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Jalaun News: वाहन में घुसी पिकअप, पशु व्यापारी दो भाइयों की मौत
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फोटो - 03 मृतक नासिर की फाइल फोटो।
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कुठौंद/कोंच। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को ललितपुर से इटावा के पशु बाजार जा रहा लोडर आगे जा रहे अज्ञात वाहन में जा घुसी। हादसे में लोडर सवार पशु व्यापारी दोनों भाइयों की मौत हो गई। लोडर चालक भी घायल हुआ है। हादसे की वजह लोडर चालक को आई झपकी बताई जा रही है।
ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम अंधेर निवासी शेर सिंह (30) पिकअप से एक भैंस और उसके बच्चे को लेकर इटावा के परसूपुरा पशु बाजार जा रहे थे। पिकअप में भैंस मालिक कोंच के अराजीलेन निवासी शाहिद (35) व उसका भाई नासिर (30) भी सवार थे। पिकअप जैसे ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंची सफर के दौरान चालक को झपकी आ गई। इससे अनियंत्रित पिकअप आगे चल रहे अज्ञात वाहन के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर अफरातफरी का माहौल रहा।
सूचना मिलते ही पीआरवी पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर जिला अस्पताल औरैया भेजा। चिकित्सकों ने वहां शाहिद और नासिर को मृत घोषित कर दिया, जबकि चालक शेर सिंह का उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया गया कि मृतक सगे भाई थे और पशुओं को बेचने का काम करते थे। बताया कि वह चार भाई हैं।
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हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों मृतक पशु व्यापार से जुड़े थे और पशु खरीद-बिक्री के सिलसिले में इटावा जा रहे थे।
कुठौंद थाना प्रभारी जगदंबा द्विवेदी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को झपकी आना प्रतीत हो रहा है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
दुधारू भैंसों के कारोबार से चलता था परिवार, हादसे ने छीन लिए दो सहारे
उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में सगे भाइयों सईद कुरैशी और नासिर कुरैशी की मौत ने एक ऐसे परिवार को तोड़ दिया, जिसकी रोजी-रोटी वर्षों से दुधारू पशुओं के कारोबार से जुड़ी थी। परिवार के चारों भाई मिलकर इस कारोबार को संभालते थे और मेहनत के दम पर घर का खर्च चलाते थे।
परिजनों के मुताबिक बड़े भाई शहीद कुरैशी और छोटे भाई नासिर कुरैशी आसपास के क्षेत्रों और बाहर से अच्छी नस्ल की दुधारू भैंसें खरीदकर लाते थे। वहीं उनके भाई शकील कुरैशी और आसिफ कुरैशी कोंच व आसपास के इलाकों में इन पशुओं की बिक्री का काम संभालते थे। चारों भाइयों की मेहनत से परिवार की गाड़ी चल रही थी।
गुरुवार को भी दोनों भाई इसी काम के सिलसिले में दुधारू भैंस खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। सईद की मौत से जहां पत्नी और पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं नासिर की मौत से पत्नी और दो बच्चों का सहारा छिन गया। नासिर का सबसे छोटा बच्चा अभी महज करीब सात माह का है।
पिता शरीफ कुरैशी (60) के सामने दो बेटों की मौत का दुख पहाड़ जैसा टूट पड़ा है। चार शादीशुदा बहनों को जब भाइयों की मौत की खबर मिली तो वे भी बदहवास होकर मायके पहुंच गईं। घर में चीख-पुकार मची हुई है।
परिजनों का कहना है कि दोनों भाई परिवार के लिए सिर्फ कमाने वाले सदस्य नहीं थे, बल्कि कारोबार की मजबूत कड़ी थे। (संवाद)
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ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम अंधेर निवासी शेर सिंह (30) पिकअप से एक भैंस और उसके बच्चे को लेकर इटावा के परसूपुरा पशु बाजार जा रहे थे। पिकअप में भैंस मालिक कोंच के अराजीलेन निवासी शाहिद (35) व उसका भाई नासिर (30) भी सवार थे। पिकअप जैसे ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पहुंची सफर के दौरान चालक को झपकी आ गई। इससे अनियंत्रित पिकअप आगे चल रहे अज्ञात वाहन के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर अफरातफरी का माहौल रहा।
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सूचना मिलते ही पीआरवी पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर जिला अस्पताल औरैया भेजा। चिकित्सकों ने वहां शाहिद और नासिर को मृत घोषित कर दिया, जबकि चालक शेर सिंह का उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया गया कि मृतक सगे भाई थे और पशुओं को बेचने का काम करते थे। बताया कि वह चार भाई हैं।
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हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। दोनों मृतक पशु व्यापार से जुड़े थे और पशु खरीद-बिक्री के सिलसिले में इटावा जा रहे थे।
कुठौंद थाना प्रभारी जगदंबा द्विवेदी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को झपकी आना प्रतीत हो रहा है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
दुधारू भैंसों के कारोबार से चलता था परिवार, हादसे ने छीन लिए दो सहारे
उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में सगे भाइयों सईद कुरैशी और नासिर कुरैशी की मौत ने एक ऐसे परिवार को तोड़ दिया, जिसकी रोजी-रोटी वर्षों से दुधारू पशुओं के कारोबार से जुड़ी थी। परिवार के चारों भाई मिलकर इस कारोबार को संभालते थे और मेहनत के दम पर घर का खर्च चलाते थे।
परिजनों के मुताबिक बड़े भाई शहीद कुरैशी और छोटे भाई नासिर कुरैशी आसपास के क्षेत्रों और बाहर से अच्छी नस्ल की दुधारू भैंसें खरीदकर लाते थे। वहीं उनके भाई शकील कुरैशी और आसिफ कुरैशी कोंच व आसपास के इलाकों में इन पशुओं की बिक्री का काम संभालते थे। चारों भाइयों की मेहनत से परिवार की गाड़ी चल रही थी।
गुरुवार को भी दोनों भाई इसी काम के सिलसिले में दुधारू भैंस खरीदने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। सईद की मौत से जहां पत्नी और पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं नासिर की मौत से पत्नी और दो बच्चों का सहारा छिन गया। नासिर का सबसे छोटा बच्चा अभी महज करीब सात माह का है।
पिता शरीफ कुरैशी (60) के सामने दो बेटों की मौत का दुख पहाड़ जैसा टूट पड़ा है। चार शादीशुदा बहनों को जब भाइयों की मौत की खबर मिली तो वे भी बदहवास होकर मायके पहुंच गईं। घर में चीख-पुकार मची हुई है।
परिजनों का कहना है कि दोनों भाई परिवार के लिए सिर्फ कमाने वाले सदस्य नहीं थे, बल्कि कारोबार की मजबूत कड़ी थे। (संवाद)

फोटो - 03 मृतक नासिर की फाइल फोटो।

फोटो - 03 मृतक नासिर की फाइल फोटो।