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Jalaun News: कोटरा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की तैनाती नहीं, लौट जाते मरीज
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फोटो-28-कोटरा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मरीज देखते सीएमओ डॉ.वीरेंद्र सिंह। संवाद
- फोटो : 1
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कोटरा। कस्बे के छोटी माता मंदिर मोहल्ले में स्थापित नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर के शुभारंभ के 14 दिन बीत जाने के बावजूद स्थायी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। इस वजह से मरीज लौट जाते हैं।
इस अस्पताल का शुभारंभ 15 जनवरी को भाजपा सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने किया था। उद्घाटन के दौरान क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट सामने आ रही है।
स्थानीय नागरिक अमित गुप्ता, संजू अहिरवार, मेवालाल, राकेश व रोशन ने बताया कि आरोग्य मंदिर में डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को न तो परामर्श मिल पा रहा है और न ही दवाएं। मजबूरन लोगों को निजी अस्पतालों या दूरस्थ सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान भी आरोग्य मंदिर में कोई डॉक्टर अथवा स्टाफ मौजूद नहीं मिला। हालात को देखते हुए सीएमओ ने स्वयं करीब एक घंटे तक बैठकर मरीजों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
सीएमओ ने बताया कि आरोग्य मंदिर में मरीजों की देखरेख के लिए एमबीबीएस डॉक्टर रोहित एवं कर्मचारी बृजेंद्र नायक की तैनाती की गई है, लेकिन दोनों समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह डॉक्टर व कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आरोग्य मंदिर में नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई तो शासन की महत्वाकांक्षी योजना केवल कागजों तक सिमट कर रह जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला कोआर्डिनेटर शहरी स्वास्थ्य संजीव कुमार चंदेरिया भी मौजूद रहे।
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इस अस्पताल का शुभारंभ 15 जनवरी को भाजपा सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने किया था। उद्घाटन के दौरान क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट सामने आ रही है।
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स्थानीय नागरिक अमित गुप्ता, संजू अहिरवार, मेवालाल, राकेश व रोशन ने बताया कि आरोग्य मंदिर में डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को न तो परामर्श मिल पा रहा है और न ही दवाएं। मजबूरन लोगों को निजी अस्पतालों या दूरस्थ सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान भी आरोग्य मंदिर में कोई डॉक्टर अथवा स्टाफ मौजूद नहीं मिला। हालात को देखते हुए सीएमओ ने स्वयं करीब एक घंटे तक बैठकर मरीजों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
सीएमओ ने बताया कि आरोग्य मंदिर में मरीजों की देखरेख के लिए एमबीबीएस डॉक्टर रोहित एवं कर्मचारी बृजेंद्र नायक की तैनाती की गई है, लेकिन दोनों समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह डॉक्टर व कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही आरोग्य मंदिर में नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई तो शासन की महत्वाकांक्षी योजना केवल कागजों तक सिमट कर रह जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला कोआर्डिनेटर शहरी स्वास्थ्य संजीव कुमार चंदेरिया भी मौजूद रहे।
