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Hathras News: बारिश के साथ 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, बिछी फसल..ओलों ने तोड़ी किसानों की कमर

संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Mon, 06 Apr 2026 02:19 AM IST
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Rain, accompanied by winds of up to 50 km per hour, left crops scattered and hailstorms ravaging farmers' lives.
बारिश से खेत में बिछी फसल व ओलावृष्टि। संवाद
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हाथरस/ सिकंदराराऊ/सासनी/हसायन/सादाबाद। गेहूं की सुनहरी आभा लिए तैयार खड़ी फसल पर इस बार काले बादलों का कहर टूटा है। शनिवार रात बारिश के साथ हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज हवा और बारिश से गेहूं की फसल बिछ गई, ऊपर से ओलों ने की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी। रविवार को भी तेज हवाएं चलती रहीं।
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आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रविवार की दोपहर में तेज हवा के साथ आई बारिश व ओलों ने किसानों के जख्मों को और ज्यादा गहरा कर दिया है।
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रविवार को आई तेज हवा बारिश व ओलों से सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव पिपलगंवा,कचौरा, हिम्मतपुर, नगला सरदार, अगसोली, रायपुर टप्पा, गंगा गड़ी, भटिकरा, सुजावलपुर, बाजिदपुर, नोर्था, मऊ चिरायल आदि गांव में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को समझ में नहीं आ रहा कि वो क्या करें। वह फसल काट नहीं पा रहे हैंं, जो फसल कटी पड़ी है, उसके बार-बार भीगने से गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।


पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने बताया कि किसानों का बहुत भारी नुकसान हुआ है। गिरी हुई फसल की क्वालिटी गिर जाएगी और किसान को कम दाम मिलेगा। उन्होंने तहसील प्रशासन से मांग की है कि तत्काल क्षति का आकलन कर मुआवजा निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। एसडीएम सिकंदराराऊ संजय कुमार ने बताया कि शनिवार तक लगभग पांच फीसदी नुकसान होने की बात सामने आई थी, अब रविवार को हुई बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा।


हसायन में रविवार की शाम बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि हो जाने से किसान परेशान है। पुरदिलनगर मार्ग स्थित गांव कटाई में सड़क, खेत और गली-मोहल्लों में ओलों की सफेद चादर बिछी नजर आई।


सादाबाद में एसडीएम मनीष चौधरी के साथ राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र के गांव कूपा, सुसाइन, कुरसंडा और बिसावर समेत कई गांवों में पहुंचकर खेतों में पानी में डूबी गेहूं और अन्य फसलों की स्थिति देखी। दौरान लेखपालों ने पीड़ित किसानों से बातचीत कर नुकसान का विस्तृत आंकलन किया।


सासनी में भी तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई क्षेत्र में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और चमक कम होने की आशंका बढ़ गई है।किसान देवेंद्र रावत ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल सड़ने के कगार पर है। किसान नरेंद्र पंडित ने बताया कि उनकी 15 बीघा का फसल काटने के बाद खेतों में पड़ी हुई है रविवार को बरसात एवं ओलावृष्टि होने से उनकी फसल खराब हो जाएगी और छह माह की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।


एसडीएम नीरज शर्मा एवं जिला कृषि अधिकारी निखिल तिवारी ने कोतवाली क्षेत्र के गांव महमूदपुर बरसे, लहौर्रा, नगला बलदेव, लुटसान, दरियापुर, लढौता, सठिया का दौरा किया। उन्होंने देखा कि किसान अपनी बारिश से भीगी फसल को पलट रहे थे। एसडीएम एवं कृषि अधिकारी ने उनसे नुकासन की जानकारी ली।








फसल के नुकसान का सर्वे शुरू

जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद में तीन और चार अप्रैल को हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों व जिला कृषि अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। लेखपाल, प्राविधिक सहायक, एटीएम और बीटीएम की संयुक्त टीमें खेतों में पहुंचकर सर्वे कर रही हैं। डीएम ने बताया कि जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें शासन की योजनाओं के तहत यथासंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।


