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Jaunpur News: फेरीवाले के बेटे ने रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में बना स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर
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जलालपुर। ग्राम सभा रेहटी के बनपुरवा गांव की कीर्ति यादव बिहार पीसीएस परीक्षा में सफल। स्रोत-प
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चंदवक। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के दम पर रतनूपुर गांव के प्रियांशु जायसवाल ने बड़ी सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त करते हुए उन्होंने 141वीं रैंक हासिल की है और स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर पद के लिए चयनित हुए हैं।
थाना चंदवक क्षेत्र के महुली-रतनूपुर निवासी प्रियांशु जायसवाल (30) जयप्रकाश जायसवाल के पुत्र हैं। पिता मुंबई में साइकिल पर फेरी लगाकर खिलौने बेचते हैं। मां चंदा जायसवाल एक छोटी किराना दुकान चलाती हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रियांशु ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
प्रियांशु ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा वाराणसी के यूपी कॉलेज से गणित वर्ग में प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 2019 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2024 में उन्होंने यूपीपीसीएस का इंटरव्यू भी दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी। महज दो माह बाद बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल हुए और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता अर्जित कर ली।
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प्रियांशु के पिता जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2020 से वह लगातार घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। सफलता का श्रेय प्रियांशु ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया है। शनिवार शाम जैसे ही चयन की सूचना रतनूपुर स्थित पैतृक आवास पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। प्रियांशु की सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
आंगनबाड़ी सहायिका की बिटिया ने बिहार पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई
जलालपुर। ग्राम सभा रेहटी के बनपुरवां गांव की रहने वाली बेटी कीर्ति यादव ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए बिहार पीसीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है।
बचपन में ही पिता कन्हैयालाल यादव के निधन के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, लेकिन माता सुशीला देवी ने हार नहीं मानी। आंगनबाड़ी में सहायिका के रूप में कार्यरत करते हुए उन्होंने अपनी बेटी की प्रतिभा पर विश्वास जताया और उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम भी आया कि बेटी ने बिहार पीसीएस परीक्षा में अपना स्थान हासिल कर ही लिया। कीर्ति ने शिक्षा दीक्षा सीएचएस (बीएचयू) से स्कूली शिक्षा और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक पूरा करने के बाद सिविल सेवा का रुख किया। उनकी इस सफलता में माता, भाई-बहनों और ननिहाल पक्ष का अहम योगदान रहा है। कीर्ति की उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
बिना कोचिंग प्रथम प्रयास में बीपीएससी पास, वीरेंद्र बने कल्याण अधिकारी
मुफ्तीगंज (जौनपुर)। नैपुरा गांव के युवा वीरेंद्र प्रताप राय ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण कर प्रखंड अनुसूचित जनजाति कल्याण अधिकारी पद पर चयनित होकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। वीरेंद्र ने बिना किसी कोचिंग की सहायता लिए स्व-अध्ययन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। उनका कहना है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।
करीब 18 वर्ष पूर्व पिता प्रताप नारायण राय के निधन के बाद उनकी माता साधना राय ने सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील बनाकर परिवार का पालन-पोषण किया और बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सीमित संसाधनों के बावजूद मां के त्याग और परिश्रम ने वीरेंद्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
वीरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता, बड़े भाई वीरेंद्र मोहन राय, परिवारजनों और ग्रामवासियों के सहयोग को दिया। चयन की सूचना मिलते ही गांव में बधाई देने वालों का तांता लग गया। क्षेत्र के संतोष राय, अरुण राय, ऋषिकांत राय, यशस्व राय, मन्नू पांडे, मुमताज और मनीष यादव समेत अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
थाना चंदवक क्षेत्र के महुली-रतनूपुर निवासी प्रियांशु जायसवाल (30) जयप्रकाश जायसवाल के पुत्र हैं। पिता मुंबई में साइकिल पर फेरी लगाकर खिलौने बेचते हैं। मां चंदा जायसवाल एक छोटी किराना दुकान चलाती हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रियांशु ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
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प्रियांशु ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा वाराणसी के यूपी कॉलेज से गणित वर्ग में प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 2019 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2024 में उन्होंने यूपीपीसीएस का इंटरव्यू भी दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी। महज दो माह बाद बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल हुए और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता अर्जित कर ली।
प्रियांशु के पिता जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2020 से वह लगातार घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। सफलता का श्रेय प्रियांशु ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया है। शनिवार शाम जैसे ही चयन की सूचना रतनूपुर स्थित पैतृक आवास पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। प्रियांशु की सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
आंगनबाड़ी सहायिका की बिटिया ने बिहार पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई
जलालपुर। ग्राम सभा रेहटी के बनपुरवां गांव की रहने वाली बेटी कीर्ति यादव ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए बिहार पीसीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है।
बचपन में ही पिता कन्हैयालाल यादव के निधन के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, लेकिन माता सुशीला देवी ने हार नहीं मानी। आंगनबाड़ी में सहायिका के रूप में कार्यरत करते हुए उन्होंने अपनी बेटी की प्रतिभा पर विश्वास जताया और उसे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम भी आया कि बेटी ने बिहार पीसीएस परीक्षा में अपना स्थान हासिल कर ही लिया। कीर्ति ने शिक्षा दीक्षा सीएचएस (बीएचयू) से स्कूली शिक्षा और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक पूरा करने के बाद सिविल सेवा का रुख किया। उनकी इस सफलता में माता, भाई-बहनों और ननिहाल पक्ष का अहम योगदान रहा है। कीर्ति की उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
बिना कोचिंग प्रथम प्रयास में बीपीएससी पास, वीरेंद्र बने कल्याण अधिकारी
मुफ्तीगंज (जौनपुर)। नैपुरा गांव के युवा वीरेंद्र प्रताप राय ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण कर प्रखंड अनुसूचित जनजाति कल्याण अधिकारी पद पर चयनित होकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। वीरेंद्र ने बिना किसी कोचिंग की सहायता लिए स्व-अध्ययन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। उनका कहना है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं।
करीब 18 वर्ष पूर्व पिता प्रताप नारायण राय के निधन के बाद उनकी माता साधना राय ने सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील बनाकर परिवार का पालन-पोषण किया और बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सीमित संसाधनों के बावजूद मां के त्याग और परिश्रम ने वीरेंद्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
वीरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता, बड़े भाई वीरेंद्र मोहन राय, परिवारजनों और ग्रामवासियों के सहयोग को दिया। चयन की सूचना मिलते ही गांव में बधाई देने वालों का तांता लग गया। क्षेत्र के संतोष राय, अरुण राय, ऋषिकांत राय, यशस्व राय, मन्नू पांडे, मुमताज और मनीष यादव समेत अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

जलालपुर। ग्राम सभा रेहटी के बनपुरवा गांव की कीर्ति यादव बिहार पीसीएस परीक्षा में सफल। स्रोत-प

जलालपुर। ग्राम सभा रेहटी के बनपुरवा गांव की कीर्ति यादव बिहार पीसीएस परीक्षा में सफल। स्रोत-प