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Hathras News: ओढ़पुरा बिजलीघर का घेराव, हंगामे के बाद जेई का तबादला
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ओढ़पुरा बिजलीघर पर रालोद के पदाधिकारी को समझाते अधिशासी अभियंता। संवाद
- फोटो : Samvad
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मुरसान के गांवों में बिजली की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। बीते 15 दिनों से कुछ गांवों में ट्रांसफॉर्मर फुंके पड़े हैं तो कुछ जगहों पर लाइनें टूटी पड़ी हैं। भड़के ग्रामीणों ने बुधवार को रालोद कार्यकर्ताओं संग ओढ़पुरा बिजलीघर का घेराव कर हंगामा कर दिया। जबरदस्त हंगामे के बाद इस क्षेत्र के जेई का तबादला कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि खुटीपुरी व बामौली में बिजली की समस्या बढ़ गई है। संबंधित जूनियर इंजीनियर द्वारा न तो फोन उठाया जाता है और न ही समाधान किया जा रहा है। कई गांवों में 15 दिनों से ट्रांसफॉर्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन उन्हें बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जेई पर अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के भी आरोप लगाए गए। घेराव का नेतृत्व रालोद के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह व जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी ने किया।
ग्रामीण बिजलीघर के बाहर धरने पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी की। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिशासी अभियंता ग्रामीण लाल बहादुर ने समस्याएं सुनीं और तत्काल तीन ट्रांसफाॅर्मर भेजने की व्यवस्था कराई। बावजूद इसके कार्यकर्ता जेई के निलंबन की मांग पर अड़े रहे।
हंगामा बढ़ता देख उच्च अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार की ओर से समस्याओं के शीघ्र समाधान और संबंधित जेई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद जेई का तबादला कर दिया गया। तब कहीं प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त किया। रालोद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासचिव विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ बंटी, अनिल प्रधान, राजेश चौधरी, सुभाष प्रधान के अलावा तमाम गांव के लोग मौजूद थे।
गांव में बीते 15 दिन से ट्रांसफाॅर्मर फुंके पड़े हैं, लाइनें टूटी पड़ी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जेई से तो बात करना ही बेकार है। भीषण गर्मी में जीना मुश्किल हो गया है।
निरंजन सिंह निवासी गांव करील।
हमारे खेतों में मकान बने हैं, लेकिन वहां लाइन नहीं खींची जा रही। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। एस्टीमेट बना दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।
हरस्वरूप सिंह निवासी नगला हनी।
आंधी बारिश के कारण पांच अप्रैल को तार टूट गए थे, आज तक बिजली नहीं आई। सारी फसल सूख गई है। लाइन मैन से लेकर जेई तक कोई सुनने को तैयार नहीं है। लाइन सही हो तो कुछ काम करें।
सतेंद्र कुमार निवासी करील।
गांव में 11 हजार की लाइन से चार हादसे हो चुके हैं, कोई सुनने को तैयार नहीं है। 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर तीन साल से बदला नहीं गया। जेई से कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शिवचरन निवासी गांव कटेला।
जेई पर कार्रवाई करते हुए उनका स्थानांतरण कर दिया गया है। आरोपों की जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की जो समस्याएं हैं, उनके निस्तारण को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अजीत कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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ग्रामीणों ने बताया कि खुटीपुरी व बामौली में बिजली की समस्या बढ़ गई है। संबंधित जूनियर इंजीनियर द्वारा न तो फोन उठाया जाता है और न ही समाधान किया जा रहा है। कई गांवों में 15 दिनों से ट्रांसफॉर्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन उन्हें बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जेई पर अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के भी आरोप लगाए गए। घेराव का नेतृत्व रालोद के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह व जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी ने किया।
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ग्रामीण बिजलीघर के बाहर धरने पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी की। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिशासी अभियंता ग्रामीण लाल बहादुर ने समस्याएं सुनीं और तत्काल तीन ट्रांसफाॅर्मर भेजने की व्यवस्था कराई। बावजूद इसके कार्यकर्ता जेई के निलंबन की मांग पर अड़े रहे।
हंगामा बढ़ता देख उच्च अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार की ओर से समस्याओं के शीघ्र समाधान और संबंधित जेई के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद जेई का तबादला कर दिया गया। तब कहीं प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त किया। रालोद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासचिव विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ बंटी, अनिल प्रधान, राजेश चौधरी, सुभाष प्रधान के अलावा तमाम गांव के लोग मौजूद थे।
गांव में बीते 15 दिन से ट्रांसफाॅर्मर फुंके पड़े हैं, लाइनें टूटी पड़ी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जेई से तो बात करना ही बेकार है। भीषण गर्मी में जीना मुश्किल हो गया है।
निरंजन सिंह निवासी गांव करील।
हमारे खेतों में मकान बने हैं, लेकिन वहां लाइन नहीं खींची जा रही। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। एस्टीमेट बना दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।
हरस्वरूप सिंह निवासी नगला हनी।
आंधी बारिश के कारण पांच अप्रैल को तार टूट गए थे, आज तक बिजली नहीं आई। सारी फसल सूख गई है। लाइन मैन से लेकर जेई तक कोई सुनने को तैयार नहीं है। लाइन सही हो तो कुछ काम करें।
सतेंद्र कुमार निवासी करील।
गांव में 11 हजार की लाइन से चार हादसे हो चुके हैं, कोई सुनने को तैयार नहीं है। 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर तीन साल से बदला नहीं गया। जेई से कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शिवचरन निवासी गांव कटेला।
जेई पर कार्रवाई करते हुए उनका स्थानांतरण कर दिया गया है। आरोपों की जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की जो समस्याएं हैं, उनके निस्तारण को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अजीत कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता।
