Jalaun News: बारिश से जलभराव व बिजली की आफत, रबी की फसलों को मिली जान
मंगलवार रातभर हुई बारिश के दौरान जिले में करीब आठ मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बीते कई दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी थी। मटर और मसूर की फसलों के पौधे मुरझाने लगे थे। हालात ऐसे हो गए थे कि किसान निजी नलकूपों से सिंचाई कराने के लिए मजबूर थे। डीजल, बिजली और पानी के बढ़ते खर्च ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी थी।
मंगलवार की शाम अचानक मौसम ने करवट ली। पहले बूंदाबांदी शुरू हुई, जिसे किसान सामान्य मान रहे थे, लेकिन कुछ ही देर में बारिश तेज हो गई और यह सिलसिला पूरी रात चलता रहा। इससे खेतों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के भरपूर पानी मिल गया। किसानों का कहना है कि निजी नलकूप संचालक रुपये लेने के बावजूद समय पर पानी नहीं दे रहे थे। ऐसे में यह बारिश उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खेतों में नमी बढ़ने से पौधों की जड़ें मजबूत होंगी। फसल की बढ़वार बेहतर होगी और उपज में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
यह बारिश गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। खेतों में नमी बढ़ने से उपज में सुधार होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
— विस्टर जोशी, कृषि वैज्ञानिक, केबीके
क्षेत्र में बारिश से खुशहाली, दर्जनों गांवों में राहत
आटा। मंगलवार की शाम करीब चार बजे से हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई जो रात तक जारी रही। बुधवार तड़के करीब तीन बजे लगभग एक घंटे तक लगातार बारिश होने से खेतों में पानी नजर आने लगा। आटा के साथ संदी, पिपरायां, भभुआ, अकोढ़ी, अमीसा, परासन समेत दर्जनों गांवों में किसान खुश नजर आए। संदी के किसान संजय पटेल ने बताया कि बारिश से गेहूं की बढ़वार में तेजी आएगी। अकोढ़ी के किसान श्रीराम ने कहा कि मटर और सरसों की फसल को खास लाभ मिलेगा। अमीसा गांव के किसान रविंद्र ने बताया कि चना और मसूर की पैदावार में सुधार की पूरी संभावना है। वहीं, आटा के किसान शशिकांत तिवारी ने कहा कि बूंदाबांदी से फसलों में लगे कीटों का प्रकोप कम होगा और सिंचाई का खर्च भी घटेगा। (संवाद)
मौसम हुआ सुहावना, फसलों की बढ़वार को मिलेगा सहारा
जालौन। सोमवार की शाम और रात में हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। किसान विजय शर्मा, ब्रजेश उदैनिया, सुनील श्रीवास्तव और राजीव माहेश्वरी ने बताया कि मटर और चना जैसी फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हुई है। गेहूं की बोआई का समय चल रहा है। ऐसे में प्राकृतिक पानी मिलने से सिंचाई का खर्च कम होगा और फसल पर सकारात्मक असर पड़ेगा। (संवाद)
एट और कोंच में भी बारिश का असर, कहीं राहत तो कहीं चिंता
एट/कोंच। मंगलवार की शाम से मौसम बदल गया। पहले हल्की बूंदाबांदी और फिर रात में गरज के साथ बारिश हुई। तेज धूप से सूख रही गेहूं, मटर, चना और सरसों की फसलों में जान लौट आई। मंगलवार रात हुई बारिश का असर फसलों पर मिला-जुला रहा। ग्राम खकसीस निवासी किसान राम प्रकाश सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल को लाभ हुआ है, जबकि हरी मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। ग्राम महतवानी निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि आगे भी बारिश जारी रही तो दलहन फसलों को नुकसान हो सकता है। (संवाद)
एचटी लाइन टूटी, चार गांवों की बिजली गुल
आटा। बारिश के दौरान आटा विद्युत उपकेंद्र से पिपरायां जाने वाली एचटी लाइन का तार टूट गया। इससे भभुआ, आटा, चमारी और पिपरायां गांवों की बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे तक ठप रही। लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी और सुबह पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा। सुबह लाइनमैनों ने फाल्ट खोजकर टूटे तार को जोड़ा, इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की हवा और बारिश में ही जर्जर लाइनें फाल्ट कर जाती हैं। जेई बिजली निगम नवनीत अग्रवाल ने बताया कि तार जोड़कर सप्लाई सुचारू करा दी गई है। (संवाद)

फोटो - 03 बारिश होने से खेत में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : यूरिया की बोरी की इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तोल कराते सेवा भारती के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल।

फोटो - 03 बारिश होने से खेत में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : यूरिया की बोरी की इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तोल कराते सेवा भारती के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल।

फोटो - 03 बारिश होने से खेत में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : यूरिया की बोरी की इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तोल कराते सेवा भारती के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल।

फोटो - 03 बारिश होने से खेत में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : यूरिया की बोरी की इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तोल कराते सेवा भारती के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल।

फोटो - 03 बारिश होने से खेत में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : यूरिया की बोरी की इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर तोल कराते सेवा भारती के जिलाध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल।
