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Hathras News: गैर इरादतन हत्या की कोशिश में दो को सात साल की सजा
Fri, 14 Aug 2026 02:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:34 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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हसायन के गांव रसूलपुर में करीब 12 वर्ष पहले हुए गैर इरादतन जानलेवा हमले के मामले में एडीजे कोर्ट 5 विजय कुमार द्वितीय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 75 हजार रुपये घायल को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत के समक्ष प्रस्तुत मामले के अनुसार मुकदमा वर्ष 2014 में थाना हसायन में दर्ज हुआ था। अभियोजन के मुताबिक आरोपी मुकेश उर्फ वकील और सत्ते निवासी गांव रसूलपुर, थाना हसायन ने टेकशन पाल पर हमला किया था। घटना के बाद घायल की हालत गंभीर हो गई थी और उसे उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाया गया था।
कोतवाली हाथरस जंक्शन में 14 मई 2014 को गांव बघराया निवासी महेंद्र सिंह ने अपने दामाद सत्ते व उसके साथी मुकेश उर्फ वकील निवासी रसूलपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि नौ मई 2014 को वह लहसुन बेचने एटा गए थे। उसी दिन शाम को वापस गांव लौटे तो पता चला कि मुकेश उनके बेटे तीक्षण पाल को यह कहते हुए ले गया था कि उसके बहनोई सत्ते ने बुलाया है।
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महेंद्र के अनुसार दूसरे दिन उनका दामाद बेटे को गंभीर हालत में गांव में पटककर चला गया था। उसके साथ मारपीट की गई थी और सिर में गंभीर चोट थी। उपचार के लिए उसे आगरा से दिल्ली रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 के तहत प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना बाद चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सत्र परीक्षण के दौरान उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोनों को धारा 308 सहपठित धारा 34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया।
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अदालत के समक्ष प्रस्तुत मामले के अनुसार मुकदमा वर्ष 2014 में थाना हसायन में दर्ज हुआ था। अभियोजन के मुताबिक आरोपी मुकेश उर्फ वकील और सत्ते निवासी गांव रसूलपुर, थाना हसायन ने टेकशन पाल पर हमला किया था। घटना के बाद घायल की हालत गंभीर हो गई थी और उसे उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र ले जाया गया था।
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कोतवाली हाथरस जंक्शन में 14 मई 2014 को गांव बघराया निवासी महेंद्र सिंह ने अपने दामाद सत्ते व उसके साथी मुकेश उर्फ वकील निवासी रसूलपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि नौ मई 2014 को वह लहसुन बेचने एटा गए थे। उसी दिन शाम को वापस गांव लौटे तो पता चला कि मुकेश उनके बेटे तीक्षण पाल को यह कहते हुए ले गया था कि उसके बहनोई सत्ते ने बुलाया है।
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महेंद्र के अनुसार दूसरे दिन उनका दामाद बेटे को गंभीर हालत में गांव में पटककर चला गया था। उसके साथ मारपीट की गई थी और सिर में गंभीर चोट थी। उपचार के लिए उसे आगरा से दिल्ली रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 के तहत प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना बाद चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सत्र परीक्षण के दौरान उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोनों को धारा 308 सहपठित धारा 34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया।