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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Sought justice for everything from her husband's physical abuse to her daughter's death.

Jalaun News: पति की मारपीट से लेकर बेटी की मौत तक मांगा न्याय

Wed, 29 Jul 2026 01:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:02 AM IST
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Sought justice for everything from her husband's physical abuse to her daughter's death.
फोटो - 18 जन सुनवाई करतीं महिला आयोग की सदस्य अनुपमा लोधी। संवाद
उरई। राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा सिंह लोधी ने मंगलवार को विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में महिला जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में कुल 12 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, इस पर उन्होंने निस्तारण के निर्देश दिए। शिकायतों में पति की मारपीट से लेकर बेटी की मौत के मामले में पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाई।
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जनसुनवाई के दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि उसका पति शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। कई बार थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने आयोग से न्याय दिलाने की गुहार लगाई। इस पर सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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इसी जनसुनवाई में जालौन के ग्राम बरियापुर निवासी संतोष चौधरी ने अपनी बेटी हीना की महाराष्ट्र के ठाणे जिले में इलाज के दौरान हुई मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी की शादी 20 नवंबर 2025 को धंतौली निवासी सोनू भास्कर से हुई थी। विवाह के बाद से ही दहेज और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर पति, सास, ससुर और देवर द्वारा उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि 14 जून को तबीयत बिगड़ने पर उसे उल्हासनगर के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 23 जून 2026 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि मौत सामान्य नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनसुनवाई के दौरान सदस्य अनुपमा सिंह लोधी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामलों सहित महिला उत्पीड़न के प्रत्येक प्रकरण में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का नियमित अनुश्रवण किया जाए ताकि किसी भी मामले में अनावश्यक विलंब न हो।
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जनसुनवाई के दौरान परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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