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Jalaun News: अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों का हमला, 50 से ज्यादा घायल
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फोटो - 21 मृतक वीर सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : 1
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कदौरा (उरई)। क्षेत्र के महमूद नगर गांव के डालेपुरवा मजरा में बृहस्पतिवार सुबह एक वृद्ध के अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इसमें करीब 50 लोग घायल हो गए। 30 लोगों सीएचसी पहुंचाया। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट पर साफ सफाई न होने से वहां मधुमक्खियों ने छत्ते रख लिए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के महमूद नगर निवासी वीरसिंह (78) का बुधवार रात निधन हो गया था। बृहस्पतिवार की सुबह परिजन और ग्रामीण गांव से लगभग 500 मीटर दूर स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर कोई पक्का निर्माण नहीं है और चारों ओर झाड़ियां व पेड़ उगे हुए हैं। जब परिजनों ने अर्थी को निर्धारित स्थान पर रखा तभी पास ही खड़े बबूल के पेड़ पर लगे तीन बड़े छत्तों से अचानक हजारों मधुमक्खियां निकल पड़ीं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, कई लोग जमीन पर गिर पड़े।
ग्रामीणों के अनुसार अंतिम संस्कार में करीब 70 लोग मौजूद थे, जिनमें से 50 से अधिक लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गए। वीरसिंह के पुत्र चंद्रशेखर (45) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। उनके पुत्र धीरू सिंह (20) भी बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा देवीचरन (56), नेता (35), विजय (42), शिवशंकर (29), बब्लू (30), बीरू (32), हर्षू (17), सूर्यप्रताप (24) राजू (50), अशोक (58), रवि सिंह (36), राजकुमार (32) , रज्जन (53), जगन्नाथ (60), शंकर (63),भूरा (48), प्रदीप (38) , सुशील (42), श्याम सुंदर (40), मानसिंह भेड़ी (55), संत सिंह (54) ,श्यामकरन (61),भूरा (48), बृज कुमार (53), सीनू सिंह (33) , धर्मेंद्र (43) सहित 50 लोग घायल हो गए।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा को दी। ग्रामीणों का कहना है कि बीडीओ ने चिकित्सकीय टीम और कर्मचारियों को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन मौके पर कोई टीम नहीं पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। वहीं, सीएचसी अधीक्षक उदय कुमार ने बताया कि अस्पताल में अब तक एक दर्जन से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जो भी घायल अस्पताल पहुंच रहे हैं, सभी का समुचित इलाज किया जा रहा है।
बार-बार फोन करने के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस
घायलों के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया गया, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी। मजबूरी में ग्रामीण अपने निजी साधनों से घायलों को सीएचसी कदौरा लेकर पहुंचे। जिनके पास साधन नहीं थे, उन्होंने गांव में ही घरेलू उपचार कराया।
एक-दूसरे से मदद की गुहार लगाते रहे लोग, आधे घंटे तक तड़पते रहे घायल
कदौरा। मधुमक्खियों के हमले के बाद श्मशान घाट पर इंसानियत बेबस नजर आई। डंक से घायल लोग दर्द से कराहते हुए जमीन पर पड़े रहे और एक-दूसरे से मदद की गुहार लगाते रहे। कोई पानी मांग रहा था तो कोई अपनों को पुकार रहा था। करीब आधे घंटे तक कई घायल बिना इलाज के तड़पते रहे, लेकिन न एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी।
डर के बीच टूटी अंतिम रस्म, सड़क किनारे अंतिम संस्कार
मधुमक्खियों के हमले के बाद श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करना असंभव हो गया। भय और असहायता के माहौल में परिजनों ने शव को सड़क किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार किया। शांति और श्रद्धा होनी चाहिए थी, वहां दहशत और दर्द का साया छाया रहा।
कांपते हाथों से नाती ने दी दादा को मुखाग्नि
