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Jalaun News: बंधक बनाकर मजदूरी कराने का आरोपी गिरफ्तार
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फोटो - 07 पुलिस गिरफ्त में आरोपी। संवाद
- फोटो : विकास भवन।
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जालौन। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगनेवा में बंधुआ मजदूरी कराने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार देर रात दबिश देकर आरोपी अवधेश उर्फ बबलू को उसके घर से पकड़ लिया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस आरोपी पिता हरिहर प्रसाद दांतरे को गिरफ्तार कर चुकी है।
जगनेवा गांव में नौ मई की रात कोतवाली पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया था। इनमें दिल्ली के विजय नगर निवासी अनिल, बरेली निवासी वीरेंद्र, हमीरपुर के कछुआ कला निवासी प्रेमचंद्र व राठ क्षेत्र के बेगए गांव निवासी धर्मेंद्र शामिल हैं। पुलिस ने मजदूरों को गांव स्थित एक बंद कमरे से मुक्त कराया था, जहां उनसे अमानवीय परिस्थितियों में मजदूरी कराई जा रही थी।
मुक्त कराए गए मजदूरों ने पुलिस को बताया कि उनसे दिन-रात कठोर काम कराया जाता था। खाने के नाम पर कभी थोड़ा दाल-चावल तो कभी एक-दो रोटियां दी जाती थीं। जरा सी गलती होने पर उनको पीटा जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि हरिहर प्रसाद दांतरे और उसका बेटा अवधेश उर्फ बबलू ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो घर से भटके हुए हों या जिनके बारे में ज्यादा पूछताछ करने वाला कोई न हो।
दोनों पहले ऐसे लोगों से दोस्ती करते, उन्हें सहारा और काम दिलाने का भरोसा देते और फिर अपने यहां ले जाकर मजदूरी कराते थे।
पुलिस ने हरिहर प्रसाद को मौके से गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अवधेश उर्फ बबलू फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार रात कोतवाली प्रभारी हरिशंकर चंद को सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही एसआई राजेश वशिष्ठ और निसार अहमद पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और देर रात दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी अवधेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह आसपास घूमकर ऐसे लोगों की तलाश करता था जो घर से भागे हुए हों या जिनके बारे में कोई पूछने वाला न हो। ऐसे लोगों को वह मीठी बातों में फंसाकर अपने साथ ले आता था।
आरोपी ने यह भी कबूला कि अब तक वह करीब छह लोगों को इस तरह अपने यहां मजदूरी कराने के लिए ला चुका है। जो लोग काम नहीं कर पाते थे, उन्हें छोड़ दिया जाता था, जबकि जो काम में ठीक निकलते थे उन्हें अपने पास रख लिया जाता था।
आसपास के गांवों में भी जुटाई जा रही जानकारी
कोतवाल हरिशंकर चंद ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के गांवों में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि कहीं और तो इस तरह बंधुआ मजदूरी नहीं कराई जा रही। यदि कहीं भी ऐसी सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जगनेवा गांव में नौ मई की रात कोतवाली पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया था। इनमें दिल्ली के विजय नगर निवासी अनिल, बरेली निवासी वीरेंद्र, हमीरपुर के कछुआ कला निवासी प्रेमचंद्र व राठ क्षेत्र के बेगए गांव निवासी धर्मेंद्र शामिल हैं। पुलिस ने मजदूरों को गांव स्थित एक बंद कमरे से मुक्त कराया था, जहां उनसे अमानवीय परिस्थितियों में मजदूरी कराई जा रही थी।
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मुक्त कराए गए मजदूरों ने पुलिस को बताया कि उनसे दिन-रात कठोर काम कराया जाता था। खाने के नाम पर कभी थोड़ा दाल-चावल तो कभी एक-दो रोटियां दी जाती थीं। जरा सी गलती होने पर उनको पीटा जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि हरिहर प्रसाद दांतरे और उसका बेटा अवधेश उर्फ बबलू ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो घर से भटके हुए हों या जिनके बारे में ज्यादा पूछताछ करने वाला कोई न हो।
दोनों पहले ऐसे लोगों से दोस्ती करते, उन्हें सहारा और काम दिलाने का भरोसा देते और फिर अपने यहां ले जाकर मजदूरी कराते थे।
पुलिस ने हरिहर प्रसाद को मौके से गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अवधेश उर्फ बबलू फरार था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार रात कोतवाली प्रभारी हरिशंकर चंद को सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही एसआई राजेश वशिष्ठ और निसार अहमद पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और देर रात दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी अवधेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह आसपास घूमकर ऐसे लोगों की तलाश करता था जो घर से भागे हुए हों या जिनके बारे में कोई पूछने वाला न हो। ऐसे लोगों को वह मीठी बातों में फंसाकर अपने साथ ले आता था।
आरोपी ने यह भी कबूला कि अब तक वह करीब छह लोगों को इस तरह अपने यहां मजदूरी कराने के लिए ला चुका है। जो लोग काम नहीं कर पाते थे, उन्हें छोड़ दिया जाता था, जबकि जो काम में ठीक निकलते थे उन्हें अपने पास रख लिया जाता था।
आसपास के गांवों में भी जुटाई जा रही जानकारी
कोतवाल हरिशंकर चंद ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के गांवों में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि कहीं और तो इस तरह बंधुआ मजदूरी नहीं कराई जा रही। यदि कहीं भी ऐसी सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।