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Jalaun News: 15 घंटे बारिश, सड़कें डूबीं, घरों में घुसा पानी
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फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद
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उरई/कोंच। जिले में 15 घंटे हुई बारिश ने शहर व कस्बों की जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। उरई के चुर्खी रोड स्थित नया पटेल नगर में जलभराव के कारण एक हजार की आबादी का रास्ता बंद हो गया और लोग घरों में कैद होकर रह गए। वहीं, कोंच के चंदकुआ चौराहे पर घुटनों से ऊपर पानी भर गया। गंदा पानी मकानों, दुकानों और क्लीनिकों में घुसने से लोगों को सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बारिश ने पालिकाओं की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहर में नया पटेल नगर का रास्ता हुआ बंद
शहर में चुर्खी रोड स्थित नया पटेल नगर में बारिश का पानी मुख्य रास्ते पर भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया। करीब एक हजार की आबादी वाले इस मोहल्ले के लोगों को घरों में कैद होना पड़ा। कई जगह सड़क पूरी तरह जलमग्न होने से दोपहिया वाहन निकालना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर बार इसी तरह की स्थिति पैदा होती है। पानी की निकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण सड़क पर जमा पानी घंटों बाद कम होता है।
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नहीं हो सका नाला सफाई का टेंडर
तीन साल की तरह इस बार भी नगर पालिका शहर में नाला सफाई का टेंडर नहीं करा सकी। इससे बड़े नालों की सफाई कुछ कर्मचारियों के भरोसे औपचारिकता बनकर रह गई। बारिश का पानी नालों में गिरा व वहां पहले से जमा गंदगी के कारण नाले उफना गए और जल निकासी बंद हो गई। इसी का परिणाम रहा कि शहर के प्रमुख मार्ग, बाजार जलमग्न नजर आए। नगर पालिका के ईओ ने बताया कि हर वार्ड में कर्मचारियों से नालों की सफाई कराई गई थी। बारिश में सड़कों पर पानी भरना आम बात है।
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कोंच में चंदकुआ चौराहा बना तालाब
उधर, कोंच में शनिवार शाम हुई बारिश के बाद चंदकुआ चौराहे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। यहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया।जरूरी काम से निकली कोतवाली पुलिस की गाड़ी भी जलभराव के बीच से होकर गुजरी। चौराहे के आसपास की दुकानों और मकानों में गंदा पानी घुस गया। इससे दुकानदारों का सामान भीग गया। रेहड़ी-ठेला लगाने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
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क्लीनिकों में घुसा नाली का पानी
जलभराव का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। चंदकुआ चौराहे के आसपास स्थित क्लीनिकों में नालियों का गंदा पानी घुस गया। फर्श पर पानी भरने के कारण चिकित्सकों और कर्मचारियों को परेशानी हुई। डॉ. दिलीप अग्रवाल के क्लीनिक में भी पानी भर गया। चिकित्सक और अन्य लोग पैर ऊपर कर बैठे दिखाई दिए।
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रामगंज से पटेल नगर तक कई मोहल्ले प्रभावित
कोंच के रामगंज बाजार, लवली चौराहा, नई बस्ती, कंजड़ बाबा, गांधी नगर, प्रताप नगर और पटेल नगर समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। कुछ स्थानों पर सड़कें काफी देर तक पानी में डूबी रहीं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को
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सफाई पर 12.23 लाख खर्च, फिर भी नालों में अटका पानी
नगर की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ा सवाल नाला सफाई पर खर्च होने वाली रकम को लेकर उठ रहा है। इस वर्ष नगर पालिका ने करीब 12.23 लाख रुपये की लागत से मलंगा नाला और नरिया की सफाई ठेके पर कराई।
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यह बोले लोग
