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Jalaun News: एक साल में 30 हजार से ज्यादा को कुत्तों ने काटा
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फोटो-19-शहर के आर्य कन्या इंटर कॉलेज के पास घूमता कुत्तों का झुंड। संवाद
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उरई। जिले की सड़कों पर कुत्तों व बंदरों का आतंक थम नहीं रहा है। झुंड के झुंड कुत्तों घूम रहे हैं और इनको पकड़ने के नाम पर खानापूरी की जा रही है। जिले में एक साल में साढ़े तीन हजार लोग बंदरों और 30 हजार से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए है।
इन्हें रेबीज की वैक्सीन लगवाई है। सबसे ज्यादा उरई में आठ हजार, कोंच में दो हजार, जालौन में ढाई हजार, कालपी में 3300 और माधौगढ़ में करीब 2700 लोगों को बंदरों ने काटा है। इन्होंने अपने अपने इलाके में बने स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर रेबीज से बचाव का टीकाकरण कराया है।
कुत्ते गलियों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी घूम रहे है। यह रेलवे स्टेशन से लेकर अस्पताल और सरकारी कार्यालय परिसर में भी घूमते मिल रहे हैं। दो दिन पहले इन कुत्तों ने जिला अस्पताल की प्रभारी मेट्रन मिथलेश वर्मा को उस वक्त काट लिया था, जब सुबह वह अस्पताल में राउंड कर रही थीं। इसके बाद उन्होंने रेबीज का इंजेक्शन भी लगवाया।
जिला अस्पताल के टीकाकरण कक्ष में रोजाना साठ से ज्यादा लोग टीकाकरण को पहुंच रहे हैं। इसी तरह बंदर भी स्टेशन के साथ मंदिरों के आसपास आतंक मचाए है। मोेहल्लों में पहुंचकर लोगों के घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। डर के मारे लोगों ने छत पर जाना बंद कर दिया है। कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं।
वर्जन
रेबीज जानलेवा है। इसलिए टीकाकरण में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। रेबीज की डोज जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में मुफ्त लगाई जाती है। सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने यहां रेबीज की डोज की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
वर्जन
आवारा कुत्तों के संरक्षण के लिए एबीसी सेंटर बनाए जाने हैं। इसके लिए नगर पालिका के साथ सामंजस्य बनाकर काम किया जाएगा।
मनोज कुमार अवस्थी, सीवीओ
कोंच में रोजाना 15 से 20 लोग पहुंच रहे सीएचसी, लगवा रहे वैक्सीनकोंच। कोंच क्षेत्र में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदर और कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल बना हुआ है। इन हमलों के चलते रोजाना 15 से 20 लोग सीएचसी कोंच पहुंचकर रेबीज के इंजेक्शन लगवा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर और कुत्ते खासकर सुबह व शाम के समय अधिक आक्रामक हो जाते हैं। राह चलते लोगों, बच्चों और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर दिए जाने से चोटिल होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में लोग घरों की छतों पर भी जाने में डर महसूस कर रहे हैं। लोगों ने कई बार नगर पालिका से बंदरों व कुत्तों को पकड़वाने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। (संवाद)
गल्ला मंडी में बंदरों का आतंक
जालौन। नगर के कई मोहल्लों में लोग बंदरों से परेशान हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या व उनके आतंक से लोगों का चैन छिना हुआ है। नवीन गल्ला मंडी में बंदरों के चलते किसान व व्यापारी परेशान हैं। मंडी में बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा थोक फल व सब्जी मंडी में भी बंदरों से लोग परेशान है। मंडी में रखा अनाज व फल सब्जियों पर बंदरों की निगाह रहती है। जरा सी नजर हटने पर बंदर हाथ साफ कर जाते हैं। (संवाद)
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इन्हें रेबीज की वैक्सीन लगवाई है। सबसे ज्यादा उरई में आठ हजार, कोंच में दो हजार, जालौन में ढाई हजार, कालपी में 3300 और माधौगढ़ में करीब 2700 लोगों को बंदरों ने काटा है। इन्होंने अपने अपने इलाके में बने स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर रेबीज से बचाव का टीकाकरण कराया है।
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कुत्ते गलियों के अलावा सार्वजनिक स्थलों पर भी घूम रहे है। यह रेलवे स्टेशन से लेकर अस्पताल और सरकारी कार्यालय परिसर में भी घूमते मिल रहे हैं। दो दिन पहले इन कुत्तों ने जिला अस्पताल की प्रभारी मेट्रन मिथलेश वर्मा को उस वक्त काट लिया था, जब सुबह वह अस्पताल में राउंड कर रही थीं। इसके बाद उन्होंने रेबीज का इंजेक्शन भी लगवाया।
जिला अस्पताल के टीकाकरण कक्ष में रोजाना साठ से ज्यादा लोग टीकाकरण को पहुंच रहे हैं। इसी तरह बंदर भी स्टेशन के साथ मंदिरों के आसपास आतंक मचाए है। मोेहल्लों में पहुंचकर लोगों के घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। डर के मारे लोगों ने छत पर जाना बंद कर दिया है। कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं।
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रेबीज जानलेवा है। इसलिए टीकाकरण में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। रेबीज की डोज जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में मुफ्त लगाई जाती है। सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने यहां रेबीज की डोज की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
वर्जन
आवारा कुत्तों के संरक्षण के लिए एबीसी सेंटर बनाए जाने हैं। इसके लिए नगर पालिका के साथ सामंजस्य बनाकर काम किया जाएगा।
मनोज कुमार अवस्थी, सीवीओ
कोंच में रोजाना 15 से 20 लोग पहुंच रहे सीएचसी, लगवा रहे वैक्सीनकोंच। कोंच क्षेत्र में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदर और कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल बना हुआ है। इन हमलों के चलते रोजाना 15 से 20 लोग सीएचसी कोंच पहुंचकर रेबीज के इंजेक्शन लगवा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर और कुत्ते खासकर सुबह व शाम के समय अधिक आक्रामक हो जाते हैं। राह चलते लोगों, बच्चों और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर दिए जाने से चोटिल होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में लोग घरों की छतों पर भी जाने में डर महसूस कर रहे हैं। लोगों ने कई बार नगर पालिका से बंदरों व कुत्तों को पकड़वाने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। (संवाद)
गल्ला मंडी में बंदरों का आतंक
जालौन। नगर के कई मोहल्लों में लोग बंदरों से परेशान हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या व उनके आतंक से लोगों का चैन छिना हुआ है। नवीन गल्ला मंडी में बंदरों के चलते किसान व व्यापारी परेशान हैं। मंडी में बंदरों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा थोक फल व सब्जी मंडी में भी बंदरों से लोग परेशान है। मंडी में रखा अनाज व फल सब्जियों पर बंदरों की निगाह रहती है। जरा सी नजर हटने पर बंदर हाथ साफ कर जाते हैं। (संवाद)