28 हजार किसानों फसल बीमा, 302 ने ही किया आवेदन

हाथरस। जिले में 28 हजार किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया था, इनमें से 302 किसानों ने ही बीमा कंपनियों के समक्ष नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। बीमा कंपनी की ओर से सर्वे किया जा रहा है।


यह आंकड़ा तीन अप्रैल तक का है। सर्वाधिक 151 शिकायतें सादाबाद तहसील की ओर से दर्ज कराई गई है। जिले में रबी की फसल के लिए कुल 28,245 किसानों ने बीमा कराया है, जिनका कुल 4490 हेक्टेयर क्षेत्रफल बीमित है। हालांकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी चल रही है, लेकिन कागजी कार्रवाई और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया को लेकर किसान अभी भी असमंजस में हैं।


डीएम अतुल वत्स ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है और बेमौसम बारिश से उनकी फसल को क्षति पहुंची है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे बीमा कंपनी द्वारा फसल क्षति का सर्वे जल्द कराया जा सकेगा।





तहसील -- प्रभावित किसानों की संख्या (गेहूं की फसल)

हाथरस -- 85

सासनी -- 36

सादाबाद -- 151

सिकंदराराऊ -- 30

रबी की फसल का बीमा कराने वाले किसानों की संख्या -- 28245

बीमित क्षेत्रफल -- 4490 हेक्टेयर




मिट्टी में मिली किसानों की मेहनत और अरमान

लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत और अरमान मिट्टी में मिल गए हैं। किसान परेशान है, उनका कहना है कि इस बार लागत निकलना तो दूर अब खाने के लिए भी गेहूं बचेगा या नहीं, इसकी चिंता है।



गांव गढ़ी रत्ती निवासी वेदवीर ने बताया कि रविवार दोपहर हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। नौ बीघा में गेहूं किया था। पूरी फसल पानी में डूब गई है। अब धूप निकलने पर देखना पड़ेगा कि कुछ बचता है या नहीं।


गांव कोटा निवासी किसान अमर सिंह ने दस बीघा जमीन में से चार बीघा में गेहूं की बुवाई की थी। चार बार की बारिश में भीगने से काले पड गए है। उन्होंने बताया कि फसल बर्बाद हो गई है। कर्जा लेकर जो लागत लगाई थी, उसे कैसे चुकाएंगे यही चिंता है। अभी बारिश बंद होने का नाम नहीं ले रही है।



इसी गांव के डोरीलाल की भी चार बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। अभी एक बीघा की फसल ही कट पाई थी, फिर से बारिश आ गई। किसान दिनेश चौधरी ने बताया कि नौ बीघा खेत बंटाई पर लेकर गेहूं की बुवाई की थी। सुबह हुई ओलावृष्टि और बारिश से उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। वह कहते हैं कि हम पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। घर में खाने के लिए भी गेहूं नहीं बचा है। बड़ी उम्मीद थी कि पकी हुई फसल घर पहुंच जाएगी, लेकिन सब कुछ खत्म हो गया।



किसान महेंद्र सिंह गौतम ने बताया कि करीब 25 मिनट तक पड़े ओलों ने उनकी 10 बीघा गेहूं की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया। अभी घर में एक दाना गेहूं का नहीं पहुंच सका है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

आंधी में टूटे पेड़, यातायात प्रभावित
जनपद में शनिवार देर रात से मौसम ने अचानक करवट ले ली। मौसम विभाग के अनुसार हवाओं की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज हवा और बारिश के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। रविवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा।

दोपहर होते-होते हवाओं की गति तेज हो गई और कई इलाकों में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस पर ही सीमित रहा।

आपदा प्रबंधन के समन्वयक लेखराज ने बताया कि अब मौसम धीरे-धीरे साफ होगा और सोमवार को आसमान साफ रहने की संभावना है। हालांकि विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है, क्योंकि मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति बनी रह सकती है। संवाद
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