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Hathras News: युद्ध ने बिगाड़ा दावतों का स्वाद, दोना पत्तल और गिलास 25 फीसदी तक महंगे
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:33 AM IST
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दुकान में रजे दोना-पत्तल। संवाद
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ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण बने अस्थिरता के माहौल, कच्चे माल की कीमतों में उछाल और गैस की किल्लत ने दोना, पत्तल और गिलास बाजार की कमर तोड़ दी है। नजिहाई बाजार और हलवाई खाना में मिलने वाले डिस्पोजेबल उत्पादों की कीमतों में डेढ़ महीने में 15 से 25 फीसदी तक की जबरदस्त वृद्धि हो गई है। जिससे शादी वाले घरों की दावत का खर्च बढ़ गया है।
शादियों और मांगलिक कार्यों का सीजन (सहालग) शुरू हो रहा है। ऐसे में डिस्पोजेबल बर्तनों की मांग सबसे अधिक है। दोना व प्लेट के जो पैकेट पहले थोक में 40 से 50 रुपये के मिल जाते थे, अब उनकी कीमत 60 के पार जा चुकी है। चाय और पानी के डिस्पोजेबल गिलास की कीमतों में भी प्रति कार्टन 100 से 150 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस महंगाई के कारण व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। व्यापारियों के अनुसार डिस्पोजेबल ग्लास और दौना-पत्तल बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर, प्लास्टिक दाना और विशेष पेपर की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में 15 से 25 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने से यह महंगाई है, क्योंकि अधिकांश डिस्पोजेबल आइटम पेट्रोलियम उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) से बनते हैं, इसलिए उनकी लागत सीधे तौर पर बढ़ गई है। मालभाड़ा में भी इजाफा हुआ है।
स्थानीय व्यापार पर असर
हाथरस के हलवाई खाना व नजिहाई बाजार में छोटे और मझोले स्तर की सैकड़ों थोक दुकानें हैं। महंगाई की इस मार से न केवल बड़े व्यापारी, बल्कि वे रेहड़ी-पटरी वाले भी परेशान हैं, जो चाट-पकोड़े या चाय के काम में इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब शादी-ब्याह के बजट में डिस्पोजेबल का खर्च एक अलग चुनौती बनकर उभरा है। सामान की कीमतें बढ़ने से कैटर्स ने भी निर्धारित पैकेज की कीमत बढ़ा दी है।
थोक में गिलास का जो छोटा पैकेट 18 रुपये का था, वह 25 रुपये हो गया है। दोने का पैकेट 18 से 26 रुपये पर पहुंच गया है। प्लास्टिक की डिस्पोजेबल प्लेट चार से साढ़े चार रुपये की हो गई है।
निशांत वार्ष्णेय, व्यापारी।
डिस्पोजेबल आइटम महंगे होने से व्यापार पर असर पड़ा है। लोगों ने विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। फाइबर क्रॉकरी का चलन तो पहले से ही है। महंगाई लोगों को उसी ओर ले जा रही है।
भानू प्रकाश वार्ष्णेय, व्यापारी।
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शादियों और मांगलिक कार्यों का सीजन (सहालग) शुरू हो रहा है। ऐसे में डिस्पोजेबल बर्तनों की मांग सबसे अधिक है। दोना व प्लेट के जो पैकेट पहले थोक में 40 से 50 रुपये के मिल जाते थे, अब उनकी कीमत 60 के पार जा चुकी है। चाय और पानी के डिस्पोजेबल गिलास की कीमतों में भी प्रति कार्टन 100 से 150 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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इस महंगाई के कारण व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। व्यापारियों के अनुसार डिस्पोजेबल ग्लास और दौना-पत्तल बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर, प्लास्टिक दाना और विशेष पेपर की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में 15 से 25 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने से यह महंगाई है, क्योंकि अधिकांश डिस्पोजेबल आइटम पेट्रोलियम उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) से बनते हैं, इसलिए उनकी लागत सीधे तौर पर बढ़ गई है। मालभाड़ा में भी इजाफा हुआ है।
स्थानीय व्यापार पर असर
हाथरस के हलवाई खाना व नजिहाई बाजार में छोटे और मझोले स्तर की सैकड़ों थोक दुकानें हैं। महंगाई की इस मार से न केवल बड़े व्यापारी, बल्कि वे रेहड़ी-पटरी वाले भी परेशान हैं, जो चाट-पकोड़े या चाय के काम में इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब शादी-ब्याह के बजट में डिस्पोजेबल का खर्च एक अलग चुनौती बनकर उभरा है। सामान की कीमतें बढ़ने से कैटर्स ने भी निर्धारित पैकेज की कीमत बढ़ा दी है।
थोक में गिलास का जो छोटा पैकेट 18 रुपये का था, वह 25 रुपये हो गया है। दोने का पैकेट 18 से 26 रुपये पर पहुंच गया है। प्लास्टिक की डिस्पोजेबल प्लेट चार से साढ़े चार रुपये की हो गई है।
निशांत वार्ष्णेय, व्यापारी।
डिस्पोजेबल आइटम महंगे होने से व्यापार पर असर पड़ा है। लोगों ने विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। फाइबर क्रॉकरी का चलन तो पहले से ही है। महंगाई लोगों को उसी ओर ले जा रही है।
भानू प्रकाश वार्ष्णेय, व्यापारी।