हर बारिश में सामने आती है समस्या
फोटो- 17 आकाश अग्रवाल।
स्थानीय निवासी आकाश अग्रवाल ने कहा कि जलभराव नगर की पुरानी समस्या है। बारिश होते ही कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाता है। शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
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फोटो- 18 डॉ. दिलीप अग्रवाल।
डॉ. दिलीप अग्रवाल ने कहा कि बारिश के समय जगह-जगह पानी भरने से लोगों को हर साल परेशानी होती है। उच्चाधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर विशेष अभियान चलाना चाहिए।
वर्जन
बारिश में जहां - जहां जलभराव हुआ है, इसे दिखवाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जा रहा है, इससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - अभिनव कुमार, एसडीएम।
फोटो- 19 तिल की फसल में भरा बारिश का पानी। संवाद
पानी निकासी नहीं होने से 400 से 500 बीघा तिल की फसल जलमग्न
- उरई-मुहाना स्टेट हाईवे पर पुलिया नहीं बनने से हर साल खेतों में भरता है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। लगातार दो दिन से हो रही तेज बारिश से मुहम्मदाबाद मौजे के खेतों में पानी भर गया है। इससे तिल की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार तिल की फसल अच्छी थी, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र में हर साल करीब 400 से 500 बीघा फसल पानी निकासी की समस्या के कारण प्रभावित होती है।
किसानों के अनुसार उरई-मुहाना स्टेट हाईवे के निर्माण के दौरान खेतों का पानी निकालने के लिए पर्याप्त पुलिया नहीं बनाई गईं। इसके अलावा पहले से बनी पानी निकासी की कई खंतियां भी लोगों ने बंद कर दी हैं। ऐसे में बारिश होने पर खेतों में लबालब पानी भर जाता है और निकासी का कोई रास्ता नहीं बचता। किसानों का कहना है कि यदि तीन-चार दिन लगातार बारिश हो जाए तो फसल बर्बाद होना तय है।
किसान जैनुलाब्दीन, अब्बू खान, दिवाकर राजपूत, शशि राजपूत, चेनू राजपूत, मुवीन अहमद, अमित प्रजापति, कमलेश वर्मा, रमेश वर्मा,भरत, विकास राजपूत, राजकुमार मुखिया और प्रदीप आदि ने बताया कि हाईवे बनने के बाद से ही पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। शताब्दी स्कूल के पास एक पुलिया बनाई गई है, लेकिन उसे ऊंचा कर दिए जाने के कारण खेतों का पानी वहां से निकल नहीं पाता। किसानों ने पानी निकासी के लिए दो और पुलिया बनाने तथा बंद किए गए रास्तों को खुलवाने की मांग की है।
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शहर में नया पटेल नगर का रास्ता हुआ बंद
शहर में चुर्खी रोड स्थित नया पटेल नगर में बारिश का पानी मुख्य रास्ते पर भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया। करीब एक हजार की आबादी वाले इस मोहल्ले के लोगों को घरों में कैद होना पड़ा। कई जगह सड़क पूरी तरह जलमग्न होने से दोपहिया वाहन निकालना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर बार इसी तरह की स्थिति पैदा होती है। पानी की निकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण सड़क पर जमा पानी घंटों बाद कम होता है।
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नहीं हो सका नाला सफाई का टेंडर
तीन साल की तरह इस बार भी नगर पालिका शहर में नाला सफाई का टेंडर नहीं करा सकी। इससे बड़े नालों की सफाई कुछ कर्मचारियों के भरोसे औपचारिकता बनकर रह गई। बारिश का पानी नालों में गिरा व वहां पहले से जमा गंदगी के कारण नाले उफना गए और जल निकासी बंद हो गई। इसी का परिणाम रहा कि शहर के प्रमुख मार्ग, बाजार जलमग्न नजर आए। नगर पालिका के ईओ ने बताया कि हर वार्ड में कर्मचारियों से नालों की सफाई कराई गई थी। बारिश में सड़कों पर पानी भरना आम बात है।
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कोंच में चंदकुआ चौराहा बना तालाब
