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Jalaun News: साजिश के तहत सुपारी देकर कराई गई थी विजेंद्र की हत्या
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उरई। विजेंद्र हत्याकांड में पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार विजेंद्र की हत्या कोई अचानक हुआ अपराध नहीं, बल्कि पूरी साजिश बनाकर सुपारी देकर कराई गई थी। प्रेम संबंध में बाधा बने विजेंद्र को रास्ते से हटाने और करोड़ों रुपये के जमीन विवाद को निपटाने के लिए साजिश रची गई।
पुलिस के मुताबिक विजेंद्र से परेशान होकर सपना और मोहित ने हरियाणा के आजाद सरपंच से संपर्क किया था। दोनों को पता था कि विजेंद्र और सरपंच के बीच करीब पांच करोड़ रुपये की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी विवाद को आधार बनाकर हत्या की साजिश तैयार की गई और शूटरों को सुपारी देकर वारदात की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि हत्या से करीब 15 दिन पहले मोहित और सपना ने घटनास्थल की रेकी की थी। इसके बाद सरपंच के संपर्क से श्रीभगवान, संजीव उर्फ कोकिला और अमरजीत को हत्या के लिए तैयार किया गया। आरोप है कि उन्हें जमीन में हिस्सेदारी देने का लालच दिया गया था।
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पुलिस के अनुसार आरोपी रिनिया स्थित फार्म हाउस पहुंचे, जहां विजेंद्र मौजूद था। उसे उठाकर बंधक बनाया गया और हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया, जहां उसे जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि पहले शव को दफनाने की साजिश थी, लेकिन बाद में डीजल खरीदकर उसे जला दिया गया और हड्डियों को झाड़ियों में छिपा दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से अवशेष बरामद किए हैं।
पुलिस अब इस पूरे हत्याकांड में शामिल सभी किरदारों की भूमिका, सुपारी की रकम और जमीन विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं, जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा। - विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन।
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पुलिस के मुताबिक विजेंद्र से परेशान होकर सपना और मोहित ने हरियाणा के आजाद सरपंच से संपर्क किया था। दोनों को पता था कि विजेंद्र और सरपंच के बीच करीब पांच करोड़ रुपये की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी विवाद को आधार बनाकर हत्या की साजिश तैयार की गई और शूटरों को सुपारी देकर वारदात की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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जांच में सामने आया कि हत्या से करीब 15 दिन पहले मोहित और सपना ने घटनास्थल की रेकी की थी। इसके बाद सरपंच के संपर्क से श्रीभगवान, संजीव उर्फ कोकिला और अमरजीत को हत्या के लिए तैयार किया गया। आरोप है कि उन्हें जमीन में हिस्सेदारी देने का लालच दिया गया था।
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पुलिस के अनुसार आरोपी रिनिया स्थित फार्म हाउस पहुंचे, जहां विजेंद्र मौजूद था। उसे उठाकर बंधक बनाया गया और हत्या कर दी गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को हमीरपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया, जहां उसे जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि पहले शव को दफनाने की साजिश थी, लेकिन बाद में डीजल खरीदकर उसे जला दिया गया और हड्डियों को झाड़ियों में छिपा दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से अवशेष बरामद किए हैं।
पुलिस अब इस पूरे हत्याकांड में शामिल सभी किरदारों की भूमिका, सुपारी की रकम और जमीन विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं, जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा। - विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन।