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Jalaun News: कृषि ऋण में फर्जी दस्तावेज का आरोप
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आटा। उप्र ग्रामीण बैंक की आटा शाखा से वर्ष 2006 में स्वीकृत किए गए कृषि ऋण के मामले में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। अदालत ने मामले में थाना आटा पुलिस से जांच आख्या तलब की है।
प्रार्थना पत्र में बैंक की ओर से बताया गया है कि आटा शाखा (पूर्व में उसरगांव शाखा) से 9 दिसंबर 2006 को ग्राम पिपरायां कदौरा निवासी लक्ष्मी नारायण पुत्र राम सेवक के नाम कृषि ऋण के रूप में करीब 1.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। बैंक के अनुसार ऋण की अदायगी नहीं होने पर कई बार संपर्क और विधिक नोटिस दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। जांच में ऋण खाते की पत्रावली में खसरा-खतौनी लक्ष्मी नारायण के नाम उपलब्ध थी। बाद में बंधक संबंधी दस्तावेजों की जांच के दौरान तहसील स्तर से जानकारी मिली कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में लक्ष्मी नारायण के नाम दर्ज नहीं है, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। बैंक की ओर से आरोप लगाया गया है कि गलत दस्तावेजों और कथित रूप से कूटरचित खसरा-खतौनी के आधार पर ऋण स्वीकृत कराया गया।
प्रार्थना पत्र में तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम बाबू गुप्ता पर भी नियमों की अनदेखी करते हुए ऋण की निकासी की मंजूरी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। आटा थाना प्रभारी अभिलाष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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प्रार्थना पत्र में बैंक की ओर से बताया गया है कि आटा शाखा (पूर्व में उसरगांव शाखा) से 9 दिसंबर 2006 को ग्राम पिपरायां कदौरा निवासी लक्ष्मी नारायण पुत्र राम सेवक के नाम कृषि ऋण के रूप में करीब 1.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। बैंक के अनुसार ऋण की अदायगी नहीं होने पर कई बार संपर्क और विधिक नोटिस दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। जांच में ऋण खाते की पत्रावली में खसरा-खतौनी लक्ष्मी नारायण के नाम उपलब्ध थी। बाद में बंधक संबंधी दस्तावेजों की जांच के दौरान तहसील स्तर से जानकारी मिली कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में लक्ष्मी नारायण के नाम दर्ज नहीं है, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। बैंक की ओर से आरोप लगाया गया है कि गलत दस्तावेजों और कथित रूप से कूटरचित खसरा-खतौनी के आधार पर ऋण स्वीकृत कराया गया।
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प्रार्थना पत्र में तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम बाबू गुप्ता पर भी नियमों की अनदेखी करते हुए ऋण की निकासी की मंजूरी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। आटा थाना प्रभारी अभिलाष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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