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नीट यूजी : फिजिक्स के करंट से छात्रों के छूटे पसीने
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नीट की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थी। संवाद
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मल्हनी। री-नीट (यूजी) प्रवेश परीक्षा रविवार को जिले के 17 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र पर चर्चा करते हुए कहा कि पेपर की शुरुआत में ही फिजिक्स के सवालों ने उलझा दिया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार भौतिक विज्ञान विषय के प्रश्नों का स्तर अधिक जटिल और घुमावदार रहे। इसके कारण प्रश्न हल करने में अधिक समय लगा। विद्युत के सवालों ने छात्रों को उलझाए रखा। सर्किट बनाकर उसका मान निकालने में अभ्यर्थी हलाकान रहे। पेपर कठिन होने के कारण अधिकांश अभ्यर्थियों ने पेपर हल करने की शुरुआत बायो के पेपर किया। दूसरे नंबर पर रसायन विज्ञान तो तीसरे पर फिजिक्स को रखा। फिजिक्स के सवालों को हल करने में अभ्यर्थियों को पसीने छूट रहे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र के स्तर और संभावित कटऑफ को लेकर चर्चा होती रही। अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान ने परीक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया, जबकि जीव विज्ञान का खंड अपेक्षाकृत संतुलित रहे।
-- भौतिक विज्ञान के अधिकांश प्रश्न अवधारणात्मक और पेचीदा थे। विद्युत सर्किट से जुड़े सवालों को हल करने में पसीने छूट रहे थे। अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल रटकर पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं था।-- सैयद नकी हैदर, बड़उर
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-- -री-नीट (यूजी) परीक्षा का स्तर काफी कठिन रहा इस बार। विशेषकर भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित और व्यवस्थित तैयारी करने की जरूरत है।-- -अनस खान
-- रसायन विज्ञान में रासायनिक अभिक्रियाओं और अवधारणाओं से जुड़े प्रश्न काफी घुमावदार थे। उनके अनुसार कई प्रश्नों का सही निष्कर्ष निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन सबसे बड़ी कठिनाई सामने आई। -- उत्कर्ष प्रजापति
-- प्राणि विज्ञान के सवाल अपेक्षाकृत आसान थे, लेकिन कुल मिलाकर प्रश्नपत्र पिछले वर्ष की तुलना में अधिक कठिन रहा। प्रश्नपत्र के स्तर को देखते हुए इस बार कटऑफ अधिक नहीं जाने की संभावना है।-- अंकित गुप्ता
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार भौतिक विज्ञान विषय के प्रश्नों का स्तर अधिक जटिल और घुमावदार रहे। इसके कारण प्रश्न हल करने में अधिक समय लगा। विद्युत के सवालों ने छात्रों को उलझाए रखा। सर्किट बनाकर उसका मान निकालने में अभ्यर्थी हलाकान रहे। पेपर कठिन होने के कारण अधिकांश अभ्यर्थियों ने पेपर हल करने की शुरुआत बायो के पेपर किया। दूसरे नंबर पर रसायन विज्ञान तो तीसरे पर फिजिक्स को रखा। फिजिक्स के सवालों को हल करने में अभ्यर्थियों को पसीने छूट रहे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र के स्तर और संभावित कटऑफ को लेकर चर्चा होती रही। अधिकांश अभ्यर्थियों का मानना था कि भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान ने परीक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया, जबकि जीव विज्ञान का खंड अपेक्षाकृत संतुलित रहे।
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