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Jalaun News: सड़क बनाई नहीं कर दिया लाखों का भुगतान

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jan 2026 12:10 AM IST
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The road was not built, but millions of rupees were paid.
फोटो - 03 नरेंद्र के मकान तक गायब इंटरलाकिंग सड़क। संवाद
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उरई। कदौरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरहना आलमगीर में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। प्रधान पर आरोप है कि बिना कार्य कराए ही फर्जी एस्टीमेट और वाउचर तैयार कर सरकारी खाते से नौ लाख रुपये का भुगतान करा लिया। मामले के सामने आने के बाद गांव में आक्रोश है और ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ई-स्वराज पोर्टल पर दर्ज कराई है।
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ग्रामीणों के अनुसार इंद्रपाल के मकान से गोशाला तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के नाम पर एक ही कार्य का बार-बार भुगतान दर्शाया गया है। मौके पर स्थिति इसके ठीक उलट है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर महज करीब 50 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क ही डाली गई है, लेकिन कागजों में इसका कई गुना भुगतान दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
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बिल-वाउचर के अनुसार इंटरलॉक मार्ग निर्माण के लिए 29 अक्तूबर 2024 को 2 लाख 59 हजार रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इसके बावजूद 8 अक्तूबर 2025 को उसी कार्य के नाम पर दोबारा भुगतान दर्शा दिया गया। इस दौरान दो अलग-अलग वाउचर तैयार किए गए। इसमें एक 2,02,392 रुपये का और दूसरा 3,47,614 रुपये का।
दोनों वाउचरों में गोशाला से नरेंद्र के मकान तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण दर्शाया गया है। इस तरह महज 50 मीटर सड़क के लिए कुल नौ लाख रुपये का भुगतान कागजों में दिखाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्त भुगतान पांचवें राज्य वित्त आयोग की धनराशि से किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी हकीकत और सरकारी अभिलेखों में भारी अंतर है। मौके पर कार्य की मात्रा बेहद सीमित है, जबकि कागजों में विकास कार्यों को बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया गया है।

ग्रामीण अनिल, भूरा, राजेश और जीतू का कहना है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान और संबंधित पंचायत कर्मियों की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में भी इसी तरह सरकारी योजनाओं में घोटाले होते रहेंगे।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गबन की गई धनराशि की वसूली की मांग की है। वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि ई-स्वराज पोर्टल पर प्राप्त शिकायत की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



ब्लॉक क्षेत्र में कई पहले भी मामले हो चुके उजागर
ब्लॉक क्षेत्र में यह कोई पहला मामला नहीं है। यहां पहले भी कई मामले उजागर हो चुके हैं। ब्लॉक के उकासा गांव में बिना काम के करीब तीन लाख से अधिक का भुगतान करा लिया गया था। जांच में अधिकारियों ने पाया था कि जिस जगह का भुगतान दिखाया गया था, वहां काम कभी नहीं हुआ है। इसके साथ ही इमलिया गांव में भी फर्जी तरीके से काम को दिखाकर भुगतान करा लिया गया था।



वर्जन

इसकी जानकारी मिली है। जांच करवाई जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

- केके सिंह, सीडीओ

सड़क का काम पहले हो चुका था। रनिंग का भुगतान कराया गया है।



मधु कुमारी, ग्राम प्रधान कुरहना आलमगीर।
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