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Jalaun News: 22 साल पुराने मुठभेड़ मामले में पूर्व दस्यु मंगली केवट की पेशी न होने पर बढ़ी तारीख
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उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र में वर्ष 2004 में हुई पुलिस-डकैत मुठभेड़ के मामले में गुरुवार को डकैती कोर्ट में सुनवाई हुई। पूर्व दस्यु सरगना मंगली केवट की अदालत में पेशी नहीं हो सकी। इस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की हैं। दरअसल, मंगली केवल इस समय जमानत पर है।
एक जून 2004 को कुठौंद थाना पुलिस क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कोटा-सिलउआ जनतापुरा के पास डकैतों का एक गिरोह किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है, जिसका नेतृत्व मंगली केवट कर रहा है।
सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की थी। कार्रवाई के दौरान औरैया जनपद निवासी सुरेंद्र और रामनरेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस बरामद हुए थे, जबकि अन्य बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले थे।
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गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वयं को मंगली केवट गिरोह का सदस्य बताया था। इसके बाद पुलिस ने मंगली केवट समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
मामले में लंबे समय तक सुनवाई की प्रक्रिया धीमी रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में जालौन की अदालत ने एक अन्य मामले में चंबल के पूर्व दस्यु सरगना मंगली केवट और उसकी पत्नी मालती केवट को आठ-आठ वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। अभी फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।
एक जून 2004 को कुठौंद थाना पुलिस क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कोटा-सिलउआ जनतापुरा के पास डकैतों का एक गिरोह किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है, जिसका नेतृत्व मंगली केवट कर रहा है।
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सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की थी। कार्रवाई के दौरान औरैया जनपद निवासी सुरेंद्र और रामनरेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस बरामद हुए थे, जबकि अन्य बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले थे।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वयं को मंगली केवट गिरोह का सदस्य बताया था। इसके बाद पुलिस ने मंगली केवट समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
मामले में लंबे समय तक सुनवाई की प्रक्रिया धीमी रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में जालौन की अदालत ने एक अन्य मामले में चंबल के पूर्व दस्यु सरगना मंगली केवट और उसकी पत्नी मालती केवट को आठ-आठ वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। अभी फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।