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Jaunpur News: एसओजी प्रभारी और दो थानाध्यक्षों समेत 23 पुलिसकर्मियों पर वाद दर्ज
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जौनपुर। दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मुठभेड़ के दौरान मारे गए आरोपी रवि यादव की मां अमरावती देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है।
उन्होंने फर्जी मुठभेड़ में बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। प्रभारी सीजेएम सौरभ कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने शुक्रवार को एसओजी प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला, थानाध्यक्ष खेतासराय प्रदीप कुमार सिंह, थानाध्यक्ष लाइन बाजार केके सिंह सहित समेत 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वाद दर्ज कर लिया। मामले में अदालत ने खेतासराय थाने से आख्या तलब की है। अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंधी निवासी अमरावती देवी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 1 मई 2026 को आजाद बिंद की हत्या के मामले में रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर को आरोपी बनाया गया था। रवि यादव पर इनाम घोषित होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से दिल्ली चला गया। आरोप है कि पुलिस 23 मई को दिल्ली स्थित सुरेंद्र कश्यप के आवास से रवि को गिरफ्तार कर जौनपुर ले आई और 24 मई की रात उसे सुरेरी थाने के लॉकअप में रखा। इसके बाद 25 मई की रात करीब 1:25 बजे गोरारी तिराहे के पास मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई।
प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रवि यादव के सीने में एक गोली आर-पार मिली, जिससे नजदीक से गोली मारने की आशंका जताई गई है।
यह भी आरोप लगाया गया कि मुठभेड़ के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। प्रार्थनापत्र के अनुसार, मामले में पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था।
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उन्होंने फर्जी मुठभेड़ में बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। प्रभारी सीजेएम सौरभ कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने शुक्रवार को एसओजी प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला, थानाध्यक्ष खेतासराय प्रदीप कुमार सिंह, थानाध्यक्ष लाइन बाजार केके सिंह सहित समेत 23 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वाद दर्ज कर लिया। मामले में अदालत ने खेतासराय थाने से आख्या तलब की है। अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंधी निवासी अमरावती देवी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, 1 मई 2026 को आजाद बिंद की हत्या के मामले में रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर को आरोपी बनाया गया था। रवि यादव पर इनाम घोषित होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से दिल्ली चला गया। आरोप है कि पुलिस 23 मई को दिल्ली स्थित सुरेंद्र कश्यप के आवास से रवि को गिरफ्तार कर जौनपुर ले आई और 24 मई की रात उसे सुरेरी थाने के लॉकअप में रखा। इसके बाद 25 मई की रात करीब 1:25 बजे गोरारी तिराहे के पास मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई।
प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रवि यादव के सीने में एक गोली आर-पार मिली, जिससे नजदीक से गोली मारने की आशंका जताई गई है।
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यह भी आरोप लगाया गया कि मुठभेड़ के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। प्रार्थनापत्र के अनुसार, मामले में पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था।
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