सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Retired inspector acquitted in police beating death 47 years ago

Hathras News: पुलिस की पिटाई से 47 साल पहले हुई मौत में सेवानिवृत्त दरोगा बरी

संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 11 Jan 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Retired inspector acquitted in police beating death 47 years ago
विज्ञापन
पुलिस की पिटाई से 47 पहले हुई कल्लू की मौत के मामले में एडीजे एफटीसी कोर्ट द्वितीय ने तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर भरत सिंह यादव को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले की चार्जशीट में 35 गवाह बनाए गए थे, जिनमें पुलिस मृतक की पत्नी राधा देवी को ही पेश कर पाई, उन्होंने भी भरत सिंह को नहीं पहचाना, जिसके चलते आरोपी को कोर्ट ने संदेह का लाभ दे दिया।
Trending Videos


इस मामले में दरोगा सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। 29 साल तक चले इस मुकदमे में 26 तारीखें लगीं। भरत सिंह यादव ही तारीखों पर आ रहे थे, एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, छह आरोपी न्यायालय पेश नहीं हुए। जिस समय यह घटना हुई, उस समय हाथरस अलीगढ़ जिले का हिस्सा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, अभियोजन पक्ष के अनुसार हाथरस जंक्शन थाना पुलिस ने 29 दिसंबर 1978 की रात गांव रामपुर से कल्लू और उसके साथी पूरन को लूटपाट के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो जनवरी 1979 को अलीगढ़ जेल में कल्लू की मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया गया था।

पूर्व सांसद रामप्रसाद देशमुख के हस्तक्षेप के बाद परिवार के आरोपों पर 1982 में मुकदमा दर्ज हुआ और सीबीसीआईडी ने इसकी जांच की। आठ पुलिस कर्मियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, षड़यंत्र व गैर इरादतन हत्या के आरोप वर्ष 1997 में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में उस समय के थानाध्यक्ष रामपाल सिंह, एसआई भरत सिंह व हरीशचंद्र, सिपाही रामपाल सिंह, सुखदेव सिंह, विजय सिंह, रणधीर सिंह व रतन सिंह को आरोपी बनाया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं थी मौत की वजह

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कलुआ के शरीर पर पांच चोटें दर्शाई थीं। ये चोटें मौत के लिए पर्याप्त थीं या नहीं, इसका उल्लेख चिकित्सक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं किया था। मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया, लेकिन पुलिस ने विसरा रिपोर्ट पत्रावली में संलग्न ही नहीं की।

छह आरोपियों के जारी हैं गैर जमानती और कुर्की वारंट

चार्जशीट दाखिल होने के बाद कुछ तारीखों तक विजय व रणधीर सिंह अदालत में हाजिर हुए, लेकिन जमानत लेने के बाद ये फिर कोर्ट में नहीं दिखे। गैर जमानती वारंट व कुर्की वारंट के बाद भी इनका कुछ पता नहीं चल सका।अभियुक्त रामपाल सिंह (थानाध्यक्ष) की जून 2008 में मृत्यु आख्या प्राप्त होने पर इनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। शेष छह अभियुक्तों की फाइल भरत सिंह से अलग की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed