौराहा
शहर का व्यस्ततम इलाका होने के बावजूद सासनी गेट चौराहे पर न तो कोई हैंडपंप लगा है और न ही प्रशासन की ओर से कोई प्याऊ लगवाई गई है। यहां से कोमल कॉम्प्लेक्स, रामलीला ग्राउंड, गुड़हाई बाजार और कमला बाजार की ओर रोजाना 1000 से 1200 लोगों का आना-जाना लगा रहता है। पेयजल सुविधाओं के शून्य होने से स्थानीय दुकानदारों और बाहर से आने वाले लोगों को इस गर्मी में बेहद तकलीफ हो रही है।
शहर के सासनी गेट चौराहे पर भीषण गर्मी में पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस चौराहे पर न तो कोई हैंडपंप है और न ही कोई प्याऊ। ग्रामीण जब बाजार आते हैं, तो उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। मजबूरी में 15 से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।
चोब सिंह निवासी ग्राम धौलाकुआं
आगरा रोड स्थित शहीद पार्क के सामने डीआरबी इंटर कॉलेज के तिराहे पर इस भीषण गर्मी में पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। गर्मी में गला तर करने के लिए लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा है।
-राज कुमार निवासी आवास-विकास कॉलोनी
मोहनगंज तिराहे से होकर बड़ी संख्या में लोग बाजारों में खरीदारी करने आते हैं, लेकिन यहां का हैंडपंप खराब पड़ा है। कोतवाली के सामने बनी प्याऊ भी बंद है। ऐसी स्थिति में प्यास बुझाने के लिए पानी की बोतल या पाउच खरीदना हमारी मजबूरी है।
भानू निवासी मधुगढ़ी
अलीगढ़ रोड और गांधी पार्क तिराहे के आसपास पानी पीने के लिए प्याऊ या हैंडपंप की कोई सुविधा नहीं है। कोतवाली हाथरस गेट के सामने जो प्याऊ बनी है, वह भी बंद पड़ी है और उसकी टोंटियां चोरी हो गई हैं। इस तपती गर्मी में पानी की भारी किल्लत हो रही है।
-मृगराज निवासी नगला तुंदला
पेयजल के लिए इंतजामात कराए जा रहे हैं। चौराहों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर खड़े कराकर पेयजल की आपूर्ति कराई जा रही है।
-रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, हाथरस।

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