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Jalaun News: बदहाल यमुना पुल पर बढ़ा खतरा, मरम्मत में सुस्ती से लोगों में डर

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 12:29 AM IST
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The dilapidated Yamuna bridge is in danger, and people are afraid due to the slow pace of repairs.
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कालपी। पुराने यमुना पुल की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। समय रहते मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम न किए गए तो पुल के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएचएआई पुल की दुर्दशा को लेकर गंभीर नहीं है जबकि दूसरी ओर इसी मार्ग पर सिक्स लेन परियोजना की तैयारियां की जा रही हैं।
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यह पुल वर्ष 1980 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इसकी तकनीक को बेहद खास माना गया था। पुल से भारी वाहन गुजरने पर इसमें हल्का जंप महसूस होता है, जो अन्य पुलों में देखने को नहीं मिलता। शुरुआती वर्षों में पुल के रखरखाव और टोल वसूली की जिम्मेदारी सेतु निगम के पास थी, जिससे समय-समय पर मरम्मत होती रहती थी लेकिन टोल अवधि समाप्त होने के बाद पुल के रखरखाव में लापरवाही बढ़ने लगी। वर्ष 2003 में पुल और हाईवे की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंप दी गई। लोगों को उम्मीद थी कि व्यवस्था सुधरेगी लेकिन हालात बिगड़ते चले गए।
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हाईवे बनने के बाद इस पुल पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया। वर्ष 2016 में ओवरलोड वाहनों के कारण पुल की एक बीम टूट गई थी। इसके बाद करीब छह माह तक यातायात प्रभावित रहा। मरम्मत करने वाली कंपनी ने तब स्पष्ट रूप से ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की सलाह दी थी। कुछ समय तक इसका पालन भी हुआ लेकिन बाद में फिर से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।



स्थानीय लोगों का कहना है कि समय के साथ पुल की देखरेख करने वाली कंपनियां अपना कार्यकाल पूरा कर निकलती रहीं लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचआईटी कंपनी के पास है। कंपनी ने मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने का दावा किया था लेकिन मौके पर काम की रफ्तार बेहद धीमी दिखाई दे रही है।

पुल की रेलिंग कई स्थानों पर टूट चुकी है। भारी वाहन गुजरने पर पुल का कुछ हिस्सा तेज कंपन करता है जिससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों में डर बना रहता है। लोगों को हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका सताती रहती है। वहीं, एनएचआईटी के प्रबंधक इंग्लिश शर्मा ने बताया कि पुल की मरम्मत का एस्टीमेट बना लिया गया है। जल्द इसकी मरम्मत कराई जाएगी।

विधायक कई बार उठा चुके जाली लगाने की मांग

क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी कई बार पुल की रेलिंग पर ऊंची जाली लगाए जाने की मांग कर चुके हैं, ताकि घटनाओं पर रोक लग सके। इसके बावजूद एनएचएआई ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

प्रशासन ने भी लिखा पत्र फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखकर जाली लगाने और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की थी। बावजूद इसके एनएचएआई की ओर से अब तक कोई गंभीर पहल नहीं की गई है।
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