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हाथरस सत्संग हादसा: पंचनामा भरने वाले दरोगा के बयान दर्ज, उन पर जिरह पूरी, अब सुनवाई 13 अगस्त को
Thu, 06 Aug 2026 06:17 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:17 PM IST
सार
दो साल पहले सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में सत्संग के बाद भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बहुचर्चित सिकंदराराऊ सत्संग हादसे के मामले में बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक की अदालत में सुनवाई हुई। 35वें गवाह के रूप में उपनिरीक्षक वाजिद हुसैन के बयान दर्ज किए गए और उन पर जिरह पूरी हुई। मामले में अगली तिथि 13 अगस्त निर्धारित की गई है।
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दो साल पहले सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में सत्संग के बाद भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। बृहस्पतिवार को गवाही के दौरान वाजिद हुसैन ने अदालत को बताया कि तीन जुलाई 2024 को उनकी ड्यूटी एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के बाहर मोर्चरी पर थी।
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उन्होंने महिला आरक्षियों की मदद से जयंती, अंशू कुमारी और प्रेमवती के शवों की शिनाख्त उनके परिजनों से कराई थी और नियमानुसार पंचनामे की कार्यवाही पूरी की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा की गई जिरह के दौरान दरोगा ने स्पष्ट किया कि पंचनामा भरते समय महिला आरक्षियों ने सभी शवों को उलट-पलटकर देखा था, लेकिन किसी भी शव पर मारपीट या बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला था।
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गवाह ने अदालत में दोहराया कि पंचों की राय और निरीक्षण के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सभी मौतें केवल भगदड़ में गिरने और कुचलने के कारण हुईं थीं, न कि किसी मारपीट या हिंसा की वजह से। इस बहुचर्चित मामले में अदालत में लगातार गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।