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Jalaun News: आरोपी महिला सिपाही की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज
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उरई। कुठौंद थाना प्रभारी की पिस्टल की गोली लगने से हुई मौत के मामले में जेल में बंद महिला सिपाही की जमानत याचिका को सोमवार को कोर्ट ने दोबारा खारिज कर दिया है। 29 जनवरी को भी उसकी याचिका खारिज की गई थी। मामले में पुलिस ने अभी तक चार्जशीट भी दाखिल नहीं की है।
कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की पांच दिसंबर को पिस्टल की गोली लगने से मौत हो गई थी। उनके कमरे से कोंच में तैनात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा भागती हुई बाहर निकली थी और उसने ही थाना प्रभारी की मौत की जानकारी अन्य कर्मचारियों को दी थी। सूचना पर पहुंची थाना प्रभारी की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, यहां से उसे जेल भेज दिया गया था। तभी से वह जेल में बंद है।
सोमवार को सिपाही मीनाक्षी शर्मा की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। जिस पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस हुई। जिला जज विरजेंद्र कुमार सिंह ने पत्रावली का अवलोकन कर जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले 29 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने सिपाही मीनाक्षी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। फिलहाल अभी तक कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल नहीं हुआ है।
हत्या या आत्महत्या की नहीं सुलझ सकी गुत्थी
थाना प्रभारी की मौत पिस्टल की गोली लगने से हुई थी। घटना के बाद जब साथी कर्मचारियों को जानकारी हुई तो वह उनके कमरे में पहुंचे तो देखा कि पिस्टल उनके सीने पर रखी है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने खुद गोली मारी थी कि उनकी हत्या की गई थी। पुलिस इसकी जांच करने की बात कह रही है।
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कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय की पांच दिसंबर को पिस्टल की गोली लगने से मौत हो गई थी। उनके कमरे से कोंच में तैनात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा भागती हुई बाहर निकली थी और उसने ही थाना प्रभारी की मौत की जानकारी अन्य कर्मचारियों को दी थी। सूचना पर पहुंची थाना प्रभारी की पत्नी माया राय ने महिला सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, यहां से उसे जेल भेज दिया गया था। तभी से वह जेल में बंद है।
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सोमवार को सिपाही मीनाक्षी शर्मा की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विरजेंद्र कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। जिस पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस हुई। जिला जज विरजेंद्र कुमार सिंह ने पत्रावली का अवलोकन कर जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले 29 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने सिपाही मीनाक्षी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। फिलहाल अभी तक कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल नहीं हुआ है।
हत्या या आत्महत्या की नहीं सुलझ सकी गुत्थी
थाना प्रभारी की मौत पिस्टल की गोली लगने से हुई थी। घटना के बाद जब साथी कर्मचारियों को जानकारी हुई तो वह उनके कमरे में पहुंचे तो देखा कि पिस्टल उनके सीने पर रखी है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने खुद गोली मारी थी कि उनकी हत्या की गई थी। पुलिस इसकी जांच करने की बात कह रही है।