उधर, कोंच में शनिवार शाम हुई बारिश के बाद चंदकुआ चौराहे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। यहां घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया।जरूरी काम से निकली कोतवाली पुलिस की गाड़ी भी जलभराव के बीच से होकर गुजरी। चौराहे के आसपास की दुकानों और मकानों में गंदा पानी घुस गया। इससे दुकानदारों का सामान भीग गया। रेहड़ी-ठेला लगाने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
क्लीनिकों में घुसा नाली का पानी
जलभराव का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। चंदकुआ चौराहे के आसपास स्थित क्लीनिकों में नालियों का गंदा पानी घुस गया। फर्श पर पानी भरने के कारण चिकित्सकों और कर्मचारियों को परेशानी हुई। डॉ. दिलीप अग्रवाल के क्लीनिक में भी पानी भर गया। चिकित्सक और अन्य लोग पैर ऊपर कर बैठे दिखाई दिए।
रामगंज से पटेल नगर तक कई मोहल्ले प्रभावित
कोंच के रामगंज बाजार, लवली चौराहा, नई बस्ती, कंजड़ बाबा, गांधी नगर, प्रताप नगर और पटेल नगर समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। कुछ स्थानों पर सड़कें काफी देर तक पानी में डूबी रहीं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को
सफाई पर 12.23 लाख खर्च, फिर भी नालों में अटका पानी
नगर की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ा सवाल नाला सफाई पर खर्च होने वाली रकम को लेकर उठ रहा है। इस वर्ष नगर पालिका ने करीब 12.23 लाख रुपये की लागत से मलंगा नाला और नरिया की सफाई ठेके पर कराई।
यह बोले लोग
हर बारिश में सामने आती है समस्या
फोटो- 17 आकाश अग्रवाल।
स्थानीय निवासी आकाश अग्रवाल ने कहा कि जलभराव नगर की पुरानी समस्या है। बारिश होते ही कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाता है। शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
फोटो- 18 डॉ. दिलीप अग्रवाल।
डॉ. दिलीप अग्रवाल ने कहा कि बारिश के समय जगह-जगह पानी भरने से लोगों को हर साल परेशानी होती है। उच्चाधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर विशेष अभियान चलाना चाहिए।
वर्जन
बारिश में जहां - जहां जलभराव हुआ है, इसे दिखवाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जा रहा है, इससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। - अभिनव कुमार, एसडीएम।
फोटो- 19 तिल की फसल में भरा बारिश का पानी। संवाद
पानी निकासी नहीं होने से 400 से 500 बीघा तिल की फसल जलमग्न
- उरई-मुहाना स्टेट हाईवे पर पुलिया नहीं बनने से हर साल खेतों में भरता है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। लगातार दो दिन से हो रही तेज बारिश से मुहम्मदाबाद मौजे के खेतों में पानी भर गया है। इससे तिल की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार तिल की फसल अच्छी थी, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र में हर साल करीब 400 से 500 बीघा फसल पानी निकासी की समस्या के कारण प्रभावित होती है।
किसानों के अनुसार उरई-मुहाना स्टेट हाईवे के निर्माण के दौरान खेतों का पानी निकालने के लिए पर्याप्त पुलिया नहीं बनाई गईं। इसके अलावा पहले से बनी पानी निकासी की कई खंतियां भी लोगों ने बंद कर दी हैं। ऐसे में बारिश होने पर खेतों में लबालब पानी भर जाता है और निकासी का कोई रास्ता नहीं बचता। किसानों का कहना है कि यदि तीन-चार दिन लगातार बारिश हो जाए तो फसल बर्बाद होना तय है।
किसान जैनुलाब्दीन, अब्बू खान, दिवाकर राजपूत, शशि राजपूत, चेनू राजपूत, मुवीन अहमद, अमित प्रजापति, कमलेश वर्मा, रमेश वर्मा,भरत, विकास राजपूत, राजकुमार मुखिया और प्रदीप आदि ने बताया कि हाईवे बनने के बाद से ही पानी निकासी की समस्या बनी हुई है। शताब्दी स्कूल के पास एक पुलिया बनाई गई है, लेकिन उसे ऊंचा कर दिए जाने के कारण खेतों का पानी वहां से निकल नहीं पाता। किसानों ने पानी निकासी के लिए दो और पुलिया बनाने तथा बंद किए गए रास्तों को खुलवाने की मांग की है।

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 10 कोंच में बारिश के बाद बाइक तक सड़क पर भरा पानी। संवाद