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Jaunpur News: 1.58 करोड़ गबन में प्रधान, सचिव, जेई सहित 17 के खिलाफ प्राथमिकी
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-न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
-छह महीने पहले जिलाधिकारी व न्यायालय के आदेश हुई थी विकास कार्यों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज, जौनपुर। चारों गांव में पंचायत निधि से कराए गए विकास कार्य में 1.58 करोड़ के गबन के मामले में कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान, सचिव, जेई सहित 17 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
न्यायालय के आदेश पर थाने में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, उनके बेटे और पंचायत सचिव, अवर अभियंता सहित 17 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। चारों गांव के सेनपुर कला निवासी रमाशंकर यादव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि तत्कालीन ग्राम प्रधान शिवनाथ यादव का काम उनके बेटे बृजेश यादव देख रहे थे। 30 अक्तूबर 2016 से 24 दिसंबर 2020 तक अपने कार्यकाल में गांव सभा में नाली, खड़ंजा, शौचालय, आवास, हैंडपंप मरम्मत आदि सरकारी कार्यों में तत्कालीन बीडीओ को गुमराह करके कूटरचित बिल बाउचर तैयार करके बिना कोई काम कराए सत्यापन कराकर 1.58 करोड़ से अधिक रुपये का धोखाधड़ी की।
आवास का पैसा अपने रिश्तेदार के बैंक खाते में डालकर निकाल लिए। मजदूरी का पैसा भी रिश्तेदारों के खाते में डालकर निकाल लिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने 36 बिंदुओं पर जांच कराई, इसमें 1.58 करोड़ रुपये गबन किए जाने का मामला सामने आया। पूर्व में ग्राम प्रधान की ओर से कराए काम को भी दिखाकर पैसा निकाला गया था। ग्राम प्रधान और उसके बेटे बृजेश यादव दूसरे ब्लॉक के दूसरे गांव के राम आसरे यादव के खाते में आवास का पैसा भेजा। अकाउंट नंबर में भेजा पैसे जिस खाते में गया उस बैंक की शाखा धनियामऊ बाजार में स्थित है। अपने रिश्तेदार को ठेकेदार बताकर मजदूरी का पैसा भेज दिया। इसी तरह जो मजदूरों के खाते में जाना चाहिए।
इनसेट
मनरेगा का पैसा अपने रिश्तेदार के यहां प्रतापगढ़ में भेजा
आरोपी प्रधान बिना कोई काम कराए मनरेगा का पैसा अपने रिश्तेदार नरसिंह यादव ग्राम पीथापुर आसपुर देवसरा प्रतापगढ़ के खाते में भेज कर निकाल लिया गया। शिकायतकर्ता ने प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को दिया था। ऐसे में छह महीने पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर व उच्च न्यायालय के आदेश पर 36 बिंदुओं पर जांच की गई। जांच में गबन के आरोप सही पाए गए, कुल जांच में एक करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक गबन का मामला सामने आया। थानाध्यक्ष तरुन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मामले में सेक्रेटरी,जेई, ग्राम प्रधान और उनके पुत्र सहित 17 के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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इन फर्मों का लगाया फर्जी बिल
फामस ईट उद्योग, आर्यन ईट उद्योग, बालाजी इंटर प्राइजेज, सूर्या ब्रिक्स,एंड टाइल्स,पावर ईट, उद्योग, शिवजी इंटर प्राइजेज,रूद्र इटर प्राइजेज,अर्श इंटर प्राइजेज,शिव शंकर स्पेन पाइप उद्योग द्वारा फर्जी बिल वाउचर बना कर कमीशन लिया गया।
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-छह महीने पहले जिलाधिकारी व न्यायालय के आदेश हुई थी विकास कार्यों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज, जौनपुर। चारों गांव में पंचायत निधि से कराए गए विकास कार्य में 1.58 करोड़ के गबन के मामले में कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान, सचिव, जेई सहित 17 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
न्यायालय के आदेश पर थाने में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, उनके बेटे और पंचायत सचिव, अवर अभियंता सहित 17 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। चारों गांव के सेनपुर कला निवासी रमाशंकर यादव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि तत्कालीन ग्राम प्रधान शिवनाथ यादव का काम उनके बेटे बृजेश यादव देख रहे थे। 30 अक्तूबर 2016 से 24 दिसंबर 2020 तक अपने कार्यकाल में गांव सभा में नाली, खड़ंजा, शौचालय, आवास, हैंडपंप मरम्मत आदि सरकारी कार्यों में तत्कालीन बीडीओ को गुमराह करके कूटरचित बिल बाउचर तैयार करके बिना कोई काम कराए सत्यापन कराकर 1.58 करोड़ से अधिक रुपये का धोखाधड़ी की।
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आवास का पैसा अपने रिश्तेदार के बैंक खाते में डालकर निकाल लिए। मजदूरी का पैसा भी रिश्तेदारों के खाते में डालकर निकाल लिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने 36 बिंदुओं पर जांच कराई, इसमें 1.58 करोड़ रुपये गबन किए जाने का मामला सामने आया। पूर्व में ग्राम प्रधान की ओर से कराए काम को भी दिखाकर पैसा निकाला गया था। ग्राम प्रधान और उसके बेटे बृजेश यादव दूसरे ब्लॉक के दूसरे गांव के राम आसरे यादव के खाते में आवास का पैसा भेजा। अकाउंट नंबर में भेजा पैसे जिस खाते में गया उस बैंक की शाखा धनियामऊ बाजार में स्थित है। अपने रिश्तेदार को ठेकेदार बताकर मजदूरी का पैसा भेज दिया। इसी तरह जो मजदूरों के खाते में जाना चाहिए।
इनसेट
मनरेगा का पैसा अपने रिश्तेदार के यहां प्रतापगढ़ में भेजा
आरोपी प्रधान बिना कोई काम कराए मनरेगा का पैसा अपने रिश्तेदार नरसिंह यादव ग्राम पीथापुर आसपुर देवसरा प्रतापगढ़ के खाते में भेज कर निकाल लिया गया। शिकायतकर्ता ने प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को दिया था। ऐसे में छह महीने पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर व उच्च न्यायालय के आदेश पर 36 बिंदुओं पर जांच की गई। जांच में गबन के आरोप सही पाए गए, कुल जांच में एक करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक गबन का मामला सामने आया। थानाध्यक्ष तरुन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मामले में सेक्रेटरी,जेई, ग्राम प्रधान और उनके पुत्र सहित 17 के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
इन फर्मों का लगाया फर्जी बिल
फामस ईट उद्योग, आर्यन ईट उद्योग, बालाजी इंटर प्राइजेज, सूर्या ब्रिक्स,एंड टाइल्स,पावर ईट, उद्योग, शिवजी इंटर प्राइजेज,रूद्र इटर प्राइजेज,अर्श इंटर प्राइजेज,शिव शंकर स्पेन पाइप उद्योग द्वारा फर्जी बिल वाउचर बना कर कमीशन लिया गया।