घटना के बाद भी परिजनों ने हिम्मत नहीं हारी। घायल और भयभीत माहौल के बीच वीरसिंह को उनके नाती ने मुखाग्नि दी। आंखों में आंसू और हाथों में कंपकंपी थी, फिर भी नाती ने अपने दादा को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
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कोतवाली क्षेत्र के महमूद नगर निवासी वीरसिंह (78) का बुधवार रात निधन हो गया था। बृहस्पतिवार की सुबह परिजन और ग्रामीण गांव से लगभग 500 मीटर दूर स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर कोई पक्का निर्माण नहीं है और चारों ओर झाड़ियां व पेड़ उगे हुए हैं। जब परिजनों ने अर्थी को निर्धारित स्थान पर रखा तभी पास ही खड़े बबूल के पेड़ पर लगे तीन बड़े छत्तों से अचानक हजारों मधुमक्खियां निकल पड़ीं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, कई लोग जमीन पर गिर पड़े।
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ग्रामीणों के अनुसार अंतिम संस्कार में करीब 70 लोग मौजूद थे, जिनमें से 50 से अधिक लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो गए। वीरसिंह के पुत्र चंद्रशेखर (45) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। उनके पुत्र धीरू सिंह (20) भी बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा देवीचरन (56), नेता (35), विजय (42), शिवशंकर (29), बब्लू (30), बीरू (32), हर्षू (17), सूर्यप्रताप (24) राजू (50), अशोक (58), रवि सिंह (36), राजकुमार (32) , रज्जन (53), जगन्नाथ (60), शंकर (63),भूरा (48), प्रदीप (38) , सुशील (42), श्याम सुंदर (40), मानसिंह भेड़ी (55), संत सिंह (54) ,श्यामकरन (61),भूरा (48), बृज कुमार (53), सीनू सिंह (33) , धर्मेंद्र (43) सहित 50 लोग घायल हो गए।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा को दी। ग्रामीणों का कहना है कि बीडीओ ने चिकित्सकीय टीम और कर्मचारियों को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन मौके पर कोई टीम नहीं पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। वहीं, सीएचसी अधीक्षक उदय कुमार ने बताया कि अस्पताल में अब तक एक दर्जन से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जो भी घायल अस्पताल पहुंच रहे हैं, सभी का समुचित इलाज किया जा रहा है।
बार-बार फोन करने के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस
घायलों के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया गया, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी। मजबूरी में ग्रामीण अपने निजी साधनों से घायलों को सीएचसी कदौरा लेकर पहुंचे। जिनके पास साधन नहीं थे, उन्होंने गांव में ही घरेलू उपचार कराया।
एक-दूसरे से मदद की गुहार लगाते रहे लोग, आधे घंटे तक तड़पते रहे घायल
कदौरा। मधुमक्खियों के हमले के बाद श्मशान घाट पर इंसानियत बेबस नजर आई। डंक से घायल लोग दर्द से कराहते हुए जमीन पर पड़े रहे और एक-दूसरे से मदद की गुहार लगाते रहे। कोई पानी मांग रहा था तो कोई अपनों को पुकार रहा था। करीब आधे घंटे तक कई घायल बिना इलाज के तड़पते रहे, लेकिन न एंबुलेंस पहुंची और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी।
डर के बीच टूटी अंतिम रस्म, सड़क किनारे अंतिम संस्कार
मधुमक्खियों के हमले के बाद श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करना असंभव हो गया। भय और असहायता के माहौल में परिजनों ने शव को सड़क किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार किया। शांति और श्रद्धा होनी चाहिए थी, वहां दहशत और दर्द का साया छाया रहा।
कांपते हाथों से नाती ने दी दादा को मुखाग्नि
घटना के बाद भी परिजनों ने हिम्मत नहीं हारी। घायल और भयभीत माहौल के बीच वीरसिंह को उनके नाती ने मुखाग्नि दी। आंखों में आंसू और हाथों में कंपकंपी थी, फिर भी नाती ने अपने दादा को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।

फोटो - 21 मृतक वीर सिंह की फाइल फोटो।- फोटो : 1

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