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Hathras News: शिकायत पर पटल से हटा दी गई थी सोनिया, दो माह बाद फिर दे दिया चार्ज

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:16 AM IST
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Sonia was removed from her post following a complaint, but was reinstated two months later.
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रुपये मांगने की कोतवाली सदर में शिकायत करतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Samvad
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पीएम आवास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की जड़ें नगर निकायों से लेकर जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) तक फैली हुई हैं। बुधवार को रिश्वत लेती पकड़ी गई महिला कर्मी सोनिया पर जून 2025 में भी रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, तब उसे पीएम आवास पटल से हटा दिया गया था, दो माह बाद फिर से उसे उसी पटल पर तैनात कर दिया गया।
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नगर पालिका परिषद हाथरस में पीएम आवास योजना 2.0 में आवेदकों से रिश्वत मांगने का मामला जून 2025 में भी प्रकाश आया था। योजना में 1500 आवास आवंटन का लक्ष्य मिला था, जिसके बाद दलाल सक्रिय हो गए थे। लगातार मिल रही शिकायतों पर अमर उजाला ने 7 जून 2025 को खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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जुलाई 2025 में ईओ रोहित सिंह ने सोनिया सिंह को पीएम आवास के पटल से हटाने के बाद निर्देश दिया था कि केवल राजस्व निरीक्षक ही सत्यापन करने क्षेत्र में जाएंगे। उस समय 3500 आवेदन डूडा से सत्यापन के लिए नगर पालिका को मिले थे और हर एक पर ढाई से तीन हजार रुपये मांगे जा रहे थे।




मामला शांत होने के बाद सितंबर 2025 में नगर पालिका अध्यक्ष के आदेश पर फिर से सोनिया सिंह को इस पटल का कार्य दे दिया गया था। इसके लिए सोनिया सिंह के प्रार्थना पत्र पर एक जांच कराई गई थी, जिसमें दर्शाया गया कि पूर्व में हुई शिकायतें झूठी थीं और इसके पीचे किसी पालिका कर्मचारी की मिलीभगत थी।



पटल पर आने के बाद फिर से रिश्वत लेने का खेल शुरू हो गया था। जानकारी के अनुसार पालिका पर सत्यापन के लिए अब तक 4500 से आवेदन आए हैं, जिनमें से लगभग 900 ही सत्यापन कर आगे बढ़ाए गए हैं।




डूडा के कर्मचारी के खिलाफ चल रही जांच

पीएम आवास में फाइल पास कराने के लिए नगर निकाय से लेकर डूडा तक आवेदकों से रिश्वत ली जा रही है। एक फाइल पास होने पर लगभग 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। हाल ही में एक शिकायतकर्ता आशीषपाल गौतम ने शपथ पत्र के जरिए कार्यालय में तैनात सीएलटीसी अक्षय शर्मा की शिकायत की थी। उन पर दलालों के जरिये अवैध वसूली और शिकायतों को दबान के आरोप लगाए थे। आरोप था कि नगर पालिका के माध्यम से लेन-देन का दबाव बनाया जाता है। सीएलटीसी ने इन आरोपों को गलत बतााया था। मार्च 2026 में इस मामले में निदेशक सूडा ने जांच के आदेश दिए थे। डीएम के निर्देश पर सीडीओ पीएन दीक्षित इस मामले की जांच कर रहे हैं।






शिकायतों के चलते कर्मचारी सोनिया सिंह को हटाया गया था, लेकिन बाद में जांच में आरोप साबित नहीं हुए। इसलिए उन्हें पुन: जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो से रिपोर्ट मिलने के बाद कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।

रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
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